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एसीएमओ ने छापा माराकर अवैध नर्सिंग होम सील किया
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एसीएमओ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार को छापा मारकर अवैध रूप से संचालित नर्सिंगहोम को सील कर दिया। संचालक मौके पर रजिस्ट्रेशन नहीं दिखा सके। चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ भी मौजूद नहीं मिला। मरीज पंजीकरण रजिस्टर भी नहीं दिखाया गया। छापे की सूचना पर वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। सभी पिछले गेट से निकल गए।
एसीएमओ डॉ. राजीव शाक्य के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को पुलिस के साथ कानपुर मार्ग स्थित स्टेट बैंक के नीचे बेसमेंट में चल रहे आरकेएच नर्सिंगहोम पहुंची। अधिकारियों के पहुंचते ही वहां भगदड़ मच गई। मौजूद लोग पिछले गेट से निकल गए। नर्सिंगहोम में 10 बेड पड़े थे। पर्दा डाल कर वार्ड बनाए गए थे।
बेड के पास बोतल चढ़ाने के स्टैंड आदि थे। इसी बीच पहुंचे नर्सिंगहोम संचालक से पंजीकरण मांगा गया तो वह नहीं दिखा सके। अधिकारियों ने मरीज पंजिका व अन्य अभिलेख दिखाने को कहा ये अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। नर्सिंगहोम में अधिकारियों को न तो डाक्टर मिले और न ही पैरामेडिकल स्टाफ।
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नर्सिंगहोम में उपलब्ध सभी उपकरण, दवाइयां आदि ऑपरेशन थियेटर में रखवाए गए। अधिकारियों ने संचालक से कहकर मिस्त्री को बुलवाकर ओटी के गेट में कुंडा लगवाया। इसके बाद जंजीर व ताला मंगवाए गए। जंजीर में ताला डालकर सील लगाई गई। इसके बाद नर्सिंगहोम के ऑफिस को सील किया गया।
एक माह से थी शिकायत, अस्पताल का मिला पूरा सेटअप अवैध नर्सिंगहोम सील किए जाने के बाद एसीएमओ ने बताया कि एक माह से इसके संचालन की विभिन्न स्रोतों से शिकायतें मिल रही थीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने भी अस्पताल में दलालों के घूमने व मरीजों के परिजनों को फुसलाकर अवैध नर्सिंगहोम में ले जाने की रिपोर्ट भेजी थी।
साक्ष्य के रूप में वीडियो क्लिप भी मिली थी। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर शनिवार को कस्बे में चल रहे अवैध नर्सिंगहोम पर छापा मारा गया। मौके पर अस्पताल का पूरा सेटअप मिडला। यहां ऑपरेशन होने के सबूत मिले लेकिन न शल्य चिकित्सक हैं और न ही पैरा मेडिकल स्टाफ है। नर्सिंगहोम पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित था।
एसीएमओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों को नर्सिंगहोम भेजे जाने में महिला स्वास्थ्य कर्मियों की मिलीभगत की शिकायतों की जांच कराई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसीएमओ के सामने कुछ लोगों ने शिकायत की कि कुछ महिला स्वास्थ्य कर्मचारी प्रसव कराने आने वाली महिलाओं को 2500 रुपये लेकर नर्सिंगहोम भेज देती हैं।
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एसीएमओ डॉ. राजीव शाक्य के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम शुक्रवार को पुलिस के साथ कानपुर मार्ग स्थित स्टेट बैंक के नीचे बेसमेंट में चल रहे आरकेएच नर्सिंगहोम पहुंची। अधिकारियों के पहुंचते ही वहां भगदड़ मच गई। मौजूद लोग पिछले गेट से निकल गए। नर्सिंगहोम में 10 बेड पड़े थे। पर्दा डाल कर वार्ड बनाए गए थे।
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बेड के पास बोतल चढ़ाने के स्टैंड आदि थे। इसी बीच पहुंचे नर्सिंगहोम संचालक से पंजीकरण मांगा गया तो वह नहीं दिखा सके। अधिकारियों ने मरीज पंजिका व अन्य अभिलेख दिखाने को कहा ये अभिलेख भी उपलब्ध नहीं कराए गए। नर्सिंगहोम में अधिकारियों को न तो डाक्टर मिले और न ही पैरामेडिकल स्टाफ।
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नर्सिंगहोम में उपलब्ध सभी उपकरण, दवाइयां आदि ऑपरेशन थियेटर में रखवाए गए। अधिकारियों ने संचालक से कहकर मिस्त्री को बुलवाकर ओटी के गेट में कुंडा लगवाया। इसके बाद जंजीर व ताला मंगवाए गए। जंजीर में ताला डालकर सील लगाई गई। इसके बाद नर्सिंगहोम के ऑफिस को सील किया गया।
एक माह से थी शिकायत, अस्पताल का मिला पूरा सेटअप अवैध नर्सिंगहोम सील किए जाने के बाद एसीएमओ ने बताया कि एक माह से इसके संचालन की विभिन्न स्रोतों से शिकायतें मिल रही थीं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने भी अस्पताल में दलालों के घूमने व मरीजों के परिजनों को फुसलाकर अवैध नर्सिंगहोम में ले जाने की रिपोर्ट भेजी थी।
साक्ष्य के रूप में वीडियो क्लिप भी मिली थी। मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर शनिवार को कस्बे में चल रहे अवैध नर्सिंगहोम पर छापा मारा गया। मौके पर अस्पताल का पूरा सेटअप मिडला। यहां ऑपरेशन होने के सबूत मिले लेकिन न शल्य चिकित्सक हैं और न ही पैरा मेडिकल स्टाफ है। नर्सिंगहोम पूरी तरह से अवैध रूप से संचालित था।
एसीएमओ ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों को नर्सिंगहोम भेजे जाने में महिला स्वास्थ्य कर्मियों की मिलीभगत की शिकायतों की जांच कराई जाएगी। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। एसीएमओ के सामने कुछ लोगों ने शिकायत की कि कुछ महिला स्वास्थ्य कर्मचारी प्रसव कराने आने वाली महिलाओं को 2500 रुपये लेकर नर्सिंगहोम भेज देती हैं।