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सबद सुन हुए निहाल, हर-हर गंगे से गूंजे घाट
Farrukhabad
Updated Fri, 07 Nov 2014 05:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। कार्तिक पूर्णिमा पर श्रद्धालुआें ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। गंगा स्नान के लिए तटों पर भोर से ही लोगों का आना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर पूजन कर क था सुनी। मनौती पूरी होने पर गंगा को पहरावन भी चढ़ाई । शमसाबाद ढाईघाट पुल पर जाम की स्थिति रही। गोताखोर कहीं नजर नहीं आए। कमालगंज में बैरीकेडिंग से श्रद्घालुओं को राहत रही।
कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए शहर के गंगा घाटाें पर बुधवार की रात से ही दूर दराज इलाकों लोगाें का आना शुरू हो गया था। भोर होते ही तट हर हर गंगे के जयकारों से गूंजने लगे थे। स्नान के बाद सूर्य देवता अर्घ्य दिया। गंगा मां से मनौतियां मानी। कन्याओं को श्रद्धालुओं ने दान दिया। श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर सत्यनरायन की कथा सुनी।
जिले के अलावा शाहजहांपुर, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, एटा से आने वाले श्रद्धालुआें ने भी डुबकी लगाई। ट्रेनों व बसाें पर भी भीड़ रही। डग्गामार वाहनाें ने मनमाने तौर लोगों को भूसे की तरह भरा और जमकर अनाप-शनाप पैसे वसूले।
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शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार ढाईघाट पर हजारों श्रद्घालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। यहां श्रद्घालुओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। घाट पर न तो पर्याप्त पुलिसबल था और न ही गोताखोर। पुलिस बल की कमी से सुबह करीब 10 बजे कासिमपुर तराई स्थित पीपों के पुल पर जाम लग गया। जाम लगने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। हालांकि पूरे दिन रुक-रुककर जाम लगता रहा।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार श्रृंगीरामपुर घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को लेकर बैरीकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। बड़े वाहन रजीपुर और खुदागंज की ओर से होकर जा रहे थे, जिससे जाम नहीं लगा। स्नान के बाद श्रृंगीऋषि मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान एसओ यतेंद्र यादव सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहे।
डुबकी लगा कमाया पुण्य पर गंदी कर गए गंगा
कार्तिक स्नान करने आए लोग पुण्य कमा कर चले लेकिन गंगा को गंदा कर गए। रासायनिक रंगाें से रंगी प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां, पॉलीथिन में भरी पूजा सामग्री क ो लोगों ने गंगा में प्रवाहित कर दिया। इससे घाटों पर भी गंदगी का ढेर लग गया। दुर्गा व गणपति मूर्ति विसर्जन करने के दौरान प्रशासनिक अमला ने भी किसी को नहीं रोका।
प्लास्टर ऑफ पेरिस व रासायनिक रंगाें से रंगी मूर्तियाें के गंगा में प्रवाह करने पर रोक है। साथ गंगा को प्रदूषित करने वाली कोई भी सामग्री गंगा में नहीं फेंक सकते हैं। मूर्तियों के भूविसर्जन के आदेश हैं। गुरुवार को किसी भी घाट पर इस आदेश का पालन नहीं हुआ। पांचाल घाट पर मूर्तियाें को गंगा में लोगों ने विसर्जित किया। यही हाल रानी घाट, किला घाट, बरगदिया घाट, श्रंगीरामपुर, ढाई घाट व किला घाट का रहा। जिले में तकरीबन 10 से 15 हजार छोटी मूर्तियाें को गंगा में प्रवाह किया गया। गंगा तट पर पॉलीथिन का प्रयोग न करने का प्रतिबंध भी बेअसर रहा। गंगा स्वच्छता के सजग प्रहरी बतौर खुद को प्रचारित करने वाले चेहरे भी श्रद्धालुओं को ऐसा करने से मना करने नहीं पहुंचे।
गंगा स्नान करने पहुंचीं बजरिया की राममूर्ति, दुलारी ने बताया कि गंगा दिनों दिन गंदी होती जा रही हैं। मैनपुरी के जगन्नाथ, देवराज ने बताया कि आस्था तो ठीक है लेकिन गंगा को गंदा करना गलत है।
गंगा नहाने आए युवक की डूबकर मौत
शमसाबाद। बड़े भाई के साथ गंगा नहाने आए युवक की गंगा में डूबकर मौत हो गई। करीब पौन घंटे बाद गोताखोरों ने शव बाहर निकाला। घटनास्थल पर उप जिलाधिकारी और सीओ कायमगंज पहुंचे।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव अचरिया निवासी शिवम सक्सेना (22) पुत्र रामकिशोर सक्सेना अपने भाई सत्यम सक्सेना (27) के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर ढाईघाट स्थित गंगा नदी में स्नान करने आया था। सुबह करीब 8 बजे शिवम और सत्यम कासिमपुर तराई स्थित घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान शिवम गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। सत्यम ने शोर मचाया लेकिन गोताखोरों के न होने से उसे कोई बचा नहीं पाया। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रदीप यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद एसडीएम कायमगंज बीडी वर्मा और सीओ कायमगंज एके रावत भी पहुंच गए। एसडीएम ने गोताखोरों को बुलवाया। करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शिवम का शव बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। सत्यम ने बताया कि गोताखोर अगर मौके पर मौजूद होते तो उसके भाई की जान बच सकती थी।
जेबकतरों की चांदी
कार्तिक पूर्णिमा पर जेबकतरों की पौबारह रही। रजीपुर चौराहे पर गंगा स्नान करने जा रहे भूड़नगरिया निवासी रामऔतार की जेब कट गई। शक होने पर रामऔतार ने जेबकतरे को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। जेब कतरे ने अपना नाम अमित कुमार निवासी महरूपुर राबी बताया। उधर, शमसाबाद ढाईघाट पुल पर गंगा स्नान करने गए भूरे पुत्र रामगुलाम निवासी मोहल्ला चौखंडा शमसाबाद के उचक्कों ने कपड़े पार कर दिए। रामगुलाम ने बताया कि कपड़ों में 650 रुपये और मोबाइल रखा था।
दीपमाला कार्यक्रम से जगमगाया गुरुद्वारा
फर्रुखाबाद। श्री गुरुनानक प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारे में आतिशबाजी और दीपमाला कार्यक्रम धूमधाम के साथ किया गया। इस दौरान लंगर में श्रद्घालुओं ने जमकर प्रसाद छका। इससे पहले सुबह श्री अखंड पाठ साहब का समापन हुआ।
लोहाई रोड स्थित गुरुद्वारा में 4 नवंबर से चल रहे श्री अखंड पाठ साहब का समापन गुरुवार को हुआ। इसके बाद आरती और सबद कीर्तन का आयोजन किया गया। ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने गुरुनानक साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरुनानक साहब सिखों के पहले गुरु थे। उन्होंने सबको सच्चाई की राह पर चलने की नसीहत दी। शाम को गुरुद्वारा में दीपमाला और आतिशबाजी का कार्यक्रम हुआ। गुरुद्वारा पहुंचे श्रद्घालुओं ने दीप जलाए और खूब आतिशबाजी छुड़ाई। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्घालुओं ने प्रसाद छका। प्रकाशोत्सव अवसर पर गुरुद्वारों को झालरों से भव्यता के साथ सजाया गया था। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बाबू सिंह गिल, बंटी सरदार, विक्की सरदार, राजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, प्रभू सिंह, जसपाल सिंह, रनवीर सिंह बख्शी और हरवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
नानक को बताया मानवतावादी संत
कायमगंज। कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव पर विश्व बंधु परिषद ने गोष्ठी कर नानक को मानवतावादी संत बताया।
विश्व बंधु परिषद द्वारा आयोजित गोष्ठी में प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि तथागत बुद्ध की तरह ही गुरु नानक ने सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक उत्थान और आपसी भाईचारे का उपदेश दिया था। आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी ने कहा कि गुरु नानक ने जात-पांत, छुआछ़ूत और ऊंच नीच की व्यवस्थाओं को नकारा था। वह दया और करुणा को ही सच्चा धर्म मानते थे। वीएस तिवारी ने कहा कि उन्होंने शुद्ध आत्मा से अकाल पुरुष का शरणागत होने को ही सच्चा सौदा बताया था। कौमुदी महोत्सव पर विचार व्यक्त करते हुए हंसा मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि जब तथागत बुद्ध आत्मा परमात्मा, स्वर्ग नर्क की व्यवस्था का निषेध करते थे तो संकिसा में उनके स्वर्गावतरण और वह भी सोने की सीढ़ी से करने का मंत्वय क्या है। गोष्ठी में प्रधानाचार्य आरके दुबे, शिवकुमार दुबे, सतीश चंद्र यादव, पंडित ओमकार दत्त अग्निहोत्री ने विचार व्यक्त किए।
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कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए शहर के गंगा घाटाें पर बुधवार की रात से ही दूर दराज इलाकों लोगाें का आना शुरू हो गया था। भोर होते ही तट हर हर गंगे के जयकारों से गूंजने लगे थे। स्नान के बाद सूर्य देवता अर्घ्य दिया। गंगा मां से मनौतियां मानी। कन्याओं को श्रद्धालुओं ने दान दिया। श्रद्धालुओं ने गंगा तट पर सत्यनरायन की कथा सुनी।
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जिले के अलावा शाहजहांपुर, हरदोई, कन्नौज, मैनपुरी, एटा से आने वाले श्रद्धालुआें ने भी डुबकी लगाई। ट्रेनों व बसाें पर भी भीड़ रही। डग्गामार वाहनाें ने मनमाने तौर लोगों को भूसे की तरह भरा और जमकर अनाप-शनाप पैसे वसूले।
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शमसाबाद प्रतिनिधि के अनुसार ढाईघाट पर हजारों श्रद्घालुओं ने गंगा में डुबकी लगाई। यहां श्रद्घालुओं को अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ा। घाट पर न तो पर्याप्त पुलिसबल था और न ही गोताखोर। पुलिस बल की कमी से सुबह करीब 10 बजे कासिमपुर तराई स्थित पीपों के पुल पर जाम लग गया। जाम लगने की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आधे घंटे बाद जाम खुलवाया। हालांकि पूरे दिन रुक-रुककर जाम लगता रहा।
कमालगंज प्रतिनिधि के अनुसार श्रृंगीरामपुर घाट पर कार्तिक पूर्णिमा के स्नान को लेकर बैरीकेडिंग की व्यवस्था की गई थी। बड़े वाहन रजीपुर और खुदागंज की ओर से होकर जा रहे थे, जिससे जाम नहीं लगा। स्नान के बाद श्रृंगीऋषि मंदिर पहुंचकर पूजन-अर्चन किया। इस दौरान एसओ यतेंद्र यादव सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात रहे।
डुबकी लगा कमाया पुण्य पर गंदी कर गए गंगा
कार्तिक स्नान करने आए लोग पुण्य कमा कर चले लेकिन गंगा को गंदा कर गए। रासायनिक रंगाें से रंगी प्लास्टर ऑफ पेरिस की मूर्तियां, पॉलीथिन में भरी पूजा सामग्री क ो लोगों ने गंगा में प्रवाहित कर दिया। इससे घाटों पर भी गंदगी का ढेर लग गया। दुर्गा व गणपति मूर्ति विसर्जन करने के दौरान प्रशासनिक अमला ने भी किसी को नहीं रोका।
प्लास्टर ऑफ पेरिस व रासायनिक रंगाें से रंगी मूर्तियाें के गंगा में प्रवाह करने पर रोक है। साथ गंगा को प्रदूषित करने वाली कोई भी सामग्री गंगा में नहीं फेंक सकते हैं। मूर्तियों के भूविसर्जन के आदेश हैं। गुरुवार को किसी भी घाट पर इस आदेश का पालन नहीं हुआ। पांचाल घाट पर मूर्तियाें को गंगा में लोगों ने विसर्जित किया। यही हाल रानी घाट, किला घाट, बरगदिया घाट, श्रंगीरामपुर, ढाई घाट व किला घाट का रहा। जिले में तकरीबन 10 से 15 हजार छोटी मूर्तियाें को गंगा में प्रवाह किया गया। गंगा तट पर पॉलीथिन का प्रयोग न करने का प्रतिबंध भी बेअसर रहा। गंगा स्वच्छता के सजग प्रहरी बतौर खुद को प्रचारित करने वाले चेहरे भी श्रद्धालुओं को ऐसा करने से मना करने नहीं पहुंचे।
गंगा स्नान करने पहुंचीं बजरिया की राममूर्ति, दुलारी ने बताया कि गंगा दिनों दिन गंदी होती जा रही हैं। मैनपुरी के जगन्नाथ, देवराज ने बताया कि आस्था तो ठीक है लेकिन गंगा को गंदा करना गलत है।
गंगा नहाने आए युवक की डूबकर मौत
शमसाबाद। बड़े भाई के साथ गंगा नहाने आए युवक की गंगा में डूबकर मौत हो गई। करीब पौन घंटे बाद गोताखोरों ने शव बाहर निकाला। घटनास्थल पर उप जिलाधिकारी और सीओ कायमगंज पहुंचे।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव अचरिया निवासी शिवम सक्सेना (22) पुत्र रामकिशोर सक्सेना अपने भाई सत्यम सक्सेना (27) के साथ कार्तिक पूर्णिमा पर ढाईघाट स्थित गंगा नदी में स्नान करने आया था। सुबह करीब 8 बजे शिवम और सत्यम कासिमपुर तराई स्थित घाट पर स्नान कर रहे थे। इसी दौरान शिवम गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। सत्यम ने शोर मचाया लेकिन गोताखोरों के न होने से उसे कोई बचा नहीं पाया। घटना की सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष प्रदीप यादव फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ही देर बाद एसडीएम कायमगंज बीडी वर्मा और सीओ कायमगंज एके रावत भी पहुंच गए। एसडीएम ने गोताखोरों को बुलवाया। करीब पौन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने शिवम का शव बाहर निकाला। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम को भेज दिया। सत्यम ने बताया कि गोताखोर अगर मौके पर मौजूद होते तो उसके भाई की जान बच सकती थी।
जेबकतरों की चांदी
कार्तिक पूर्णिमा पर जेबकतरों की पौबारह रही। रजीपुर चौराहे पर गंगा स्नान करने जा रहे भूड़नगरिया निवासी रामऔतार की जेब कट गई। शक होने पर रामऔतार ने जेबकतरे को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। जेब कतरे ने अपना नाम अमित कुमार निवासी महरूपुर राबी बताया। उधर, शमसाबाद ढाईघाट पुल पर गंगा स्नान करने गए भूरे पुत्र रामगुलाम निवासी मोहल्ला चौखंडा शमसाबाद के उचक्कों ने कपड़े पार कर दिए। रामगुलाम ने बताया कि कपड़ों में 650 रुपये और मोबाइल रखा था।
दीपमाला कार्यक्रम से जगमगाया गुरुद्वारा
फर्रुखाबाद। श्री गुरुनानक प्रकाशोत्सव पर गुरुद्वारे में आतिशबाजी और दीपमाला कार्यक्रम धूमधाम के साथ किया गया। इस दौरान लंगर में श्रद्घालुओं ने जमकर प्रसाद छका। इससे पहले सुबह श्री अखंड पाठ साहब का समापन हुआ।
लोहाई रोड स्थित गुरुद्वारा में 4 नवंबर से चल रहे श्री अखंड पाठ साहब का समापन गुरुवार को हुआ। इसके बाद आरती और सबद कीर्तन का आयोजन किया गया। ज्ञानी गुरुवचन सिंह ने गुरुनानक साहब के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गुरुनानक साहब सिखों के पहले गुरु थे। उन्होंने सबको सच्चाई की राह पर चलने की नसीहत दी। शाम को गुरुद्वारा में दीपमाला और आतिशबाजी का कार्यक्रम हुआ। गुरुद्वारा पहुंचे श्रद्घालुओं ने दीप जलाए और खूब आतिशबाजी छुड़ाई। इसके बाद लंगर का आयोजन किया गया। इसमें श्रद्घालुओं ने प्रसाद छका। प्रकाशोत्सव अवसर पर गुरुद्वारों को झालरों से भव्यता के साथ सजाया गया था। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बाबू सिंह गिल, बंटी सरदार, विक्की सरदार, राजेंद्र सिंह, प्रीतम सिंह, प्रभू सिंह, जसपाल सिंह, रनवीर सिंह बख्शी और हरवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
नानक को बताया मानवतावादी संत
कायमगंज। कार्तिक पूर्णिमा और गुरु नानक देव प्रकाशोत्सव पर विश्व बंधु परिषद ने गोष्ठी कर नानक को मानवतावादी संत बताया।
विश्व बंधु परिषद द्वारा आयोजित गोष्ठी में प्रोफेसर रामबाबू मिश्र ने कहा कि तथागत बुद्ध की तरह ही गुरु नानक ने सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक उत्थान और आपसी भाईचारे का उपदेश दिया था। आचार्य रामकृष्ण त्रिवेदी ने कहा कि गुरु नानक ने जात-पांत, छुआछ़ूत और ऊंच नीच की व्यवस्थाओं को नकारा था। वह दया और करुणा को ही सच्चा धर्म मानते थे। वीएस तिवारी ने कहा कि उन्होंने शुद्ध आत्मा से अकाल पुरुष का शरणागत होने को ही सच्चा सौदा बताया था। कौमुदी महोत्सव पर विचार व्यक्त करते हुए हंसा मिश्रा एडवोकेट ने कहा कि जब तथागत बुद्ध आत्मा परमात्मा, स्वर्ग नर्क की व्यवस्था का निषेध करते थे तो संकिसा में उनके स्वर्गावतरण और वह भी सोने की सीढ़ी से करने का मंत्वय क्या है। गोष्ठी में प्रधानाचार्य आरके दुबे, शिवकुमार दुबे, सतीश चंद्र यादव, पंडित ओमकार दत्त अग्निहोत्री ने विचार व्यक्त किए।