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6 करोड़ से बहुरेंगे तीन गांवों के दिन

Wed, 01 Jul 2015 11:30 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Wed, 01 Jul 2015 11:30 PM IST
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6 million on three villages will change
सूबे की सरकार ने ग्रामीण पर्यटन नीति लागू की है। इसके तहत मुख्य पर्यटन
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स्थलों या परिपथ के समीप के गांवों का चयन कर विकसित किया जाएगा। चुने गए एक गांव के विकास के लिए 2 करोड़ रुपये तक सरकार खर्च करेगी। एक साल में तीन गांवों का चयन होगा। इस लिहाज से तीन गांवों पर 6 करोड़ रुपया खर्च होना है। गांव के पुराने घरों, हवेलियों को

पर्यटकों के लिए बतौर आवास विकसित करने के लिए पांच लाख रुपये तक दिए जाएंगे। गांवों के चयन की कार्रवाई शुरू हो गई है। पर्यटन स्थलों और परिपथ के समीप के गांवों का चयन ग्रामीण पर्यटन नीति के तहत किया जाएगा। एक साल में तीन गांवों का चयन होगा। परंपरागत कला/ हस्त शिल्प व  अन्य आकर्षण वाले गांवों को चुना जाना है। यह गांव

मुख्यमार्ग के निकट होने चाहिए। डीएम एनकेएस चौहान ने ऐसे गांवों की सूची मांग ली है। एक गांव पर सूबे की सरकार दो करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके साथ ही पर्यटकों केे ठहराव के लिए 1950 से पहले के बने घरों/ हवेलियों को भी नए सिरे से विकसित करने की योजना है। इसके लिए पांच लाख रुपये और दिए जाएंगे।

जिले में समृद्ध विरासत
जिला पौराणिक व ऐतिहासिक विरासतों से समृद्ध है। संकिसा में गौतम बुद्ध के स्वर्ग से अवतरित होने की मान्यता है।  भोजपुर में प्रतिहार शासक मिहिर भोज का शासन रहा है। श्रंगीरामपुर में श्रंगी ऋषि ने सीगों का त्याग किया था। कंपिल में जैन धर्म के 13वें तीर्थंकर भगवान विमलनाथ के गर्भ, जन्म, दीक्षा संस्कार हुए। यहां पांचाल नरेश द्रुपद की बेटी द्रोपदी का स्वयंवर हुआ था। गंगा के किनारे विश्रांतों का भी अपना इतिहास है। इन्हीं के आसपास गांवों के चयन की उम्मीद है।
 
ग्रामीण पर्यटन नीति का मकसद
- पर्यटन के विकास के लिए मूलभूत सुविधाओं का विकास व निर्माण कार्य।
- कौशल विकास कार्यशालाओं का आयोजन।
- गरीबी उन्मूलन के लिए पर्यटन जनित रोजगार के अवसरों का सृजन।

- पर्यटन विकास के जरिए ग्रामीण दस्तकारों एवं कलाकारों का सामाजिक एवं आर्थिक उन्नयन।
- परंपरागत कला एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा देना।

- पर्यटन के माध्यम से मूलभूत सुविधाएं तथा स्वस्थ वातावरण तैयार करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों से युवाओं का पलायन रोकने के लिए कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण आयोजित करना।

रखरखाव एवं प्रबंध समिति
- तैयार किए गए आधारभूत ढांचे एवं संपत्ति का रखरखाव प्रबंधन, ग्राम पंचायत, निजी क्षेत्र ख्याति प्राप्त संगठन, गैर सरकारी संगठन द्वारा किया जाएगा।
- पुनरुद्घार किए गए स्मारकों को संबंधित विभागों को हस्तांतरित किया जाएगा, जिनका इन पर स्वामित्व होगा।
इनसेट

गांव के चयन की कमेटी

ग्रामीण पर्यटन नीति के संबंध में गांव के चयन की कमेटी में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उपायुक्त जिला उद्योग केंद्र, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, ग्राम प्रधान, गैर सरकारी संगठन अथवा संबंधित क्षेत्र के विशिष्ट व्यक्ति तथा परियोजना सलाहकार सम्मिलित होंगे।

आवासों का ऐसे होगा विकास
1950 से पहले के बने घरों/ हवेलियों को पर्यटकों के लिए बतौर आवास के रूप में विकसित करने में इन सुविधाओं पर जोर रहेगा।
- प्रसाधन व पेयजल सुविधाएं।
- भवन का पुनरुद्धार।

- यह पैसा चार कक्षों के निर्माण के लिए होगा।
- निजी संग्रहालय अथवा गैलरी के लिए।
- आवासीय इकाइयों को विभागीय पेइंग गेस्ट योजना के तहत पंजीकृत कराना होगा।
- निर्मित सुविधाओं को कम से कम पांच साल के लिए संचालित करना होगा।
 
क्या कहते जिम्मेदार

यूपी टूरिज्म के पर्यटन सूचनाधिकारी मोहित कुमार ने बताया कि सूबे की सरकार ने ग्रामीण पर्यटन नीति लागू की है। इसके तहत चुने गए गांवों का विकास कराया जाएगा। इसके लिए प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
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