{"_id":"676842fd25b552bedb0a751c","slug":"administration-remained-strict-on-examination-centres-3685-candidates-left-pcs-exam-farrukhabad-news-c-222-1-frk1002-118895-2024-12-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: परीक्षा केंद्रों पर सख्त रहा प्रशासन , 3685 अभ्यर्थियों ने छोड़ी पीसीएस परीक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: परीक्षा केंद्रों पर सख्त रहा प्रशासन , 3685 अभ्यर्थियों ने छोड़ी पीसीएस परीक्षा
विज्ञापन
फर्रुखाबाद/कमालगंज। उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य प्रवर (प्रारंभिक) परीक्षा रविवार को कड़ी निगरानी के बीच हुई। अधिकारी परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। किसी को परीक्षा केंद्र के आसपास फटकने नहीं दिया जा रहा था। पंजीकृत 5952 में से 3605 ने परीक्षा छोड़ दी।
सुबह की पाली में 8.30 बजे परीक्षा शुरू होनी थी। समय से पहले ही अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र पर पहुंचना शुरू हो गया। रामानंद बालिका इंटर कॉलेज व रस्तोगी इंटर कॉलेज में मुख्य गेट पर चस्पा सूची में रोल नंबर देखने के लिए अभ्यर्थियों की होड़ सी लगी थी। मुख्यगेट पर सघन तलाशी के बाद प्रवेश करने दिया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास की दुकानें बंद थीं। पुलिसबल तैनात था।
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह व पुलिस अधीक्षक ने बद्री विशाल डिग्री कॉलेज, डीएन डिग्री कॉलेज और क्रिश्चियन इंटर कॉलेज समेत अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने रामानंद बालिका इंटर कॉलेज, कानौडिया बालिका इंटर कॉलेज और जीजीआईसी फतेहगढ़ का निरीक्षण किया। पहली पाली में पंजीकृत 5952 में 2267 व दूसरी पाली में इतने ही पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2277 ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
गिर सकता है कटऑफ, टाइम टेकिंग प्रश्न ज्यादा
आरपी महाविद्यालय कमालगंज परीक्षा केंद्र पर पहली पाली का पेपर देने के बाद लखनऊ के आनंद शर्मा ने बताया कि जिस तरह के प्रश्न आए, उससे इस बार कटऑफ गिरने की संभावना है। इस बार सटीक उत्तर तय करने में टाइम टेकिंग (ज्यादा समय लगने वाले) प्रश्नों की अधिकता रही। एक गलत उत्तर पर तिहाई अंक की कटौती के दंड का डर भी था।
पेपर टफ था, पर हल करने में आया आनंद
इटावा की प्रीति ने कहा कि इस बार का पेपर कुछ कठिन था। इसके बावजूद प्रश्न हल करने में आनंद आया। कालानुक्रमिक (क्रॉनिकल आर्डर) वाले प्रश्नों ने खूब उलझाया। कई प्रश्नों में विभिन्न शासनकाल व घटनाओं को बढ़ते हुए व घटते हुए समय काल के हिसाब से क्रम बनना था। इन प्रश्नों के उत्तर में समय अधिक गया।
शुरुआत के प्रश्नों ने दी खुशी, कथन व अभिकथन में भी उलझे
कन्नौज की आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि शुरूआत में आसान प्रश्न आए। कथन वाले प्रश्नों में अभिकथन (ए) व कारण (आर) वाले प्रश्न भी उलझाऊ थे।
एक प्रश्न ही गलत, विकल्प में नहीं दिया सुमेलित का सही उत्तर
लखनऊ के शशांक चौरसिया का कहना है कि पेपर में प्रश्न संख्या 44 ही गलत लग रहा है। दूसरी पाली के पेपर में 200 नंबर के 100 प्रश्न आए, जिसमें पात्रता के लिए अभ्यर्थियों को 67 अंक ही लाने हैं।
विज्ञापन
सुबह की पाली में 8.30 बजे परीक्षा शुरू होनी थी। समय से पहले ही अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र पर पहुंचना शुरू हो गया। रामानंद बालिका इंटर कॉलेज व रस्तोगी इंटर कॉलेज में मुख्य गेट पर चस्पा सूची में रोल नंबर देखने के लिए अभ्यर्थियों की होड़ सी लगी थी। मुख्यगेट पर सघन तलाशी के बाद प्रवेश करने दिया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास की दुकानें बंद थीं। पुलिसबल तैनात था।
विज्ञापन
जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह व पुलिस अधीक्षक ने बद्री विशाल डिग्री कॉलेज, डीएन डिग्री कॉलेज और क्रिश्चियन इंटर कॉलेज समेत अन्य परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। वहीं जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्र पाल सिंह ने रामानंद बालिका इंटर कॉलेज, कानौडिया बालिका इंटर कॉलेज और जीजीआईसी फतेहगढ़ का निरीक्षण किया। पहली पाली में पंजीकृत 5952 में 2267 व दूसरी पाली में इतने ही पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 2277 ने परीक्षा दी।
विज्ञापन
गिर सकता है कटऑफ, टाइम टेकिंग प्रश्न ज्यादा
आरपी महाविद्यालय कमालगंज परीक्षा केंद्र पर पहली पाली का पेपर देने के बाद लखनऊ के आनंद शर्मा ने बताया कि जिस तरह के प्रश्न आए, उससे इस बार कटऑफ गिरने की संभावना है। इस बार सटीक उत्तर तय करने में टाइम टेकिंग (ज्यादा समय लगने वाले) प्रश्नों की अधिकता रही। एक गलत उत्तर पर तिहाई अंक की कटौती के दंड का डर भी था।
पेपर टफ था, पर हल करने में आया आनंद
इटावा की प्रीति ने कहा कि इस बार का पेपर कुछ कठिन था। इसके बावजूद प्रश्न हल करने में आनंद आया। कालानुक्रमिक (क्रॉनिकल आर्डर) वाले प्रश्नों ने खूब उलझाया। कई प्रश्नों में विभिन्न शासनकाल व घटनाओं को बढ़ते हुए व घटते हुए समय काल के हिसाब से क्रम बनना था। इन प्रश्नों के उत्तर में समय अधिक गया।
शुरुआत के प्रश्नों ने दी खुशी, कथन व अभिकथन में भी उलझे
कन्नौज की आकांक्षा मिश्रा ने कहा कि शुरूआत में आसान प्रश्न आए। कथन वाले प्रश्नों में अभिकथन (ए) व कारण (आर) वाले प्रश्न भी उलझाऊ थे।
एक प्रश्न ही गलत, विकल्प में नहीं दिया सुमेलित का सही उत्तर
लखनऊ के शशांक चौरसिया का कहना है कि पेपर में प्रश्न संख्या 44 ही गलत लग रहा है। दूसरी पाली के पेपर में 200 नंबर के 100 प्रश्न आए, जिसमें पात्रता के लिए अभ्यर्थियों को 67 अंक ही लाने हैं।