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समैचीपुर में चार इंदिरा आवास व छह झोपड़ियां बहीं
Farrukhabad
Updated Fri, 05 Jul 2013 05:30 AM IST
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शमसाबाद। बाढ़ के चलते समैचीपुर चितार में चार ग्रामीणों के इंदिरा आवास और छह ग्रामीणों की झोपड़ियां बह गईं। इस गांव के सैकड़ों लोग सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं। उधर, ढाईघाट पुल पर लगाए गए परकोपाइन भी बह गए हैं।
क्षेत्र में बाढ़ का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार देर रात गांव समैचीपुर चितार में अमीन खां, लतीफ, बाकर और दिलदार के इंदिरा आवास बाढ़ में बह गए। वहीं इसी गांव के बेंचेलाल, घसीटा, अनवर, शकील खां, अनी खां और बकार की झोपड़ियां भी बह गईं। रात भर यह लोग घरों और झोपड़ियों से सामान निकालते रहे। इस गांव के करीब 250 परिवार चौराहार, टपुआ और बांसखेड़ा की सड़कों पर डेरा बनाए हैं। ढाईघाट पर गत वर्ष सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए परकोपाइन भी बाढ़ में बह गए हैं। इसके चलते बाढ़ का पानी ढाईघाट की सड़क के पास तक आ गया है। सड़क किनारे बाढ़ का पानी आने से सड़क के आसपास डेरा डाले ग्रामीण भयभीत हैं कि कहीं ढाईघाट मार्ग भी न कट जाए। संतोष, राजबहादुर, शिवकुमार, राजीव, रामचरन और जंगबहादुर ने प्रशासन से मदद की मांग की है।
गन्ना किसानों के लिए शासन ने दिया पैसा
कायमगंज। बाढ़ से नुकसान खाए किसानों को राहत पहुंचाने के लिए शासन ने उनके बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान मिल को उपलब्ध कराया। मिल महाप्रबंधक आरके जैन ने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त धन से किसानों को 4857.69 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों के खातों में नाम गलत हैं वे जल्द से जल्द संशोधन कराकर मिल को अवगत करा दें ताकि उन्हें असुविधा से बचाया जा सके।
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क्षेत्र में बाढ़ का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार देर रात गांव समैचीपुर चितार में अमीन खां, लतीफ, बाकर और दिलदार के इंदिरा आवास बाढ़ में बह गए। वहीं इसी गांव के बेंचेलाल, घसीटा, अनवर, शकील खां, अनी खां और बकार की झोपड़ियां भी बह गईं। रात भर यह लोग घरों और झोपड़ियों से सामान निकालते रहे। इस गांव के करीब 250 परिवार चौराहार, टपुआ और बांसखेड़ा की सड़कों पर डेरा बनाए हैं। ढाईघाट पर गत वर्ष सिंचाई विभाग की ओर से लगाए गए परकोपाइन भी बाढ़ में बह गए हैं। इसके चलते बाढ़ का पानी ढाईघाट की सड़क के पास तक आ गया है। सड़क किनारे बाढ़ का पानी आने से सड़क के आसपास डेरा डाले ग्रामीण भयभीत हैं कि कहीं ढाईघाट मार्ग भी न कट जाए। संतोष, राजबहादुर, शिवकुमार, राजीव, रामचरन और जंगबहादुर ने प्रशासन से मदद की मांग की है।
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गन्ना किसानों के लिए शासन ने दिया पैसा
कायमगंज। बाढ़ से नुकसान खाए किसानों को राहत पहुंचाने के लिए शासन ने उनके बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान मिल को उपलब्ध कराया। मिल महाप्रबंधक आरके जैन ने बताया कि शासन द्वारा प्राप्त धन से किसानों को 4857.69 लाख रुपये का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ किसानों के खातों में नाम गलत हैं वे जल्द से जल्द संशोधन कराकर मिल को अवगत करा दें ताकि उन्हें असुविधा से बचाया जा सके।
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