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Farrukhabad News: लोहिया अस्पताल में अवैध रूप से इलाज करते 37 छात्रों को पकड़ा
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फर्रुखाबाद। डॉ राममनोहर लोहिया अस्पताल में उपचार के नाम पर नौसिखिया छात्र मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। गुरुवार को अस्पताल के मेडिकल वार्डों में छात्रों की भीड़ की सूचना पर पहुंचे सीएमएस ने जांच कराई तो 37 छात्र अवैध रूप से भर्ती मरीजों का इलाज करते मिले। सीएमएस ने नाम व पते की सूची बनवाने के बाद हिदायत देकर बाहर निकाल दिया। यह खेल स्टाफ की शह पर चल रहा है। इनमें 14 छात्र-छात्राएं महिला अस्पताल की भी शामिल बताई गईं।
लोहिया अस्पताल के मेडिकल, आर्थो, सर्जरी आदि वार्डों में मेडिकल के छात्रों की भारी भीड़ रहती है। दवाएं कम लगने, वार्डों में कांच व गंदगी फैले होने की शिकायत पर सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी, क्वालिटी मैनेजर डॉ. रजा, इंटर्नशिप का पटल देखते फार्मासिस्ट सतेंद्र कुमार और ई-हास्पिटल मैनेजर विवेक राना पहुंचे।
उन्होंने सभी छात्रों को एक-एक कर नाम, पता, काॅलेज का नाम और यहां आने का कारण पूछा। जांच में पता चला कि महिला अस्पताल में इंटर्नशिप करने वाले 14, सिर्फ फार्म जमा करने के बाद अस्पताल में आने वाले 13 और एक-एक साल पहले ट्रेनिंग खत्म होने के बाद भी अस्पताल में आने वाले 10 छात्र मिले। कई छात्र-छात्राएं अपने स्कूल का आईकार्ड तक नहीं दिखा सके।
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सीएमएस ने सभी छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर खड़ा किया। उन्हें सख्त हिदायत देने के बाद अस्पताल से बाहर कर दिया गया। सीएमएस अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल स्टाफ की भी इसमें लापरवाही है। उन्हें इनसे पूछताछ करके इलाज की अनुमति देनी चाहिए। स्टाफ को भी हिदायत दे दी गई है।
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लोहिया अस्पताल के मेडिकल, आर्थो, सर्जरी आदि वार्डों में मेडिकल के छात्रों की भारी भीड़ रहती है। दवाएं कम लगने, वार्डों में कांच व गंदगी फैले होने की शिकायत पर सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी, क्वालिटी मैनेजर डॉ. रजा, इंटर्नशिप का पटल देखते फार्मासिस्ट सतेंद्र कुमार और ई-हास्पिटल मैनेजर विवेक राना पहुंचे।
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उन्होंने सभी छात्रों को एक-एक कर नाम, पता, काॅलेज का नाम और यहां आने का कारण पूछा। जांच में पता चला कि महिला अस्पताल में इंटर्नशिप करने वाले 14, सिर्फ फार्म जमा करने के बाद अस्पताल में आने वाले 13 और एक-एक साल पहले ट्रेनिंग खत्म होने के बाद भी अस्पताल में आने वाले 10 छात्र मिले। कई छात्र-छात्राएं अपने स्कूल का आईकार्ड तक नहीं दिखा सके।
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सीएमएस ने सभी छात्र-छात्राओं को बाहर निकालकर खड़ा किया। उन्हें सख्त हिदायत देने के बाद अस्पताल से बाहर कर दिया गया। सीएमएस अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल स्टाफ की भी इसमें लापरवाही है। उन्हें इनसे पूछताछ करके इलाज की अनुमति देनी चाहिए। स्टाफ को भी हिदायत दे दी गई है।