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फर्जी पते पर जारी किए शस्त्र लाइसेंस
Farrukhabad
Updated Wed, 18 Dec 2013 05:44 AM IST
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फर्रुखाबाद। प्रदेश में बड़े पैमाने पर फर्जी पतों पर असलहे के लाइसेंस जारी कर दिए गए हैं। लखनऊ में पकड़े गए दलाल के पास मिले कागजातों में फर्रुखाबाद, एटा, हरदोई और कन्नौज के पते दर्शाए गए थे, लेकिन सत्यापन के दौरान ये पते फर्जी पाए गए।
लखनऊ के थाना विभूति खंड के दरोगा विनय सिंह ने बताया कि बीते सितंबर माह में एसओ पंकज सिंह ने सुमित श्रीवास्तव और राजकुमार सिंह निवासी नवीपुरवा धर्मशाला रोड हरदोई को पकड़ा था। इनके कब्जे से भारी मात्रा में असलहे और कारतूस के अलावा मुहर वाली मशीन और फर्जी लाइसेंस बरामद किए थे। जो लाइसेंस मिले थे उनमें फोटो और पता लिखा था। उन्हीं पते का सत्यापन करने के लिए आए थे। इस दौरान पते फर्जी पाए गए। शहर कोतवाली के तिकोना चौकी प्रभारी दिनेशचंद्र पांडेय के साथ वह रामापुरवा माझगांव की तलाश की। यहां से राजीव सिंह के नाम लाइसेंस जारी हुआ है। सत्यापन में न तो पता मिला और न ही लाइसेंसधारी के बारे में कोई जानकारी मिल सकी। चौकी प्रभारी ने दरोगा को बताया कि इस नाम को कोई भी मोहल्ला उनके इलाके में नहीं है। इसी तरह दरोगा ने फतेहगढ़ कोतवाली जाकर वहां के गांव अंतौर निवासी कृष्णपाल सिंह, जगदीश सिंह के बारे में जानकारी की। यहां भी पुलिस ने इस नाम का कोई भी गांव नहीं होने की जानकारी दी गई। दरोगा विनय सिंह ने बताया कि इस गिरोह के तार पंजाब प्रांत के जिला संगरुर से जुड़े हैं।
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लखनऊ के थाना विभूति खंड के दरोगा विनय सिंह ने बताया कि बीते सितंबर माह में एसओ पंकज सिंह ने सुमित श्रीवास्तव और राजकुमार सिंह निवासी नवीपुरवा धर्मशाला रोड हरदोई को पकड़ा था। इनके कब्जे से भारी मात्रा में असलहे और कारतूस के अलावा मुहर वाली मशीन और फर्जी लाइसेंस बरामद किए थे। जो लाइसेंस मिले थे उनमें फोटो और पता लिखा था। उन्हीं पते का सत्यापन करने के लिए आए थे। इस दौरान पते फर्जी पाए गए। शहर कोतवाली के तिकोना चौकी प्रभारी दिनेशचंद्र पांडेय के साथ वह रामापुरवा माझगांव की तलाश की। यहां से राजीव सिंह के नाम लाइसेंस जारी हुआ है। सत्यापन में न तो पता मिला और न ही लाइसेंसधारी के बारे में कोई जानकारी मिल सकी। चौकी प्रभारी ने दरोगा को बताया कि इस नाम को कोई भी मोहल्ला उनके इलाके में नहीं है। इसी तरह दरोगा ने फतेहगढ़ कोतवाली जाकर वहां के गांव अंतौर निवासी कृष्णपाल सिंह, जगदीश सिंह के बारे में जानकारी की। यहां भी पुलिस ने इस नाम का कोई भी गांव नहीं होने की जानकारी दी गई। दरोगा विनय सिंह ने बताया कि इस गिरोह के तार पंजाब प्रांत के जिला संगरुर से जुड़े हैं।
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