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चाची को गोलियों से उड़ाया
Farrukhabad
Updated Thu, 16 May 2013 05:30 AM IST
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कायमगंज। जमीन के विवाद में भतीजों ने चाची को दिन दहाड़े गोलियों से छलनी कर दिया। ताबड़तोड़ फायरिंग से वहां मौजूद कई लोग बाल-बाल बच गए। मृतका के पुत्र ने पारिवारिक चाचा सहित उसके तीन पुत्रों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव रूटौल में बुधवार की दोपहर जिला परिषद की ओर से शीशराम और नेकराम के घरों के सामने सीसी रोड का निर्माण चल रहा था। वहां मजदूरों के साथ साथ ग्रामीणों की भीड़ जमा थी। इसी बीच शीशराम के पुत्रों और नेकराम के पुत्रों के बीच सड़क से पानी निकासी के लिए नाली बनवाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मुहांचाही हाथापाई में बदल गई। दोनों ओर से तमंचे निकल आए और फायरिंग होने लगी। इसे वहां भगदड़ मच गई। फायरिंग से गांव के मुलायम सिंह और प्रवेश बाल-बाल बच गए। शीशराम के पुत्रों ने नेकराम के घर पर सीधे फायर झोंकने शुरू कर दिए। नेकराम की पत्नी मालती देवी (55) अंदर भागीं तो हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए ताबड़तोड़ फायर झोंके। दो गोलियां ममता को जा धंसी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर तमंचे लहराते हुए भाग निकले। सड़क बनवा रहे ठेकेदार ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर एसएसआई दलबल के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर भाग चुके थे।
पुलिस ने आननफानन शव को सीएचसी भिजवाया और हमलावरों की तलाश में घरों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। हालांकि कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस को पता चला कि हमलावर रानीपुर गौर गांव की ओर भागे हैं। पुलिस उस ओर गई तो खेतों में छिपे हमलावर भाग खड़े हुए। पुलिस ने उनका पीछा किया। एक हमलावर को रानीपुर गौर गांव में घुसते देख पुलिस ने गांव जाकर घर-घर तलाशी ली, लेकिन किसी का भी सुराग नहीं लगा।
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थोड़ी देर बाद सीओ राजीव कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एक बार फिर कई घरों की तलाशी करवाई। इसी बीच नेकराम का पुत्र सुधीर वहां आ गया और उसने हमलावरों के घर पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों ने उसे पकड़ा। सुधीर ने बताया कि उसकी मां की हत्या पारिवारिक चाचा शीशराम, उनके पुत्रों लटूरी, उदयपाल उर्फ बबलू और नरवीर ने की है। उसके घर के सामने बन रही नाली में शीशराम अपने घर का पानी निकलवाना चाहता था। विरोध करने पर फायरिंग शुरू कर दी। दो दिन पहले भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तब ठेकेेदार चंद्रपाल यादव ने बीच का रास्ता निकाल दोनों को शांत किया था।
सुधीर ने बताया कि दोनों परिवारों में पहले से ही भूमि का एक विवाद चल रहा है। नेकराम का एक प्लाट शीशराम के मकान के पीछे है। यहां जाने का रास्ता शीशराम को देना था लेकिन शीशराम ने उसे पूरा घेर कर मकान बनवा लिया। मकान बन जाने से नेकराम का प्लाट बेकार हो गया। इसी वजह से भी दोनों परिवारों में अक्सर विवाद हुआ करता था। ग्रामीणों ने बताया कि शीशराम व उसके पुत्र झगड़ालू प्रवृति के हैं। एएसपी ओपी सिंह ने सीएचसी में आकर मृतका के पुत्र सुधीर से पूरी जानकारी ली। सुधीर ने शीशराम उसके पुत्र लटूरी, उदयवीर और नरवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
छह साल पहले बबलू की पत्नी ने की थी आत्महत्या
कायमगंज। 6 साल पहले हमलावर उदयवीर उर्र्फ बबलू की पत्नी ने खुद को गोली मारकर हत्या कर ली थी। उसमें गांव वालों ने पैरवी करके उन्हें ससुराली जनों के मुकदमा दर्ज कराने से बचा लिया था। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय यदि लोग साथ न देते तो इन सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया होता।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव रूटौल में बुधवार की दोपहर जिला परिषद की ओर से शीशराम और नेकराम के घरों के सामने सीसी रोड का निर्माण चल रहा था। वहां मजदूरों के साथ साथ ग्रामीणों की भीड़ जमा थी। इसी बीच शीशराम के पुत्रों और नेकराम के पुत्रों के बीच सड़क से पानी निकासी के लिए नाली बनवाने को लेकर विवाद शुरू हो गया। मुहांचाही हाथापाई में बदल गई। दोनों ओर से तमंचे निकल आए और फायरिंग होने लगी। इसे वहां भगदड़ मच गई। फायरिंग से गांव के मुलायम सिंह और प्रवेश बाल-बाल बच गए। शीशराम के पुत्रों ने नेकराम के घर पर सीधे फायर झोंकने शुरू कर दिए। नेकराम की पत्नी मालती देवी (55) अंदर भागीं तो हमलावरों ने उनका पीछा करते हुए ताबड़तोड़ फायर झोंके। दो गोलियां ममता को जा धंसी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद हमलावर तमंचे लहराते हुए भाग निकले। सड़क बनवा रहे ठेकेदार ने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर एसएसआई दलबल के साथ मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर भाग चुके थे।
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पुलिस ने आननफानन शव को सीएचसी भिजवाया और हमलावरों की तलाश में घरों की तलाशी लेनी शुरू कर दी। हालांकि कोई हत्थे नहीं चढ़ा। पुलिस को पता चला कि हमलावर रानीपुर गौर गांव की ओर भागे हैं। पुलिस उस ओर गई तो खेतों में छिपे हमलावर भाग खड़े हुए। पुलिस ने उनका पीछा किया। एक हमलावर को रानीपुर गौर गांव में घुसते देख पुलिस ने गांव जाकर घर-घर तलाशी ली, लेकिन किसी का भी सुराग नहीं लगा।
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थोड़ी देर बाद सीओ राजीव कुमार सिंह भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने एक बार फिर कई घरों की तलाशी करवाई। इसी बीच नेकराम का पुत्र सुधीर वहां आ गया और उसने हमलावरों के घर पर पथराव कर दिया। ग्रामीणों ने उसे पकड़ा। सुधीर ने बताया कि उसकी मां की हत्या पारिवारिक चाचा शीशराम, उनके पुत्रों लटूरी, उदयपाल उर्फ बबलू और नरवीर ने की है। उसके घर के सामने बन रही नाली में शीशराम अपने घर का पानी निकलवाना चाहता था। विरोध करने पर फायरिंग शुरू कर दी। दो दिन पहले भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ था। तब ठेकेेदार चंद्रपाल यादव ने बीच का रास्ता निकाल दोनों को शांत किया था।
सुधीर ने बताया कि दोनों परिवारों में पहले से ही भूमि का एक विवाद चल रहा है। नेकराम का एक प्लाट शीशराम के मकान के पीछे है। यहां जाने का रास्ता शीशराम को देना था लेकिन शीशराम ने उसे पूरा घेर कर मकान बनवा लिया। मकान बन जाने से नेकराम का प्लाट बेकार हो गया। इसी वजह से भी दोनों परिवारों में अक्सर विवाद हुआ करता था। ग्रामीणों ने बताया कि शीशराम व उसके पुत्र झगड़ालू प्रवृति के हैं। एएसपी ओपी सिंह ने सीएचसी में आकर मृतका के पुत्र सुधीर से पूरी जानकारी ली। सुधीर ने शीशराम उसके पुत्र लटूरी, उदयवीर और नरवीर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
छह साल पहले बबलू की पत्नी ने की थी आत्महत्या
कायमगंज। 6 साल पहले हमलावर उदयवीर उर्र्फ बबलू की पत्नी ने खुद को गोली मारकर हत्या कर ली थी। उसमें गांव वालों ने पैरवी करके उन्हें ससुराली जनों के मुकदमा दर्ज कराने से बचा लिया था। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय यदि लोग साथ न देते तो इन सबके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया होता।