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Farrukhabad News: बाजीगरीः कड़ाके की ठंड में तड़के ही ‘बा’ विद्यालय पहुंचते कर्मचारी
Wed, 31 Dec 2025 01:01 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 31 Dec 2025 01:01 AM IST
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फर्रुखाबाद। कस्तूरबा गांधी विद्यालय के कर्मचारी बहुत ही कर्मठ हैं, उन्हें छात्राओं की बहुत चिंता है। इसके लिए तो कुछ रात को तो कुछ तड़के ही कड़ाके की ठंड में विद्यालय पहुंच जाते हैं। यह बात पढ़कर आप चौंके नहीं, क्योंकि उनकी इस मेहनत की गवाही उपस्थिति दर्ज कराने वाला पोर्टल दे रहा है पर हकीकत इसके उलट है। यह शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी पढ़ाने व उपस्थिति दर्ज कराने में खेल कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों, कर्मचारियों और बच्चों की उपस्थिति सहित अन्य आवश्यक शैक्षिक क्रियाकलापों की निगरानी के लिए प्रेरणा पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से जनपद के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं व कर्मचारियों के विद्यालय में आने-जाने की सेल्फी के साथ हाजिरी दर्ज की जाती है।
इसके साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की उपस्थिति भी इसी पोर्टल पर दर्ज होती है। प्रेरणा पोर्टल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और मनमानी पर रोक लगाना है। यदि किसी शिक्षक, शिक्षिका या कर्मचारी को अवकाश लेना होता है, तो उसका आवेदन भी इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। इसके बाद संबंधित उच्च अधिकारी ऑनलाइन अवकाश की स्वीकृति प्रदान करते हैं।
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हालांकि, अब इस पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ कर्मचारियों ने पोर्टल से छेड़छाड़ कर मनमर्जी से हाजिरी लगाने के तरीके निकाल लिए हैं। ऐसा ही एक मामला कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कमालगंज से सामने आया है। यहां कार्यरत चपरासी रूपाली गुप्ता की 29 दिसंबर को पोर्टल लगी हाजिरी ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
सूत्र बताते हैं कि रूपाली गुप्ता ने भोर में तीन बजे पोर्टल पर विद्यालय से वापस आने की हाजिरी दर्ज की। इसके बाद उन्होंने सुबह करीब 10.30 बजे स्कूल पहुंचने की हाजिर लगाई है। अब सवाल उठता है कि वह पहुंचीं बाद में और वहां निकलने की पहले ही हाजिर लग गई। जबकि विद्यालय परिसर में पहुंचने पर ही पोर्टल खुलता है।
इसके बाद भी कई शिक्षक व कर्मचारी घर बैठे इस तरह रात में ही सुबह की हाजिरी भर रहे हैं। इस तरह का खेल जनपद के अन्य कस्तूरबा विद्यालयों में भी हो रहा है। यदि जांच कराई जाए तो कई शिक्षक व कर्मचारियों का खेल खुल सकता है। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि यदि इस तरह का कोई मामला है तो वह खंड शिक्षाधिकारी से जांच कराने के बाद कार्रवाई करेंगे।
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शिक्षा विभाग में शिक्षकों, कर्मचारियों और बच्चों की उपस्थिति सहित अन्य आवश्यक शैक्षिक क्रियाकलापों की निगरानी के लिए प्रेरणा पोर्टल है। इस पोर्टल के माध्यम से जनपद के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं व कर्मचारियों के विद्यालय में आने-जाने की सेल्फी के साथ हाजिरी दर्ज की जाती है।
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इसके साथ ही विद्यालय में अध्ययनरत छात्राओं की उपस्थिति भी इसी पोर्टल पर दर्ज होती है। प्रेरणा पोर्टल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाना और मनमानी पर रोक लगाना है। यदि किसी शिक्षक, शिक्षिका या कर्मचारी को अवकाश लेना होता है, तो उसका आवेदन भी इसी पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। इसके बाद संबंधित उच्च अधिकारी ऑनलाइन अवकाश की स्वीकृति प्रदान करते हैं।
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हालांकि, अब इस पोर्टल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। कुछ कर्मचारियों ने पोर्टल से छेड़छाड़ कर मनमर्जी से हाजिरी लगाने के तरीके निकाल लिए हैं। ऐसा ही एक मामला कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, कमालगंज से सामने आया है। यहां कार्यरत चपरासी रूपाली गुप्ता की 29 दिसंबर को पोर्टल लगी हाजिरी ने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
सूत्र बताते हैं कि रूपाली गुप्ता ने भोर में तीन बजे पोर्टल पर विद्यालय से वापस आने की हाजिरी दर्ज की। इसके बाद उन्होंने सुबह करीब 10.30 बजे स्कूल पहुंचने की हाजिर लगाई है। अब सवाल उठता है कि वह पहुंचीं बाद में और वहां निकलने की पहले ही हाजिर लग गई। जबकि विद्यालय परिसर में पहुंचने पर ही पोर्टल खुलता है।
इसके बाद भी कई शिक्षक व कर्मचारी घर बैठे इस तरह रात में ही सुबह की हाजिरी भर रहे हैं। इस तरह का खेल जनपद के अन्य कस्तूरबा विद्यालयों में भी हो रहा है। यदि जांच कराई जाए तो कई शिक्षक व कर्मचारियों का खेल खुल सकता है। बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि यदि इस तरह का कोई मामला है तो वह खंड शिक्षाधिकारी से जांच कराने के बाद कार्रवाई करेंगे।