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फर्रुखाबाद में घपले की जांच में शामिल नहीं किए गए 6 लाख के एन-95 मास्क
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। कोरोना महामारी में जनप्रतिनिधियों की निधि से हुई मनमानी खरीद की जिलाधिकारी ने कमेटी से जांच कराई। इसमें खुदरा मूल्य पर सैनिटाइजर की थोक खरीद, अलग-अलग कीमत के थ्री लेयर मास्क खरीदने को ताो शामिल किया गया लेकिन 6 लाख के एन-95 मास्क शामिल नहीं किए गए। इसके बाद भी जिम्मेदारों को क्लीनचिट दे दी गई।
कोरोना संकट से निपटने को जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग को 1.35 करोड़ रुपये अपनी निधि से दिए थे। इसमें विभाग ने करीब 47 लाख से मास्क व सैनिटाइजर की खरीद में जमकर मनमानी की। भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी ने वरिष्ठ कोषाधिकारी, अतिरिक्त एसडीएम व सीएमएस की कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी गई। इसमें सांसद निधि के 80 लाख रुपये में से 35,28,600 की खरीद दिखाई गई। इसमें 14 अप्रैल को एक लाख थ्री लेयर मास्क की खरीद 7.35 रुपये प्रति मास्क के हिसाब से 7,35000 रुपये से, 30 मई को 50 हजार मास्क की खरीद (6.10 रुपये की दर से) 3,20000 रुपये से व 31 मार्च को 50 हजार मास्क की खरीद 12.40 रुपये की दर से 6,2000 रुपये से दिखाई गई।
खास बात यह है कि 31 मार्च को डियर मेडिकल प्रा.लि. से उसी बिल पर खरीदे गए करीब 6 लाख के एन-95 डिस्पोजेबल मास्क का जांच में जिक्र तक नहीं है। वहीं थ्री लेयर मास्क का खुदरा मूल्य 16 रुपये से कम (11.82 रुपये) होने के चलते अनियमितता नहीं बताई गई। 14 अप्रैल व 30 मई की खरीद में सरकारी खुदरा मूल्य 10 रुपये से कम होने की बात कही गई। इसी फर्म से सैनिटाइजर की खरीद 99.68 रुपये में प्रति 200 मिली की गई। जांच में सरकारी खुदरा मूल्य 100 रुपये प्रति 200 मिली होने की बात कहकर क्लीनचिट दे दी गई। जांच पूरी होने से पहले सैनिटाइजर का भुगतान भी हो चुका है। वहीं 200 मिली की जगह 100 मिली सैनिटाइजर मंगाए जाने की शिकायत की जांच की गई तो स्टोर का स्टाक निल होने से जांच नहीं हो सकी।
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किसकी निधि से कितनी हुई खरीद
सांसद मुकेश राजपूत की 80 लाख निधि में से 36,28,600 रुपये से हुुई खरीद।
विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की 20 लाख की निधि में 5,73,640 रुपये से हुई खरीद
विधायक नागेंद्र सिंह राठौर की 15 लाख की निधि में 2,52,237 रुपये से हुई खरीद
विधायक सुशील शाक्य की 15 लाख की निधि में 3,54,000 रुपये से हुई खरीद
क्या कहते जिम्मेदार
जांच अधिकारी वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल तिवारी नेेे बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के आधार पर जांच की गई। हो सकता है कि दो हजार एन-95 मास्क का करीब 6 लाख का बिल न दिया गया हो, इससे छूट गया हो। इसे दिखवाया जाएगा।
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फर्रुखाबाद। कोरोना महामारी में जनप्रतिनिधियों की निधि से हुई मनमानी खरीद की जिलाधिकारी ने कमेटी से जांच कराई। इसमें खुदरा मूल्य पर सैनिटाइजर की थोक खरीद, अलग-अलग कीमत के थ्री लेयर मास्क खरीदने को ताो शामिल किया गया लेकिन 6 लाख के एन-95 मास्क शामिल नहीं किए गए। इसके बाद भी जिम्मेदारों को क्लीनचिट दे दी गई।
कोरोना संकट से निपटने को जनप्रतिनिधियों ने स्वास्थ्य विभाग को 1.35 करोड़ रुपये अपनी निधि से दिए थे। इसमें विभाग ने करीब 47 लाख से मास्क व सैनिटाइजर की खरीद में जमकर मनमानी की। भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार की शिकायत पर जिलाधिकारी ने वरिष्ठ कोषाधिकारी, अतिरिक्त एसडीएम व सीएमएस की कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए। जांच रिपोर्ट सीडीओ को सौंप दी गई। इसमें सांसद निधि के 80 लाख रुपये में से 35,28,600 की खरीद दिखाई गई। इसमें 14 अप्रैल को एक लाख थ्री लेयर मास्क की खरीद 7.35 रुपये प्रति मास्क के हिसाब से 7,35000 रुपये से, 30 मई को 50 हजार मास्क की खरीद (6.10 रुपये की दर से) 3,20000 रुपये से व 31 मार्च को 50 हजार मास्क की खरीद 12.40 रुपये की दर से 6,2000 रुपये से दिखाई गई।
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खास बात यह है कि 31 मार्च को डियर मेडिकल प्रा.लि. से उसी बिल पर खरीदे गए करीब 6 लाख के एन-95 डिस्पोजेबल मास्क का जांच में जिक्र तक नहीं है। वहीं थ्री लेयर मास्क का खुदरा मूल्य 16 रुपये से कम (11.82 रुपये) होने के चलते अनियमितता नहीं बताई गई। 14 अप्रैल व 30 मई की खरीद में सरकारी खुदरा मूल्य 10 रुपये से कम होने की बात कही गई। इसी फर्म से सैनिटाइजर की खरीद 99.68 रुपये में प्रति 200 मिली की गई। जांच में सरकारी खुदरा मूल्य 100 रुपये प्रति 200 मिली होने की बात कहकर क्लीनचिट दे दी गई। जांच पूरी होने से पहले सैनिटाइजर का भुगतान भी हो चुका है। वहीं 200 मिली की जगह 100 मिली सैनिटाइजर मंगाए जाने की शिकायत की जांच की गई तो स्टोर का स्टाक निल होने से जांच नहीं हो सकी।
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किसकी निधि से कितनी हुई खरीद
सांसद मुकेश राजपूत की 80 लाख निधि में से 36,28,600 रुपये से हुुई खरीद।
विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी की 20 लाख की निधि में 5,73,640 रुपये से हुई खरीद
विधायक नागेंद्र सिंह राठौर की 15 लाख की निधि में 2,52,237 रुपये से हुई खरीद
विधायक सुशील शाक्य की 15 लाख की निधि में 3,54,000 रुपये से हुई खरीद
क्या कहते जिम्मेदार
जांच अधिकारी वरिष्ठ कोषाधिकारी अतुल तिवारी नेेे बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए अभिलेखों के आधार पर जांच की गई। हो सकता है कि दो हजार एन-95 मास्क का करीब 6 लाख का बिल न दिया गया हो, इससे छूट गया हो। इसे दिखवाया जाएगा।