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ब्रेकरी में इस्तेमाल होने वाला 4900 मीट्रिक टन माल सीज
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फर्रुखाबाद के गांव महरूपुर राबी स्थित सपा नेता हाजी तरीक सेठ की फ्लोर मिल में कागजात चेक करते जीए
- फोटो : FARRUKHABAD
कमालगंज (फर्रुखाबाद)। ज्वाइंट कमिश्नर हरीलाल प्रजापति ने देर रात बताया कि स्टॉक ट्रांसफर व आपूर्ति में 40 प्रतिशत का अंतर पाया गया है। इसका टर्नओवर भी नहीं दर्शाया गया है। यह बड़ी गड़बड़ी है। इसके चलते फर्म का बेकरी उत्पादों में इस्तेेमाल होने वाला 95.745 मीट्रिक टन माल सीज कर दिया गया है। इसके अलावा 79370 पीस पैकिंग मैटेरियल सीज किया गया है।
कुल माल की कीमत 82 लाख 82 हजार आंकी गई है। इसमें कुछ माल पांच प्रतिशत जीएसटी वाला है और कुछ 18 प्रतिशत जीएसटी का है। यदि अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो तैयार माल में 3.30 लाख व पैक माल में 3.30 लाख की जीएसटी चोरी बनती है।
फर्म यहां होने के बाद भी उसके अभिलेख दूसरे राज्य (महाराष्ट्र के मुंबई) में होना जीएसटी नियमों का उल्लंघन है। अभी 31 दिसंबर तक का ही स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध कराया गया है। इसके चलते फर्म मालिक को समन दिया जाएगा।
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उन्होंने चार पन्ने की अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की है। जांच के दौरान मौजूद रहे हाजी तरीक सेठ के भतीजे फैसल सेठ ने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराई और दोबारा स्टॉक की गिनती करने के लिए कहा। इसके चलते ही उन्होंने जांच रिपोर्ट के मुख्य पेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस दौरान उनके वकील प्रवीण माथुर भी मौजूद रहे। छापा मारने वाली टीम में फर्रुखाबाद, इटावा व कन्नौज के अधिकारी शामिल थे।
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कुल माल की कीमत 82 लाख 82 हजार आंकी गई है। इसमें कुछ माल पांच प्रतिशत जीएसटी वाला है और कुछ 18 प्रतिशत जीएसटी का है। यदि अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं तो तैयार माल में 3.30 लाख व पैक माल में 3.30 लाख की जीएसटी चोरी बनती है।
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फर्म यहां होने के बाद भी उसके अभिलेख दूसरे राज्य (महाराष्ट्र के मुंबई) में होना जीएसटी नियमों का उल्लंघन है। अभी 31 दिसंबर तक का ही स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध कराया गया है। इसके चलते फर्म मालिक को समन दिया जाएगा।
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उन्होंने चार पन्ने की अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की है। जांच के दौरान मौजूद रहे हाजी तरीक सेठ के भतीजे फैसल सेठ ने जांच रिपोर्ट पर आपत्ति दर्ज कराई और दोबारा स्टॉक की गिनती करने के लिए कहा। इसके चलते ही उन्होंने जांच रिपोर्ट के मुख्य पेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। इस दौरान उनके वकील प्रवीण माथुर भी मौजूद रहे। छापा मारने वाली टीम में फर्रुखाबाद, इटावा व कन्नौज के अधिकारी शामिल थे।