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Farrukhabad News: रात भर तड़पते रहे 70 मरीज, 24 घंटे बाद मिला इलाज
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल के कर्मियों की मनमानी भर्ती मरीजों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। बिना बताए ड्यूटी से गायब स्टाफ नर्स की वजह से पांच वार्डों में भर्ती 70 मरीजों को 24 घंटे बाद इलाज मिल सका। ऑपरेशन, हड्डी आदि के मरीज रात भर दर्द से बेहाल रहे। परेशान मरीजों के तीमारदार रात भर हंगामा करते रहे। ईएमओ को दो बार वार्डों में जाना पड़ा।
शुक्रवार को अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित आर्थो में 15, मेडिकल में 40, सर्जिकल में 13, टीबी व प्राइवेट वार्ड में एक-एक कुल 70 मरीज भर्ती थे। इन मरीजों को सुबह और रात आठ बजे के बाद इंजेक्शन व दवाएं दी जाती हैं। शुक्रवार रात इन वार्डों में तैनात दोनों स्टाफ नर्स मनोरमा व राखी बिना बताए ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं। मरीजों का दर्द बढ़ने लगा। नवाबगंज के बबना निवासी सुधीर दर्द से परेशान होकर ड्यूटी कक्ष के बाहर आ गए।
अमृतपुर के अमैयापुर के नौ साल के प्रशांत के बाबा हेमराज, कन्नौज के गुरसहायगंज के सानिफा (7) के बाबा रामशरन, राजेपुर के खंडौली की दिव्यांशी के पिता राजपाल समेत तमाम तीमारदार व मरीज स्टाफ रूम के बाहर आ गए। कई तीमारदार इमरजेंसी पहुंचे। ईएमओ डॉ. भानु प्रताप ने दो बार लोगों को मौके पर जाकर समझाया।
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राजपाल ने बताया कि उनकी बेटी पूरी रात दर्द से चिल्लाती रही। वार्ड के अन्य मरीज भी परेशान रहे। कुछ लोगों ने सीएमएस से भी फोन पर शिकायत की, मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका। रात भर मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। सुबह आठ बजे दूसरा स्टाफ आने के बाद ही मरीजों को दवाएं व इंजेक्शन लगने के बाद राहत मिली।
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आराम फरमाते जिम्मेदार, प्रशिक्षुओं पर इलाज का जिम्मा
अस्पताल में तैनात कर्मचारी अपना काम करने में तौहीन समझते हैं। इन दिनों वार्डों में सुबह की ड्यूटी में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु छात्राएं आती हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी नियमित स्टाफ की होती है। मगर यह स्टाफ आराम फरमाता है। प्रशिक्षु छात्र ही मरीजों को इंजेक्शन, वीगो लगाते और दवाएं भी देते हैं। जानकारी के अभाव में कई बार मरीज को दिक्कत भी भुगतनी पड़ती है।
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चार दिन से पड़ी गंदी चादरों को नहीं उठाया
प्रथम तल के वार्डों के बाहर तीन स्थानों पर गंदी चादरें पड़ी हैं। जिम्मेदारों ने इन चादरों को उठाने की जरूरत नहीं समझी। इनसे उठती बदबू से लोग परेशान हैं। लोगों की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती।
-वार्डों में रात्रि ड्यूटी की स्टाफ नर्स के न पहुंचने की जानकारी मिली है। समय पर मरीजों को दवाएं न मिलना गंभीर मामला है। वह इस मामले की जांच कराएंगे। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया जिला अस्पताल।
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शुक्रवार को अस्पताल के प्रथम तल पर स्थित आर्थो में 15, मेडिकल में 40, सर्जिकल में 13, टीबी व प्राइवेट वार्ड में एक-एक कुल 70 मरीज भर्ती थे। इन मरीजों को सुबह और रात आठ बजे के बाद इंजेक्शन व दवाएं दी जाती हैं। शुक्रवार रात इन वार्डों में तैनात दोनों स्टाफ नर्स मनोरमा व राखी बिना बताए ड्यूटी पर नहीं पहुंचीं। मरीजों का दर्द बढ़ने लगा। नवाबगंज के बबना निवासी सुधीर दर्द से परेशान होकर ड्यूटी कक्ष के बाहर आ गए।
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अमृतपुर के अमैयापुर के नौ साल के प्रशांत के बाबा हेमराज, कन्नौज के गुरसहायगंज के सानिफा (7) के बाबा रामशरन, राजेपुर के खंडौली की दिव्यांशी के पिता राजपाल समेत तमाम तीमारदार व मरीज स्टाफ रूम के बाहर आ गए। कई तीमारदार इमरजेंसी पहुंचे। ईएमओ डॉ. भानु प्रताप ने दो बार लोगों को मौके पर जाकर समझाया।
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राजपाल ने बताया कि उनकी बेटी पूरी रात दर्द से चिल्लाती रही। वार्ड के अन्य मरीज भी परेशान रहे। कुछ लोगों ने सीएमएस से भी फोन पर शिकायत की, मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका। रात भर मरीजों को इलाज नहीं मिल सका। सुबह आठ बजे दूसरा स्टाफ आने के बाद ही मरीजों को दवाएं व इंजेक्शन लगने के बाद राहत मिली।
आराम फरमाते जिम्मेदार, प्रशिक्षुओं पर इलाज का जिम्मा
अस्पताल में तैनात कर्मचारी अपना काम करने में तौहीन समझते हैं। इन दिनों वार्डों में सुबह की ड्यूटी में बड़ी संख्या में प्रशिक्षु छात्राएं आती हैं। इन्हें प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी नियमित स्टाफ की होती है। मगर यह स्टाफ आराम फरमाता है। प्रशिक्षु छात्र ही मरीजों को इंजेक्शन, वीगो लगाते और दवाएं भी देते हैं। जानकारी के अभाव में कई बार मरीज को दिक्कत भी भुगतनी पड़ती है।
चार दिन से पड़ी गंदी चादरों को नहीं उठाया
प्रथम तल के वार्डों के बाहर तीन स्थानों पर गंदी चादरें पड़ी हैं। जिम्मेदारों ने इन चादरों को उठाने की जरूरत नहीं समझी। इनसे उठती बदबू से लोग परेशान हैं। लोगों की शिकायत के बावजूद कोई सुनवाई नहीं होती।
-वार्डों में रात्रि ड्यूटी की स्टाफ नर्स के न पहुंचने की जानकारी मिली है। समय पर मरीजों को दवाएं न मिलना गंभीर मामला है। वह इस मामले की जांच कराएंगे। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. अशोक प्रियदर्शी, सीएमएस, लोहिया जिला अस्पताल।