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दस टीमें खोजेंगी टीबी के मरीज
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फर्रुखाबाद। संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल के चलते जिले में एसीएफ (एक्टिव केस फाइनडिंग) अभियान स्थगित कर दिया गया था। संविदा कर्मियों के वापस आ जाने से अब यह अभियान 6 फरवरी से चलाया जाएगा। इसके लिए 10 टीमें लगाई जाएंगी।
केंद्र सरकार टीबी को 2025 तक देश से खत्म करने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत टीबी मरीजों के लिए नित नई योजनाएं लागू होती रहती हैं। पिछले साल से एसीएफ अभियान चालू किया गया था। इसके अंर्तगत प्रत्येक टीबी यूनिट से टीमें बना कर जिले भर में टीबी के मरीज ढूंढे जाते हैं। इसके बाद उनका इलाज किया जाता है। जिले में 21 जनवरी से यह अभियान शुरू होना था। लेकिन एनएचएम के संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते यह अभियान लटक गया था। अब हड़ताल खत्म होने के बाद विभाग इस अभियान को दोबारा से शुरू करने जा रहा है। बुधवार से दस टीमें गांव-गांव जाकर टीबी के मरीजों को ढूंढेगी। बाद में उनका मुफ्त इलाज किया जाएगा। साथ ही मरीजों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह भी दिया जाएगा।
जिला क्षयरोग अधिकारी डा. सुनील मल्होत्रा ने बताया कि हड़ताल की वजह से एसीएफ को रोक दिया गया था। अब कर्मचारी वापस काम पर आए हैं। 6 फरवरी से एसीएफ अभियान शुरू किया जाएगा।
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केंद्र सरकार टीबी को 2025 तक देश से खत्म करने के लिए प्रयासरत है। इसके तहत टीबी मरीजों के लिए नित नई योजनाएं लागू होती रहती हैं। पिछले साल से एसीएफ अभियान चालू किया गया था। इसके अंर्तगत प्रत्येक टीबी यूनिट से टीमें बना कर जिले भर में टीबी के मरीज ढूंढे जाते हैं। इसके बाद उनका इलाज किया जाता है। जिले में 21 जनवरी से यह अभियान शुरू होना था। लेकिन एनएचएम के संविदा कर्मियों की हड़ताल के चलते यह अभियान लटक गया था। अब हड़ताल खत्म होने के बाद विभाग इस अभियान को दोबारा से शुरू करने जा रहा है। बुधवार से दस टीमें गांव-गांव जाकर टीबी के मरीजों को ढूंढेगी। बाद में उनका मुफ्त इलाज किया जाएगा। साथ ही मरीजों को पांच सौ रुपये प्रतिमाह भी दिया जाएगा।
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जिला क्षयरोग अधिकारी डा. सुनील मल्होत्रा ने बताया कि हड़ताल की वजह से एसीएफ को रोक दिया गया था। अब कर्मचारी वापस काम पर आए हैं। 6 फरवरी से एसीएफ अभियान शुरू किया जाएगा।
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