{"_id":"645bf4c4de010acc17081f27","slug":"399-lakh-voters-will-cast-their-vote-from-7-am-today-farrukhabad-news-c-12-1-226027-2023-05-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 3.99 लाख मतदाता आज सुबह सात बजे से डालेंगे वोट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 3.99 लाख मतदाता आज सुबह सात बजे से डालेंगे वोट
Thu, 11 May 2023 01:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 11 May 2023 01:17 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। नगरपालिका और नगर पंचायतों के मतदाता गुरुवार को अपने अधिकार की मुहर लगाकर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला करेंगे। जनपद में दो नगरपालिका व सात नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद के 150 और सभासद पद पर 974 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव प्रचार में प्रत्याशियों की ताकत देखने वाले भाग्यविधाता अब अपनी शक्ति दिखाएंगे।
जनपद में दो नगर पालिका व सात नगर पंचायतों में 28 अप्रैल को चुनाव चिह्न आवंटन के साथ प्रचार तेज हो गया था। इस बीच अध्यक्ष पद के दावेदारों ने पूरे निकाय क्षेत्र में, जबकि सभासद प्रत्याशियों ने अपने वार्ड में जनाधार पाने के लिए ताकत झोंकी। सभी दावेदार अपने प्रतिद्वंदियों को ताकत का एहसास कराते रहे। किसी ने भोंपू बजाकर कान फोड़े तो किसी के पक्ष में नारे गूंजते रहे। प्रचार के बीच भाग्य विधाताओं की मान-मनौवल भी खूब हुई। कभी न दिखने वाले व गरीबों से दूरी बनाने वाले भी गलियों की खाक छानते हुए उनके कदमों में नजर आए। नौ मई की शाम से चुनावी शोर बंद है। लेकिन चुनावी रण के योद्धा अपनी जीत के लिए सभी हथकंडे अपना रहे हैं। साम, दाम, दंड, भेद सभी नीतियों अपनाई गईं। अब निर्णय लेने का समय मतदाताओं का है। उनके हाथ में प्रत्याशियों का भाग्य है। सुबह भाग्य विधाता मन में अपना नेता चुनकर घर से मतदान केंद्र की ओर निकलेंगे। बूथ पर जाकर बैलेट पेपर पर अपने अधिकार की मुहर लगाकर लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराएंगे। इसमें आधी आबादी भी पुरुषों के बराबर महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारी निभाएगी।
विज्ञापन
जनपद में दो नगर पालिका व सात नगर पंचायतों में 28 अप्रैल को चुनाव चिह्न आवंटन के साथ प्रचार तेज हो गया था। इस बीच अध्यक्ष पद के दावेदारों ने पूरे निकाय क्षेत्र में, जबकि सभासद प्रत्याशियों ने अपने वार्ड में जनाधार पाने के लिए ताकत झोंकी। सभी दावेदार अपने प्रतिद्वंदियों को ताकत का एहसास कराते रहे। किसी ने भोंपू बजाकर कान फोड़े तो किसी के पक्ष में नारे गूंजते रहे। प्रचार के बीच भाग्य विधाताओं की मान-मनौवल भी खूब हुई। कभी न दिखने वाले व गरीबों से दूरी बनाने वाले भी गलियों की खाक छानते हुए उनके कदमों में नजर आए। नौ मई की शाम से चुनावी शोर बंद है। लेकिन चुनावी रण के योद्धा अपनी जीत के लिए सभी हथकंडे अपना रहे हैं। साम, दाम, दंड, भेद सभी नीतियों अपनाई गईं। अब निर्णय लेने का समय मतदाताओं का है। उनके हाथ में प्रत्याशियों का भाग्य है। सुबह भाग्य विधाता मन में अपना नेता चुनकर घर से मतदान केंद्र की ओर निकलेंगे। बूथ पर जाकर बैलेट पेपर पर अपने अधिकार की मुहर लगाकर लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराएंगे। इसमें आधी आबादी भी पुरुषों के बराबर महत्वपूर्ण भूमिका और जिम्मेदारी निभाएगी।
विज्ञापन