{"_id":"34-203410","slug":"Farrukhabad-203410-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"कहीं बंद तो कहीं खुले रहे कारखाने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कहीं बंद तो कहीं खुले रहे कारखाने
Farrukhabad
Updated Tue, 28 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जरदोजी कारीगरों के बीच काम ठप करने को लेकर दो फाड़ दिखे। सोमवार को कुछ जरदोजी इकाइयां बंद रहीं तो वहीं अधिकांश कारखाने खुले रहे। इनमें जरदोजी कारीगर काम करते नजर आए।
सोमवार को आंदोलित कारीगरों ने सड़कों पर जोश दिखाया और नखास, मनिहारी, गढ़ी अब्दुल मजीद और चीनीग्रान आदि इलाकों में काम बंद कराया। लेकिन आंदोलनकारियों के मुंह मोड़ते ही कारीगर काम पर बैठ गए। बजरिया, भीकमपुरा, तराई, तलैया, कटरा बख्शी, गढ़ी कोहना, असगर रोड आदि इलाकों में रोज की तरह कारोबार जारी रहा। इन इलाकों के कारीगरों का कहना था कि काम बंद होने से फायदा नहीं होने वाला। बातचीत से मसले का हल निकाला जाना चाहिए।
हायतौबा मचाने वाले कारीगर नहीं
फर्रुखाबाद। जरदोजी व्यापार मंडल के अध्यक्ष हाजी मुजफ्फर रहमानी ने कहा कि कारीगर तो काम कर रहे हैं। कुछ लोग बेवजह मेहनताने को लेकर हायतौबा मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे 10 रुपये नफरी की दर से मजदूरी बढ़ाने को तैयार हैं लेकिन समय में कटौती नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को आंदोलित कारीगरों ने सड़कों पर जोश दिखाया और नखास, मनिहारी, गढ़ी अब्दुल मजीद और चीनीग्रान आदि इलाकों में काम बंद कराया। लेकिन आंदोलनकारियों के मुंह मोड़ते ही कारीगर काम पर बैठ गए। बजरिया, भीकमपुरा, तराई, तलैया, कटरा बख्शी, गढ़ी कोहना, असगर रोड आदि इलाकों में रोज की तरह कारोबार जारी रहा। इन इलाकों के कारीगरों का कहना था कि काम बंद होने से फायदा नहीं होने वाला। बातचीत से मसले का हल निकाला जाना चाहिए।
विज्ञापन
हायतौबा मचाने वाले कारीगर नहीं
फर्रुखाबाद। जरदोजी व्यापार मंडल के अध्यक्ष हाजी मुजफ्फर रहमानी ने कहा कि कारीगर तो काम कर रहे हैं। कुछ लोग बेवजह मेहनताने को लेकर हायतौबा मचा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे 10 रुपये नफरी की दर से मजदूरी बढ़ाने को तैयार हैं लेकिन समय में कटौती नहीं की जाएगी।
विज्ञापन