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कपलिंग टूटने से दो हिस्से में बंटी कालिंदी
Farrukhabad
Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। भिवानी से कानपुर जा रही कालिंदी एक्सप्रेस की कपलिंग टूटने से शनिवार सुबह कमालगंज स्टेशन के पास दो हिस्सों में बंट गई। इससे बड़ा हादसा टल गया। ट्रेन का इंजन और तीन कोच डेढ़ किमी तक चले गए। इसका आभास होने पर चालक इंजन लेकर लौटा तब कोच जोड़े गए। इसके चलते कालिंदी एक्सप्रेस 35 मिनट वहां खड़ी रही। आश्चर्य की बात है कि ट्रेन के गार्ड को इसका पता नहीं चला।
कालिंदी एक्सप्रेस शनिवार सुबह आठ बजकर सात मिनट पर कमालगंज स्टेशन से कानपुर के लिए रवाना हुई। आरपी कालेज के सामने कपलिंग टूटने से इंजन और तीन डिब्बे ट्रेन से अलग हो गए। चालक इंजन लेकर डेढ़ किमी दूर रजीपुर स्थित एचएम कोल्ड तक पहुंच गया। चालक का ध्यान डिब्बों पर गया इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका। इसी बीच गुमटी संख्या 132 के गेटमैन ने स्टेशन अधीक्षक को गाड़ी के खड़ी होने की सूचना दी। इस पर स्टेशन अधीक्षक वहां पहुंचे और गार्ड बाबूराम मीणा से गाड़ी रुकने का कारण पूछा। गार्ड ने चेन पुलिंग में ट्रेन खड़ी होने की बात बताई, जबकि डिब्बे बिना इंजन के खड़े थे। उधर, वाकीटाकी पर ट्रेन चालक से बात कर इंजन को वापस लाया गया। डिब्बे जोड़ने वाले औजार न होने पर विद्युत सब स्टेशन से हथौड़ी मंगाकर डिब्बों को इंजन से जोड़ा गया। उसके बाद 35 मिनट विलंब से ट्रेन कानपुर के लिए रवाना हुई। इससे कानपुर से फर्रुखाबाद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 31 मिनट विलंबित हुई। स्टेशन अधीक्षक रामसजीवन ने बताया कि उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया है। जांच के बाद ही पता चल कि किसकी लापरवाही से हादसा हुआ। ट्रेन के चालक के मुताबिक कपलिंग टूटने से ट्रेन दो हिस्से में बंट गई। उसका कहना था कि इंजन जब डिब्बों से अलग हुआ तो रफ्तार कम थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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कालिंदी एक्सप्रेस शनिवार सुबह आठ बजकर सात मिनट पर कमालगंज स्टेशन से कानपुर के लिए रवाना हुई। आरपी कालेज के सामने कपलिंग टूटने से इंजन और तीन डिब्बे ट्रेन से अलग हो गए। चालक इंजन लेकर डेढ़ किमी दूर रजीपुर स्थित एचएम कोल्ड तक पहुंच गया। चालक का ध्यान डिब्बों पर गया इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका। इसी बीच गुमटी संख्या 132 के गेटमैन ने स्टेशन अधीक्षक को गाड़ी के खड़ी होने की सूचना दी। इस पर स्टेशन अधीक्षक वहां पहुंचे और गार्ड बाबूराम मीणा से गाड़ी रुकने का कारण पूछा। गार्ड ने चेन पुलिंग में ट्रेन खड़ी होने की बात बताई, जबकि डिब्बे बिना इंजन के खड़े थे। उधर, वाकीटाकी पर ट्रेन चालक से बात कर इंजन को वापस लाया गया। डिब्बे जोड़ने वाले औजार न होने पर विद्युत सब स्टेशन से हथौड़ी मंगाकर डिब्बों को इंजन से जोड़ा गया। उसके बाद 35 मिनट विलंब से ट्रेन कानपुर के लिए रवाना हुई। इससे कानपुर से फर्रुखाबाद जाने वाली पैसेंजर ट्रेन 31 मिनट विलंबित हुई। स्टेशन अधीक्षक रामसजीवन ने बताया कि उच्चाधिकारियों को इस मामले से अवगत कराया है। जांच के बाद ही पता चल कि किसकी लापरवाही से हादसा हुआ। ट्रेन के चालक के मुताबिक कपलिंग टूटने से ट्रेन दो हिस्से में बंट गई। उसका कहना था कि इंजन जब डिब्बों से अलग हुआ तो रफ्तार कम थी, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था।
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