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ग्रामीणों को धोखा देने के लिए फूंका घर
Farrukhabad
Updated Tue, 16 Apr 2013 05:30 AM IST
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मोहम्मदाबाद। मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के कान्हेंपुर गांव में विवाहिता को जलाने के लिए पूरी योजना रात में ही तैयार की गई। मौके पर मिले सबूत बता रहे हैं कि घटना को अंजाम देने में राजेश के कुछ खास लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस भी ऐसा ही इत्तफाक रख रही है।
राजेश दीक्षित के पिता हरिशंकर नेत्रहीन हैं। परिवार में राजेश, प्रभा व उसका सात वर्षीय बेटा लालजी के अलावा राजेश के माता-पिता व उसका ताऊ रामप्रसाद हैं। स्कूल के पास जिस स्थान पर शव के अंश मिले हैं वहां पर्याप्त मात्रा में लकड़ी मिली है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पूरी योजना के तहत प्रभा को विद्यालय के पास फूंका गया। विद्यालय की पास आग की लपटें उठने पर उधर ग्रामीण न दौड़ पड़े, इसके लिए राजेश ने पहले अपने कच्चे घर को फूंका। कच्चा घर गांव के बीच था और विद्यालय एकांत में। ग्रामीण गांव वाले घर की आग बुझाने में जुटे रहे और विद्यालय के पास महिला जला दी गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचते काफी शव जल चुका था। कोतवाल रामसूरत सोनकर ने बताया कि मौके पर जिस तरह से लकड़ी मिली है, उससे लगता है कि वारदात में कई लोग शामिल थे। लकड़ी जलाने के लिए केरोसीन का प्रयोग किया गया। लकड़ी सुबह तक धधक रही थी। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। राजेश ने अपनी पत्नी को क्यों जलाकर मारा, इसके पीछे की वजह भी तलाशी जा रही है। पड़ोसी इस बारे में खुलकर नहीं बोल रहे हैं।
मौके पर मिला मोबाइल कवर
जिस स्थान पर विवाहिता को जलाया गया, वहां से मोबाइल का कवर भी मिला है। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। माना जा रहा है कि विवाहिता के साथ ही उसका मोबाइल भी जला दिया गया। छीना-झपटी में कवर वहीं गिर गया।
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सुबह फिर धधकी घर की आग
राजेश दीक्षित के घर की आग रात में ग्रामीणों ने बुझाई। सुबह 7:30 बजे कच्चे घर से फिर आग की लपटें उठने लगीं। इस पर पुलिस ने दमकल दस्ते को सूचना दी। दारोगा वंशराज भारती अपनी टीम के सदस्य सिकंदर, विनोद कुमार यादव एवं रामचंद्र को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। दमकल दस्ते ने करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया।
पक्के घर में सुरक्षित है सामान
राजेश दीक्षित व उसका परिवार जिस घर में रहता था। वहां का एक-एक सामान पूरी तरह से सुरक्षित है। घर के सभी कमरों में ताले लटकते हुए पाए गए।
नेत्रहीन पिता को लेकर चर्चा
राजेश दीक्षित के पिता हरिशंकर नेत्रहीन हैं। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी राजेश के कंधे पर थी। घटना के बाद नेत्रहीन हरिशंकर का घर से गायब होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
सास-बहू के बीच रहती थी अनबन
पुलिस की मानें तो पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि राजेश के पिता के नेत्रहीन होने की वजह से सारा जिम्मा राजेश की मां ही उठाती थी। राजेश के शादी होने के बाद प्रभा घर में आई। कुछ दिनों बाद प्रभा और राजेश की मां के बीच अनबन हो गई। सास-बहू के बीच अक्सर लड़ाई होती थी।
राजेश की आशिकमिजाजी से प्रभा परेशान थी
पुलिस की मानें तो राजेश दीक्षित दिलफेंक किस्म का युवक था। करीब 70 बीघा खेती होने की वजह से उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक थी। लोगों से पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि राजेश शराब पीकर घर आता था। पत्नी प्रभा इसका विरोध करती थी तो राजेश उसे पीटता था।
गांव में है दहशत का माहौल
विवाहिता के जिंदा फूंकने की खबर से कान्हेंपुर में दहशत का माहौल है। राजेश के पड़ोसी दरवाजा बंद किए हुए हैं। वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उनसे पूछताछ की, लेकिन वह खुलकर कुछ भी बोल नहीं रहे हैं। गांव के ज्यादातर पुरुष इधर-उधर हो गए हैं। महिलाएं ही बचीं हैं। वे गांव में आने वाले हर व्यक्ति पर निगाह रख रही हैं, लेकिन राजेश अथवा उसके परिवार के बारे में पूछने पर कुछ भी जानकारी होने से साफ इनकार कर देती हैं।
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राजेश दीक्षित के पिता हरिशंकर नेत्रहीन हैं। परिवार में राजेश, प्रभा व उसका सात वर्षीय बेटा लालजी के अलावा राजेश के माता-पिता व उसका ताऊ रामप्रसाद हैं। स्कूल के पास जिस स्थान पर शव के अंश मिले हैं वहां पर्याप्त मात्रा में लकड़ी मिली है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि पूरी योजना के तहत प्रभा को विद्यालय के पास फूंका गया। विद्यालय की पास आग की लपटें उठने पर उधर ग्रामीण न दौड़ पड़े, इसके लिए राजेश ने पहले अपने कच्चे घर को फूंका। कच्चा घर गांव के बीच था और विद्यालय एकांत में। ग्रामीण गांव वाले घर की आग बुझाने में जुटे रहे और विद्यालय के पास महिला जला दी गई। जब तक लोग मौके पर पहुंचते काफी शव जल चुका था। कोतवाल रामसूरत सोनकर ने बताया कि मौके पर जिस तरह से लकड़ी मिली है, उससे लगता है कि वारदात में कई लोग शामिल थे। लकड़ी जलाने के लिए केरोसीन का प्रयोग किया गया। लकड़ी सुबह तक धधक रही थी। पूरे मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। राजेश ने अपनी पत्नी को क्यों जलाकर मारा, इसके पीछे की वजह भी तलाशी जा रही है। पड़ोसी इस बारे में खुलकर नहीं बोल रहे हैं।
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मौके पर मिला मोबाइल कवर
जिस स्थान पर विवाहिता को जलाया गया, वहां से मोबाइल का कवर भी मिला है। पुलिस ने उसे कब्जे में ले लिया है। माना जा रहा है कि विवाहिता के साथ ही उसका मोबाइल भी जला दिया गया। छीना-झपटी में कवर वहीं गिर गया।
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सुबह फिर धधकी घर की आग
राजेश दीक्षित के घर की आग रात में ग्रामीणों ने बुझाई। सुबह 7:30 बजे कच्चे घर से फिर आग की लपटें उठने लगीं। इस पर पुलिस ने दमकल दस्ते को सूचना दी। दारोगा वंशराज भारती अपनी टीम के सदस्य सिकंदर, विनोद कुमार यादव एवं रामचंद्र को साथ लेकर मौके पर पहुंचे। दमकल दस्ते ने करीब 15 मिनट में आग पर काबू पाया।
पक्के घर में सुरक्षित है सामान
राजेश दीक्षित व उसका परिवार जिस घर में रहता था। वहां का एक-एक सामान पूरी तरह से सुरक्षित है। घर के सभी कमरों में ताले लटकते हुए पाए गए।
नेत्रहीन पिता को लेकर चर्चा
राजेश दीक्षित के पिता हरिशंकर नेत्रहीन हैं। ऐसे में पूरे परिवार की जिम्मेदारी राजेश के कंधे पर थी। घटना के बाद नेत्रहीन हरिशंकर का घर से गायब होना चर्चा का विषय बना हुआ है।
सास-बहू के बीच रहती थी अनबन
पुलिस की मानें तो पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि राजेश के पिता के नेत्रहीन होने की वजह से सारा जिम्मा राजेश की मां ही उठाती थी। राजेश के शादी होने के बाद प्रभा घर में आई। कुछ दिनों बाद प्रभा और राजेश की मां के बीच अनबन हो गई। सास-बहू के बीच अक्सर लड़ाई होती थी।
राजेश की आशिकमिजाजी से प्रभा परेशान थी
पुलिस की मानें तो राजेश दीक्षित दिलफेंक किस्म का युवक था। करीब 70 बीघा खेती होने की वजह से उसकी आर्थिक स्थिति भी ठीक थी। लोगों से पूछताछ के दौरान यह बात भी सामने आई है कि राजेश शराब पीकर घर आता था। पत्नी प्रभा इसका विरोध करती थी तो राजेश उसे पीटता था।
गांव में है दहशत का माहौल
विवाहिता के जिंदा फूंकने की खबर से कान्हेंपुर में दहशत का माहौल है। राजेश के पड़ोसी दरवाजा बंद किए हुए हैं। वे कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने उनसे पूछताछ की, लेकिन वह खुलकर कुछ भी बोल नहीं रहे हैं। गांव के ज्यादातर पुरुष इधर-उधर हो गए हैं। महिलाएं ही बचीं हैं। वे गांव में आने वाले हर व्यक्ति पर निगाह रख रही हैं, लेकिन राजेश अथवा उसके परिवार के बारे में पूछने पर कुछ भी जानकारी होने से साफ इनकार कर देती हैं।