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कमालगंज में अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू
Farrukhabad
Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
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कमालगंज (फर्रुखाबाद)। हाईकोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी की भूमि से कब्जा हटाने की दूसरी बार तैयारी शुरू कर दी। रविवार को अवकाश होने के बाद भी पीडब्ल्यूडी व नगर पंचायत के अधिकारी पूरे दिन कब्जे वाली भूमि चिंहाकित करने करने में जुटे रहे। इस दौरान अतिक्रमणकारियों की अधिकारियों से तकरार भी हुई, लेकिन अधिकारियों पर उनकी बात का कोई असर नहीं हुआ।
जिलाधिकारी का सख्त रुख देखकर प्रशासनिक अधिकारी अतिक्रमण हटाने में कोई कसर नहीं रखना चाहते हैं। इसी वर्ष नौ अप्रैल को अतिक्रमण हटाने के लियेे तत्कालीन एसडीएम सदर एके लाल लाव लश्कर के साथ अतिक्रमण हटवाने के लिए पहुंचे थे। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने पहले ही किसी नेता का फोन आ गया। इसके बाद कार्रवाई को रोक दिया गया था। अब जिलाधिकारी मुथू कुमार स्वामी बी के निर्देश पर जिले भर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एडीएम ने कमालगंज नगर पंचायत क्षेत्र की सीमा में पीडब्ल्यूडी की भूमि से कब्जे हटवाने का आदेश दिया है। एडीएम के आदेश के बाद आनन फानन में अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी। अतिक्रमण हटाने के लिये रविवार को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता नारायण सिंह, अवर अभियंता एके सिंहा, नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी सर्वेश कुमार, प्रधान लिपिक अनिल विश्रोई की देखरेख में पैमाईश व चिन्हांकन किया गया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों तथा अधिकारियों से तकरार भी हुई तथा कुछ लोगों ने अदालतों में वाद विचाराधीन होने का दावा करते हुये कागजात भी दिखाए। लेकिन अधिकरियों ने उनकी एक नहीं सुनी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने अवैध कब्जों को हटवाने का स्पष्ट आदेश दिया है। उसी आदेश के पालन में कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि डीएम के आदेश से पैमाईश की गई और अतिक्रमणकारियों को दस मई तक चिंहित स्थान से कब्जा हटाने का नोटिस दे दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि दस मई तक कब्जे न हटाए गए तो होने वाले नुकसान के लिए अतिक्रमणकारी स्वयं जिम्मेदार होगें।
उधर, मुन्नालाल, विशुनदयाल, रामकिशोर, सुरेश कुमार, रामसेवक, राजू यादव आदि का कहना है कि वह बाप दादा के समय से काबिज हैं। इस भूमि का टैक्स आदि अदा करते हैं। इसी भूमि पर उन्हें नल व बिजली के कनेक्शन दिए गए। अब इस भूमि को सरकारी बताकर तोड़फोड़ करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि अतिक्रमण ईमानदारी से हटाया जाना है तो उस सड़क के दोनों तरफ व परिषदीय स्कूल से लेकर नगर की पूर्वी सीमा तक हटाया जाना चाहिए। नगर पंचायत के नाले का निर्माण असरदार लोगों ने रुकवा दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। केवल गरीबों के खिलाफ ही अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाता है।
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जिलाधिकारी का सख्त रुख देखकर प्रशासनिक अधिकारी अतिक्रमण हटाने में कोई कसर नहीं रखना चाहते हैं। इसी वर्ष नौ अप्रैल को अतिक्रमण हटाने के लियेे तत्कालीन एसडीएम सदर एके लाल लाव लश्कर के साथ अतिक्रमण हटवाने के लिए पहुंचे थे। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू होने पहले ही किसी नेता का फोन आ गया। इसके बाद कार्रवाई को रोक दिया गया था। अब जिलाधिकारी मुथू कुमार स्वामी बी के निर्देश पर जिले भर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एडीएम ने कमालगंज नगर पंचायत क्षेत्र की सीमा में पीडब्ल्यूडी की भूमि से कब्जे हटवाने का आदेश दिया है। एडीएम के आदेश के बाद आनन फानन में अधिकारियों ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी शुरू कर दी। अतिक्रमण हटाने के लिये रविवार को पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता नारायण सिंह, अवर अभियंता एके सिंहा, नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी सर्वेश कुमार, प्रधान लिपिक अनिल विश्रोई की देखरेख में पैमाईश व चिन्हांकन किया गया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों तथा अधिकारियों से तकरार भी हुई तथा कुछ लोगों ने अदालतों में वाद विचाराधीन होने का दावा करते हुये कागजात भी दिखाए। लेकिन अधिकरियों ने उनकी एक नहीं सुनी। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने अवैध कब्जों को हटवाने का स्पष्ट आदेश दिया है। उसी आदेश के पालन में कब्जे हटाने की कार्रवाई की जा रही है। वहीं नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि डीएम के आदेश से पैमाईश की गई और अतिक्रमणकारियों को दस मई तक चिंहित स्थान से कब्जा हटाने का नोटिस दे दी गई है। उन्होंने बताया कि यदि दस मई तक कब्जे न हटाए गए तो होने वाले नुकसान के लिए अतिक्रमणकारी स्वयं जिम्मेदार होगें।
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उधर, मुन्नालाल, विशुनदयाल, रामकिशोर, सुरेश कुमार, रामसेवक, राजू यादव आदि का कहना है कि वह बाप दादा के समय से काबिज हैं। इस भूमि का टैक्स आदि अदा करते हैं। इसी भूमि पर उन्हें नल व बिजली के कनेक्शन दिए गए। अब इस भूमि को सरकारी बताकर तोड़फोड़ करने का प्रयास किया जा रहा है। यदि अतिक्रमण ईमानदारी से हटाया जाना है तो उस सड़क के दोनों तरफ व परिषदीय स्कूल से लेकर नगर की पूर्वी सीमा तक हटाया जाना चाहिए। नगर पंचायत के नाले का निर्माण असरदार लोगों ने रुकवा दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। केवल गरीबों के खिलाफ ही अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जाता है।
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