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ॉकडाउन में शासनादेश के खिलाफ संबद्धीकरण का खेल

Sun, 17 May 2020 09:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2020 09:51 PM IST
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Affiliation game against the reigns
शासनादेेश के खिलाफ संबद्धीकरण का खेल
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फर्रुखाबाद। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग में लॉकडाउन के बीच शासनादेश को धता बताकर संबद्धीकरण का खेल किया गया। इसमें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का अनुमोदन भी नहीं लिया गया। और तो और मामला सेट हो जाने पर संबद्धीकरण को निरस्त भी कर दिया गया।
विभाग के निदेशक ने चार सितंबर 2017 को बिना अनुमति स्थानांतरण व संबद्धीकरण पर रोक लगा दी थी। लॉकडाउन में प्रमुख सचिव ने भी आदेश जारी कर बिना शासन की अनुमति स्थानांतरण नहीं होने की बात कही। इसके बावजूद जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाल विकास परियोजना नवाबगंज की सुपरवाइजर सुनीता उपाध्याय का एक मई को बढ़पुर से संबद्धीकरण समाप्त करने का आदेश जारी कर उन्हें मूल तैनाती स्थल नवाबगंज भेज दिया।
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15 मई को संबद्धता समाप्त कर दी गई। फिर 16 मई बढ़पुर से संबद्धता यथावत रहने का आदेश जारी कर दिया। पांच मई को कायमगंज में तैनात सुपरवाइजर विद्यावती को शमसाबाद संबद्ध किया गया। फिर शमसाबाद से संबद्धता समाप्त करते हुए नवाबगंज से संबद्ध कर दिया। इसी दिन आदेश जारी कर अवधेश कुमारी को बढ़पुर से नवाबगंज में संबद्ध कर दिया गया।
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बताया जा रहा है कि खरीद-फरोख्त में मनमानी करने को ब्लाकों में प्रभारी सीडीपीओ का भी चार्ज दिया जा रहा है। इसमें भी वरिष्ठता में अनियमितता की जा रही है। निदेशक की अनुमति लिए बिना ही मूल तैनाती के बजाय दूसरे ब्लाकों में संबद्धीकरण किया जा रहा है। अगस्त 2019 से अब तक नियम विरुद्ध एक दर्जन आदेश हो चुके हैं।

बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक शत्रुघ्न सिंह ने बताया कि निदेशक की बिना अनुमति स्थानांतरण व संबद्धीकरण करना गलत है। यदि डीपीओे ने बिना अनुमति आदेश किए हैं तो इसकी जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। डीपीओ ने बताया कि 65 सुपरवाइजर के सापेक्ष जनपद में मात्र 13 तैनात हैं। जरूरत के अनुसार सुपरवाइजरों का संबद्धीकरण किया गया है। इसमें निदेशक की अनुमति की कोई आवश्यकता नहीं है।
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