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575 तालाबों में होगा मछली पालन
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 08 Jul 2015 11:16 PM IST
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बरसात होने से मछली पालन की तैयारी शुरू हो गई है। इस बार पट्टे के 575
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तालाबों के 452.319 हेक्टेयर में मछली पालन होगा। मत्स्य बीज के लिए महकमे
ने पट्टा धारकों से आवेदन मांगे हैं। निजी तालाब में मत्स्य पालन करने वाले
भी बीज के लिए मत्स्य पालन विकास अभिकरण में आवेदन कर सकते हैं। यह आवेदन
15 सितंबर तक किए जा सकते हैं। इसके बाद बीज नहीं मिलेगा।
मत्स्य पालन विकास अभिकरण को इस सीजन में 1 करोड़ 75 लाख मत्स्य बीज आवंटन का लक्ष्य मिला है। महकमे ने 575 तालाब मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिए हैं। बीज के लिए आवेदन मांगे गए हैं। यह आवेदन 15 सितंबर तक ही लिए जाएंगे। मत्स्य पालन के लिए लोगों ने तैयारी शुरू कर दी है। मत्स्यपालन विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवराम ने बताया कि मछली बीज के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं।
मत्स्य बीज मूल्य
- 31 जुलाई तक 100 रुपया हजार।
-1 अगस्त से 31 अगस्त तक 110 रुपया हजार।
- 1 सितंबर से 15 सितंबर तक 115 रुपया हजार।
तालाब की तैयारी इस तरह करें
- तालाब की तली से भाप (चेहटा) निक ाल दें। इसमें मांसाहारी मछली बसेरा करती हैं। यह मत्स्य बीज खा जाती हैं।
- तालाब से जलीय घास साफ कर दें। यह पानी में सूर्य की रोशनी के लिए बाधा बनती हैं।
-अवांछनीय मछलियों का हटा दें।
- पानी निकासी व आगमन वाले रास्ते पर जाली लगा दें।
- मत्स्य बीज डालने से एक माह पहले 300 किलोग्राम चूना प्रति हेक्टेयर की दर से डालें।
- चूना डालने के 15 से 20 दिन बाद 10 क्विंटल गोबर की खाद डाली जानी चाहिए।
- गोबर की खाद डालने के 15 दिन के बाद रासायनिक खादों का मिश्रण 74 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से डालें।
मत्स्य पालकों के लिए सुविधाएं
- नि:शुल्क तालाब और मिट्टी की जांच।
- मत्स्य पालन के लिए तालाब का 10 साल के लिए पट्टा।
- ग्राम सभा के तालाब के सुधार के लिए 75 हजार रुपये एवं प्रथम वर्षीय निवेश पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से बैंकों से लोन की व्यवस्था। इसमें अनुसूचित जाति के लाभार्थी को 25, सामान्य और पिछड़ी जाति के लाभार्थी को 20 फीसदी अनुदान।
एक हेक्टेयर में 1.66 लाख का मुनाफा
1 हेक्टेयर तालाब में 1 साल में 3600 किलोग्राम मछली का उत्पादन होता है। 60 रुपये प्रति किलोग्राम विक्रय से मछली मूल्य 2 लाख 16 हजार रुपये होगा। मछली पालन में संभावित व्यय 50 हजार रुपये है। मछली पालक देवेंद्र, रघुवीर, चंद्रसेन का कहना है कि इस लिहाज से साल में डेढ़ लाख रुपये से ऊपर मुनाफा हो जाता है।
मत्स्य पालन विकास अभिकरण को इस सीजन में 1 करोड़ 75 लाख मत्स्य बीज आवंटन का लक्ष्य मिला है। महकमे ने 575 तालाब मत्स्य पालन के लिए पट्टे पर दिए हैं। बीज के लिए आवेदन मांगे गए हैं। यह आवेदन 15 सितंबर तक ही लिए जाएंगे। मत्स्य पालन के लिए लोगों ने तैयारी शुरू कर दी है। मत्स्यपालन विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवराम ने बताया कि मछली बीज के लिए आवेदन लिए जा रहे हैं।
मत्स्य बीज मूल्य
- 31 जुलाई तक 100 रुपया हजार।
-1 अगस्त से 31 अगस्त तक 110 रुपया हजार।
- 1 सितंबर से 15 सितंबर तक 115 रुपया हजार।
तालाब की तैयारी इस तरह करें
- तालाब की तली से भाप (चेहटा) निक ाल दें। इसमें मांसाहारी मछली बसेरा करती हैं। यह मत्स्य बीज खा जाती हैं।
- तालाब से जलीय घास साफ कर दें। यह पानी में सूर्य की रोशनी के लिए बाधा बनती हैं।
-अवांछनीय मछलियों का हटा दें।
- पानी निकासी व आगमन वाले रास्ते पर जाली लगा दें।
- मत्स्य बीज डालने से एक माह पहले 300 किलोग्राम चूना प्रति हेक्टेयर की दर से डालें।
- चूना डालने के 15 से 20 दिन बाद 10 क्विंटल गोबर की खाद डाली जानी चाहिए।
- गोबर की खाद डालने के 15 दिन के बाद रासायनिक खादों का मिश्रण 74 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर की दर से डालें।
मत्स्य पालकों के लिए सुविधाएं
- नि:शुल्क तालाब और मिट्टी की जांच।
- मत्स्य पालन के लिए तालाब का 10 साल के लिए पट्टा।
- ग्राम सभा के तालाब के सुधार के लिए 75 हजार रुपये एवं प्रथम वर्षीय निवेश पर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से बैंकों से लोन की व्यवस्था। इसमें अनुसूचित जाति के लाभार्थी को 25, सामान्य और पिछड़ी जाति के लाभार्थी को 20 फीसदी अनुदान।
एक हेक्टेयर में 1.66 लाख का मुनाफा
1 हेक्टेयर तालाब में 1 साल में 3600 किलोग्राम मछली का उत्पादन होता है। 60 रुपये प्रति किलोग्राम विक्रय से मछली मूल्य 2 लाख 16 हजार रुपये होगा। मछली पालन में संभावित व्यय 50 हजार रुपये है। मछली पालक देवेंद्र, रघुवीर, चंद्रसेन का कहना है कि इस लिहाज से साल में डेढ़ लाख रुपये से ऊपर मुनाफा हो जाता है।