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जरा संभलकर, कहीं बीमार न कर दे ताप
Farrukhabad
Updated Tue, 20 May 2014 05:30 AM IST
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फर्रुखाबाद। पारे में उतार-चढ़ाव के साथ दोपहर की चिलचिलाती धूप और लू लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है। अभी अगले रविवार तक ऐसी ही स्थिति रहेगी। आने वाले दिनों में पारे में करीब चार डिग्री की बढ़ोत्तरी के साथ बारिश भी हो सकती है। बारिश होने से गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। इधर, मौसम में बढ़ी तपिश के चलते अस्पतालों में उल्टी-दस्त के मरीज बढ़ गए हैं तो हीट स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ऐसे मौसम में घर से बाहर निकलते समय आपने शरीर को अच्छे तरीके से ढक कर नहीं रखा तो त्वचा रोग भी हो सकते हैं और जान भी जा सकती है। ऐसी स्थिति में लोगों की जान जोखिम से बचाने के लिए ‘अमर उजाला’ ने शहर के विशेषज्ञ चिकित्सकों से वार्ता कर बचाव की जानकारी ली। पेश है एक रिपोर्ट:
महंगी पड़ सकती है लापरवाही
फर्रुखाबाद। मौसम में उठापटक का दौर है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह भी खतरनाक है। ऐसे में जरा सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। अभी सप्ताह भर तक यही स्थिति रहेगी। अगले सोमवार को रिमझिम बारिश के साथ पारे में गिरावट की संभावना है।
सप्ताह भर की स्थिति देखी जाए तो पारा कभी गिर रहा है तो कभी चढ़ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों के मुताबिक बेदह सावधान रहने की जरूरत है। घटते बढ़ते तापमान से बीमारियों के ज्यादा सक्रिय होने का डर रहता है। 12 मई की शाम बारिश के बाद पारे में गिरावट आई थी। 13 मई को पारा दो डिग्री गिरकर अधिकतम 31 एवं न्यूनतम 30 डिग्री पर आ गया था। 14,15 एवं 16 मई को पारे की यही स्थिति रही, जबकि 17 मई को पारा फिर 41 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं 18 मई को अधिकतम तापमान 42 एवं न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि 19 मई को अधिकतम 42.2 एवं न्यूनतम 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के जानकारों के मुताबिक अभी चार दिन तक पारे की यही स्थिति रहेगी। अगले शनिवार को आसमान में हल्के बादल होंगे। सोमवार एवं रविवार को बारिश होने के बाद पारे में गिरावट आ सकती है।
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सप्ताह भर के पारे की चाल
तारीख अधिकतम न्यूनतम
12 मई 42 29
13 मई 41 30
14 मई 39 29
15 मई 39 29
16 मई 39 29
17 मई 41 30
18 मई 42 31
19 मई 42.2 30.6
धूप में निकलें तो थोड़ा संभलकर
धूप में घर से बाहर निकलते वक्त पर्याप्त मात्रा में पानी, मट्ठा, जलजीरा आदि पी लेना चाहिए, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। चेहरे को ढक कर निकलें क्योंकि अचानक तेज धूप और लू चेहरे के साथ दूसरी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचे सकते हैं। इसके अलावा सूरज की किरणें और गर्म हवा शरीर में पानी की कमी पैदा कर देती है। अधिक पसीना आने के कारण शरीर में मौजूद नमक निकल जाता है। इससे व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने के साथ दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हो सकती है।
- डा. राकेश तिवारी, फिजीशियन
पर्याप्त मात्रा में पिएं पानी
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की संतुलित मात्रा बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में ग्लूकोज की कमी न हो। चिलचिलाती गर्मी में मधुमेह, हृदय रोगियों और रक्तचाप के मरीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे रोग से पीड़ित मरीज दवा खाने के तुरंत बाद धूप में न निकलें। धूप और हवा की गर्मी दवा की गर्मी से क्रॉस मैच हो सकती है और उसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा खुले में बिकने वाला गन्ने का रस, कटे फल, बासी खाना आदि का सेवन किसी भी कीमत पर नहीं करना चाहिए।
- डा. आरबी सिंह पूर्व चिकित्साधिकारी
अस्पताल में अतिरिक्त बेड नहीं
अस्पतालों में डायरिया और संक्रमित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी अभी तक अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था नहीं की है। अस्पताल के सीएमएस डा. एके मिश्रा का कहना है कि मरीजों के लिए संबंधित वार्ड में पर्याप्त बेड है। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
क्या होता है हीट स्ट्रोक
हीट स्ट्रोक में शरीर का सामान्य तापमान बढ़कर कई गुना अधिक हो जाता है। सामान्य रूप से शरीर का तापमान 98-99 डिग्री फॉरेनहाइट (34 डिग्री सेंटीग्रेड) होता है। ज्यादा धूप से यह तापमान बढ़कर 105 से 106 डिग्री पहुंच जाता है, जिसके बाद व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। तेज गरम हवा के चलते शरीर में पोेटैशियम की कमी हो जाती है, जिसका सीधा असर दिल की धड़कन पर पड़ता है। दिल की धड़कन अनियंत्रित होने के चलते वो काम करना बंद कर देती है और ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- चक्कर आना, बेहोश हो जाना।
- शरीर में दर्द महसूस होना।
- त्वचा लाल गर्म और रूखी होना।
- मांसपेशियों में कमजोरी और खिंचाव होना।
- उल्टी और दस्त के साथ जी मिचलाना।
- सांस फूलना, धड़कन असामान्य हो जाना।
-चिड़चिड़ापन, झुंझलाहट और भूख न लगना।
हीट स्ट्रोक में क्या करें
- ठंडी जगह आराम करें।
- बर्फ के टुकड़े से मरीज की गर्दन और पीठ पर मालिश करें।
- ठंडे पानी से भीगे कपड़े से शरीर को साफ करते रहें।
-बासी के स्थान पर साफ-सुथरा खाना खाएं।
ये बरतें सावधानियां
- घर से निकलते वक्त पानी जरूर पीएं।
- धूप से बचने के लिए सिर पर टोपी लगाएं।
- धूप से आकर ठंडा पानी कतई न पीएं।
- धूल के साथ लू चल रही है तो आंख को बचाएं।
- चेहरे पर सन प्रोटेक्शन क्त्रस्ीम लगाएं।
- धूप में अधिक दूर तक पैदल चलने से बचें।
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महंगी पड़ सकती है लापरवाही
फर्रुखाबाद। मौसम में उठापटक का दौर है। स्वास्थ्य की दृष्टि से यह भी खतरनाक है। ऐसे में जरा सी लापरवाही महंगी पड़ सकती है। अभी सप्ताह भर तक यही स्थिति रहेगी। अगले सोमवार को रिमझिम बारिश के साथ पारे में गिरावट की संभावना है।
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सप्ताह भर की स्थिति देखी जाए तो पारा कभी गिर रहा है तो कभी चढ़ रहा है। ऐसे में चिकित्सकों के मुताबिक बेदह सावधान रहने की जरूरत है। घटते बढ़ते तापमान से बीमारियों के ज्यादा सक्रिय होने का डर रहता है। 12 मई की शाम बारिश के बाद पारे में गिरावट आई थी। 13 मई को पारा दो डिग्री गिरकर अधिकतम 31 एवं न्यूनतम 30 डिग्री पर आ गया था। 14,15 एवं 16 मई को पारे की यही स्थिति रही, जबकि 17 मई को पारा फिर 41 डिग्री पर पहुंच गया। वहीं 18 मई को अधिकतम तापमान 42 एवं न्यूनतम 31 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि 19 मई को अधिकतम 42.2 एवं न्यूनतम 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के जानकारों के मुताबिक अभी चार दिन तक पारे की यही स्थिति रहेगी। अगले शनिवार को आसमान में हल्के बादल होंगे। सोमवार एवं रविवार को बारिश होने के बाद पारे में गिरावट आ सकती है।
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सप्ताह भर के पारे की चाल
तारीख अधिकतम न्यूनतम
12 मई 42 29
13 मई 41 30
14 मई 39 29
15 मई 39 29
16 मई 39 29
17 मई 41 30
18 मई 42 31
19 मई 42.2 30.6
धूप में निकलें तो थोड़ा संभलकर
धूप में घर से बाहर निकलते वक्त पर्याप्त मात्रा में पानी, मट्ठा, जलजीरा आदि पी लेना चाहिए, जिससे शरीर में पानी की कमी न हो। चेहरे को ढक कर निकलें क्योंकि अचानक तेज धूप और लू चेहरे के साथ दूसरी मांसपेशियों को नुकसान पहुंचे सकते हैं। इसके अलावा सूरज की किरणें और गर्म हवा शरीर में पानी की कमी पैदा कर देती है। अधिक पसीना आने के कारण शरीर में मौजूद नमक निकल जाता है। इससे व्यक्ति को कमजोरी महसूस होने के साथ दर्द और उल्टी-दस्त की शिकायत हो सकती है।
- डा. राकेश तिवारी, फिजीशियन
पर्याप्त मात्रा में पिएं पानी
गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की संतुलित मात्रा बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में ग्लूकोज की कमी न हो। चिलचिलाती गर्मी में मधुमेह, हृदय रोगियों और रक्तचाप के मरीजों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। ऐसे रोग से पीड़ित मरीज दवा खाने के तुरंत बाद धूप में न निकलें। धूप और हवा की गर्मी दवा की गर्मी से क्रॉस मैच हो सकती है और उसका सेहत पर बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा खुले में बिकने वाला गन्ने का रस, कटे फल, बासी खाना आदि का सेवन किसी भी कीमत पर नहीं करना चाहिए।
- डा. आरबी सिंह पूर्व चिकित्साधिकारी
अस्पताल में अतिरिक्त बेड नहीं
अस्पतालों में डायरिया और संक्रमित बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद भी अभी तक अस्पताल प्रशासन ने अतिरिक्त बेड की व्यवस्था नहीं की है। अस्पताल के सीएमएस डा. एके मिश्रा का कहना है कि मरीजों के लिए संबंधित वार्ड में पर्याप्त बेड है। जरूरत पड़ी तो अतिरिक्त व्यवस्था की जाएगी।
क्या होता है हीट स्ट्रोक
हीट स्ट्रोक में शरीर का सामान्य तापमान बढ़कर कई गुना अधिक हो जाता है। सामान्य रूप से शरीर का तापमान 98-99 डिग्री फॉरेनहाइट (34 डिग्री सेंटीग्रेड) होता है। ज्यादा धूप से यह तापमान बढ़कर 105 से 106 डिग्री पहुंच जाता है, जिसके बाद व्यक्ति को डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है। तेज गरम हवा के चलते शरीर में पोेटैशियम की कमी हो जाती है, जिसका सीधा असर दिल की धड़कन पर पड़ता है। दिल की धड़कन अनियंत्रित होने के चलते वो काम करना बंद कर देती है और ऐसी परिस्थिति में व्यक्ति की मौत भी हो सकती है।
हीट स्ट्रोक के लक्षण
- चक्कर आना, बेहोश हो जाना।
- शरीर में दर्द महसूस होना।
- त्वचा लाल गर्म और रूखी होना।
- मांसपेशियों में कमजोरी और खिंचाव होना।
- उल्टी और दस्त के साथ जी मिचलाना।
- सांस फूलना, धड़कन असामान्य हो जाना।
-चिड़चिड़ापन, झुंझलाहट और भूख न लगना।
हीट स्ट्रोक में क्या करें
- ठंडी जगह आराम करें।
- बर्फ के टुकड़े से मरीज की गर्दन और पीठ पर मालिश करें।
- ठंडे पानी से भीगे कपड़े से शरीर को साफ करते रहें।
-बासी के स्थान पर साफ-सुथरा खाना खाएं।
ये बरतें सावधानियां
- घर से निकलते वक्त पानी जरूर पीएं।
- धूप से बचने के लिए सिर पर टोपी लगाएं।
- धूप से आकर ठंडा पानी कतई न पीएं।
- धूल के साथ लू चल रही है तो आंख को बचाएं।
- चेहरे पर सन प्रोटेक्शन क्त्रस्ीम लगाएं।
- धूप में अधिक दूर तक पैदल चलने से बचें।