{"_id":"34-190306","slug":"Farrukhabad-190306-34","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ा
Farrukhabad
Updated Tue, 22 Jul 2014 05:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। गंगा तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। गंगा खतरे के निशान से 1.40 मीटर नीचे 135.70 मीटर पर बह रही है। नरौरा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 50 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हो गई है। रामगंगा में रविवार को 1 लाख 9 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे रामगंगा में मंगलवार को मीडियम फ्लड की आशंकाएं जताई जा रही हैं।
गंगा और रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से इनकी तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सोमवार को गंगा में 1 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी की आशंका है। 24 घंटे में 50 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। रविवार को गंगा का जलस्तर 135.20 मीटर पर था जो सोमवार को बढ़कर 135.70 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार को 1 लाख 9 हजार क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया है। मंगलवार तक रामगंगा मध्य बाढ़ में होगी। सिंचाई विभाग ने कलेक्ट्रेट भेजी रिपोर्ट में कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। तलहटी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
कंट्रोल रूम का फोन खराब
कलेक्ट्रेट में बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम का फोन खराब हो गया है। इनकमिंग की सुविधा है। आउटगोईंग बिल जमा न होने के कारण बंद कर दी गई है। फोन की घंटी भी खराब है। इस कारण कंट्रोल कर्मचारी किसी की समस्या न तो सुन पा रहे और न ही अधिकारियों से संपर्क कर पा रहे हैं।
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बाढ़ को लेकर डीएम ने किया अलर्ट
फर्रुखाबाद। बाढ़ की आशंका के चलते सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियाें के साथ बैठक की। उन्हाेंने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि बाढ़ चौकियाें पर चौकसी बरती जाए। यह भी कहा कि बाढ़ को लेकर कटरी इलाके के गांवाें को सतर्क कर दिया जाए। लेखपाल ग्राम प्रधानाें क ो सतक र्ता की सूचना पहुंचा दें। गांवाें में डुगडुगी पिटवा दी जाए। लेखपाल सूचना देने वाले प्रधानाें का रिकार्ड भी तैयार करते रहें। नावाें की सूचना भी दर्ज करें। बाढ़ शरणालयाें को दुरुस्त कर लिया जाए। पानी से घिरने वाले गांवाें को खाली करवा दिया जाए। बाढ़ से घिरे गांवाें में राहत सामग्री वितरित कराई जाए। बिजली विभाग को भी उन्हाेंने अलर्ट रहने का फरमान सुनाया। यहां सीएमओ डा. राकेश कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी श्रीनिवास, डीडीओ प्रह्लाद सिंह, पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा, डीडीकृषि एके सिंह, सीवीओ डा. पुष्प कुमार, बिजली एक्सईएन सूर्यप्रताप सिंह व सुरेश कुमार मौजूद रहे।
डीएम की हिदायतें
- नावाें पर पेंट कराई जाए क्षमता।
- अधिकारी इलाकाें में करें निरीक्षण।
- विकलांग व लापरवाह लेखपालाें का कर दिया जाए तबादला।
- समाजसेवियाें की सूची तैयार की ली जाए।
- शरणालयाें में मुहैया रहें सारी सुविधाएं।
घराें में घुसने लगा बाढ़ का पानी
घटियाघाट बंधा पर घराें तक पानी पहुंच गया। राहत के लिए पीएसी ने नावाें को गंगा में उतार दिया है। पानी बढ़ने से शवदाह के लिए आने वालाें को भी सोमवार को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
भयभीत ग्रामीण गांव छोड़ने की तैयारी में
अमृतपुर। बाढ़ की आशंका के चलते तहसील क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव के ग्रामीण भयभीत हैं। उधर, हमीरपुर गांव में बन रही पुलिया का निर्माण कार्य अधूरा होने से इस बार भी ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ेगा। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव रामप्रसाद नगला, प्रसादी नगला, खुशहाली नगला, रोशन नगला, माखन नगला, कालिका नगला, हमीरपुर, किराचन, फकरपुर, करनपुर घाट, कुड़री सारंग, मंझा की मढ़ैया, तौफीक की मढ़ैया, बलीपट्टी रानीगांव, बनासीपुर, कुसमापुर, भाऊपुर चौरासी, सबलपुर कंचनपुर, कुंवरपुरा, ज्ञानपुर, नऊनपुरवा, प्रतिपालपुर, सरह, सुंदरपुर, नगला दुर्गु समेत करीब एक सैकड़ा गांव हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। बीते दिन साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी तक पानी गांव में नहीं घुसा है। बनासीपुर के रतिराम ने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन गांव में पानी अभी नहीं घुसा है। गंगा किनारे स्थित गांव मंझा के जदुनाथ वर्मा का कहना है कि गांव में पानी घुसने पर दूसरी जगह जाएंगे। माखन नगला के गेंदालाल और ब्रजेश कुमार यादव का कहना है कि गंगा सोतानाला में पुलिया पर चल रहा काम अभी तक समाप्त नहीं हो पाया है। अगर पुलिया पूरी न हुई तो इस बार भी बाढ़ में नाव से आवागमन करना होगा।
शरणालय और बाढ़ चौकियां खुलीं
अमृतपुर। बाढ़ के दस्तक देते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में शरणालय और बाढ़ चौकियों को खोल दिया गया है। उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार और लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बाढ़ की स्थिति से अवगत कराएं। गंगा व रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने तहसील अमृतपुर क्षेत्र में बचाव के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। एसडीएम संत कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 13 शरणालय और 34 बाढ़ चौकियां खोल दी गई हैं। 63 नावों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सफाई कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ शरणालयों और बाढ़ चौकियों में जिन लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर वह लोग गैरहाजिर मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गंगा और रामगंगा में लगातार पानी छोड़े जाने से इनकी तलहटी में बसे गांवों पर बाढ़ का खतरा बना हुआ है। सोमवार को गंगा में 1 लाख 80 हजार क्यूसेक पानी और छोड़े जाने से गंगा के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी की आशंका है। 24 घंटे में 50 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी हुई है। रविवार को गंगा का जलस्तर 135.20 मीटर पर था जो सोमवार को बढ़कर 135.70 मीटर पर पहुंच गया। सोमवार को 1 लाख 9 हजार क्यूसेक पानी रामगंगा में छोड़ा गया है। मंगलवार तक रामगंगा मध्य बाढ़ में होगी। सिंचाई विभाग ने कलेक्ट्रेट भेजी रिपोर्ट में कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ने की संभावना है। तलहटी इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया गया है।
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कंट्रोल रूम का फोन खराब
कलेक्ट्रेट में बनाए गए बाढ़ कंट्रोल रूम का फोन खराब हो गया है। इनकमिंग की सुविधा है। आउटगोईंग बिल जमा न होने के कारण बंद कर दी गई है। फोन की घंटी भी खराब है। इस कारण कंट्रोल कर्मचारी किसी की समस्या न तो सुन पा रहे और न ही अधिकारियों से संपर्क कर पा रहे हैं।
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बाढ़ को लेकर डीएम ने किया अलर्ट
फर्रुखाबाद। बाढ़ की आशंका के चलते सोमवार को डीएम ने कलेक्ट्रेट में अधिकारियाें के साथ बैठक की। उन्हाेंने अलर्ट जारी करते हुए कहा कि बाढ़ चौकियाें पर चौकसी बरती जाए। यह भी कहा कि बाढ़ को लेकर कटरी इलाके के गांवाें को सतर्क कर दिया जाए। लेखपाल ग्राम प्रधानाें क ो सतक र्ता की सूचना पहुंचा दें। गांवाें में डुगडुगी पिटवा दी जाए। लेखपाल सूचना देने वाले प्रधानाें का रिकार्ड भी तैयार करते रहें। नावाें की सूचना भी दर्ज करें। बाढ़ शरणालयाें को दुरुस्त कर लिया जाए। पानी से घिरने वाले गांवाें को खाली करवा दिया जाए। बाढ़ से घिरे गांवाें में राहत सामग्री वितरित कराई जाए। बिजली विभाग को भी उन्हाेंने अलर्ट रहने का फरमान सुनाया। यहां सीएमओ डा. राकेश कुमार, वरिष्ठ कोषाधिकारी श्रीनिवास, डीडीओ प्रह्लाद सिंह, पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा, डीडीकृषि एके सिंह, सीवीओ डा. पुष्प कुमार, बिजली एक्सईएन सूर्यप्रताप सिंह व सुरेश कुमार मौजूद रहे।
डीएम की हिदायतें
- नावाें पर पेंट कराई जाए क्षमता।
- अधिकारी इलाकाें में करें निरीक्षण।
- विकलांग व लापरवाह लेखपालाें का कर दिया जाए तबादला।
- समाजसेवियाें की सूची तैयार की ली जाए।
- शरणालयाें में मुहैया रहें सारी सुविधाएं।
घराें में घुसने लगा बाढ़ का पानी
घटियाघाट बंधा पर घराें तक पानी पहुंच गया। राहत के लिए पीएसी ने नावाें को गंगा में उतार दिया है। पानी बढ़ने से शवदाह के लिए आने वालाें को भी सोमवार को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
भयभीत ग्रामीण गांव छोड़ने की तैयारी में
अमृतपुर। बाढ़ की आशंका के चलते तहसील क्षेत्र में गंगा किनारे बसे गांव के ग्रामीण भयभीत हैं। उधर, हमीरपुर गांव में बन रही पुलिया का निर्माण कार्य अधूरा होने से इस बार भी ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ेगा। अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव रामप्रसाद नगला, प्रसादी नगला, खुशहाली नगला, रोशन नगला, माखन नगला, कालिका नगला, हमीरपुर, किराचन, फकरपुर, करनपुर घाट, कुड़री सारंग, मंझा की मढ़ैया, तौफीक की मढ़ैया, बलीपट्टी रानीगांव, बनासीपुर, कुसमापुर, भाऊपुर चौरासी, सबलपुर कंचनपुर, कुंवरपुरा, ज्ञानपुर, नऊनपुरवा, प्रतिपालपुर, सरह, सुंदरपुर, नगला दुर्गु समेत करीब एक सैकड़ा गांव हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। बीते दिन साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से गंगा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। हालांकि अभी तक पानी गांव में नहीं घुसा है। बनासीपुर के रतिराम ने कहा कि गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है लेकिन गांव में पानी अभी नहीं घुसा है। गंगा किनारे स्थित गांव मंझा के जदुनाथ वर्मा का कहना है कि गांव में पानी घुसने पर दूसरी जगह जाएंगे। माखन नगला के गेंदालाल और ब्रजेश कुमार यादव का कहना है कि गंगा सोतानाला में पुलिया पर चल रहा काम अभी तक समाप्त नहीं हो पाया है। अगर पुलिया पूरी न हुई तो इस बार भी बाढ़ में नाव से आवागमन करना होगा।
शरणालय और बाढ़ चौकियां खुलीं
अमृतपुर। बाढ़ के दस्तक देते ही जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। अमृतपुर तहसील क्षेत्र में शरणालय और बाढ़ चौकियों को खोल दिया गया है। उप जिलाधिकारी ने तहसीलदार और लेखपालों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर बाढ़ की स्थिति से अवगत कराएं। गंगा व रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बाढ़ से बचाव के लिए जिला प्रशासन ने तहसील अमृतपुर क्षेत्र में बचाव के इंतजाम शुरू कर दिए हैं। एसडीएम संत कुमार ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 13 शरणालय और 34 बाढ़ चौकियां खोल दी गई हैं। 63 नावों की भी व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, ग्राम पंचायत अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्री और सफाई कर्मचारियों की तैनाती रहेगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ शरणालयों और बाढ़ चौकियों में जिन लोगों की ड्यूटी लगाई गई है। अगर वह लोग गैरहाजिर मिले तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।