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कलाकृतियों बना ओजोन परत सुरक्षा का लिया संकल्प
Farrukhabad
Updated Sun, 16 Sep 2012 12:00 PM IST
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कायमगंज। अंतर्राष्ट्रीय ओजोन संरक्षण दिवस की पूर्व संध्या पर सीपी विद्या निकेतन के डीएनए क्लब के छात्रों ने ओजोन परत और ग्रीन हाउस पर प्रभाव विषय पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में आकृतियां बनाकर विषय को जीवंत किया।
राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत इलाहाबाद के तत्वावधान में सीपी विद्या निकेतन में गठित डीएनए क्लब द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ओजोन संरक्षण दिवस की पूर्व संध्या पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विषय ओजोन परत और ग्रीन हाउस पर प्रभाव पर छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच को पेपर पर आकृतियां बनाकर प्रदर्शित किया। जिसमें छात्रों ने भौतिक विकास के नाम पर औद्योगीकरण, स्वचालित वाहन, प्रकृति का अंधाधुंध कटान और प्रकृति का अबाध दोहन से बिगड़ते संतुलन को दर्शाया गया।
डीएनए क्लब के समन्वयक डा. एनडी सिंह ने कहा कि ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से पृृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं की रक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। पृथ्वी के बिगड़ते पर्यावरण और क्लोरो-फ्लोरो कार्बन गैस के कारण ओजोन परत नष्ट होती जा रही है, जिससे पराबैंगनी किरणें पृथ्वी पर सीधे पहुंच रही हैं जिस कारण अनेकों गंभीर बीमारियाें का खतरा बढ़ गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का विद्यालय के प्रधानाचार्य पीरथ, योगेश तिवारी, डा. मनोज तिवारी, आरके वाजपेयी, एसके वाजपेयी, एके सिंह, ने उत्साह वर्धन किया। विद्यालय के संस्थापक चंद्र प्रकाश अग्रवाल, प्रबंधक सत्यप्रकाश अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मिथलेश अग्रवाल ने बच्चों की सकारात्मक सोच की दाद दी।
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राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी भारत इलाहाबाद के तत्वावधान में सीपी विद्या निकेतन में गठित डीएनए क्लब द्वारा अंतर्राष्ट्रीय ओजोन संरक्षण दिवस की पूर्व संध्या पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता के विषय ओजोन परत और ग्रीन हाउस पर प्रभाव पर छात्रों ने अपनी वैज्ञानिक सोच को पेपर पर आकृतियां बनाकर प्रदर्शित किया। जिसमें छात्रों ने भौतिक विकास के नाम पर औद्योगीकरण, स्वचालित वाहन, प्रकृति का अंधाधुंध कटान और प्रकृति का अबाध दोहन से बिगड़ते संतुलन को दर्शाया गया।
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डीएनए क्लब के समन्वयक डा. एनडी सिंह ने कहा कि ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों से पृृथ्वी पर मौजूद जीव-जंतुओं की रक्षा कवच के रूप में कार्य करता है। पृथ्वी के बिगड़ते पर्यावरण और क्लोरो-फ्लोरो कार्बन गैस के कारण ओजोन परत नष्ट होती जा रही है, जिससे पराबैंगनी किरणें पृथ्वी पर सीधे पहुंच रही हैं जिस कारण अनेकों गंभीर बीमारियाें का खतरा बढ़ गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों का विद्यालय के प्रधानाचार्य पीरथ, योगेश तिवारी, डा. मनोज तिवारी, आरके वाजपेयी, एसके वाजपेयी, एके सिंह, ने उत्साह वर्धन किया। विद्यालय के संस्थापक चंद्र प्रकाश अग्रवाल, प्रबंधक सत्यप्रकाश अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मिथलेश अग्रवाल ने बच्चों की सकारात्मक सोच की दाद दी।
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