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Farrukhabad News: मिलावटखोरों के खिलाफ 350 मामले एडीएम कोर्ट में विचाराधीन
Mon, 01 Dec 2025 12:28 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 01 Dec 2025 12:28 AM IST
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फर्रुखाबाद। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा लिए गए नमूने जांच में फेल होने के बाद कारोबारियों के खिलाफ एडीएम कोर्ट में वाद दायर किया गया। जिले के करीब 350 मिलावटखोरों के मामले अभी विचाराधीन हैं। जबकि लंबित 22 मामलों में शीघ्र ही फैसला सुनाकर निस्तारण करने की तैयारी है।
जनपद में सक्रिय मिलावट खोर खाद्य पदार्थों को मानक विहीन कर रहे हैं। समय-समय पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर नमूने लिए गए। जांच में यह नमूने अधोमानक पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया। वहीं जांच में असुरक्षित नमूने पाए जाने पर व्यापारी के खिलाफ एसीजेएम प्रथम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया गया।
सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एडीएम कोर्ट में करीब 350 मामले प्रक्रियाधीन है। इनका व्यापारी को नोटिस मिलने के बाद 90 दिन में निस्तारण करने का नियम है। हालांकि ऐसे मिलावटी पदार्थ सेहत को भले ही नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, लेकिन शरीर को मानक के अनुसार पौष्टिक आहार भी नहीं मिल पाता। इससे व्यापारी पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
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एडीएम कोर्ट में 90 दिन से अधिक समय के 22 मामले लंबित हैं। इन मामलों का शीघ्र ही निस्तारण करने की तैयारी है। वहीं एसीजेएम प्रथम न्यायालय में करीब 125 मुकदमे प्रक्रियाधीन हैं। इनमें वह अपनी गवाही व साक्ष्य समय से प्रस्तुत कर रहे हैं। न्यायालय प्रक्रिया के अनुसार मुकदमे का निस्तारण किया जाता है।
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जनपद में सक्रिय मिलावट खोर खाद्य पदार्थों को मानक विहीन कर रहे हैं। समय-समय पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा अभियान चलाकर नमूने लिए गए। जांच में यह नमूने अधोमानक पाए जाने पर एडीएम कोर्ट में मामला दर्ज कराया गया। वहीं जांच में असुरक्षित नमूने पाए जाने पर व्यापारी के खिलाफ एसीजेएम प्रथम न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराया गया।
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सहायक आयुक्त खाद्य अजीत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एडीएम कोर्ट में करीब 350 मामले प्रक्रियाधीन है। इनका व्यापारी को नोटिस मिलने के बाद 90 दिन में निस्तारण करने का नियम है। हालांकि ऐसे मिलावटी पदार्थ सेहत को भले ही नुकसान नहीं पहुंचाते हैं, लेकिन शरीर को मानक के अनुसार पौष्टिक आहार भी नहीं मिल पाता। इससे व्यापारी पर जुर्माने की कार्रवाई की जाती है।
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एडीएम कोर्ट में 90 दिन से अधिक समय के 22 मामले लंबित हैं। इन मामलों का शीघ्र ही निस्तारण करने की तैयारी है। वहीं एसीजेएम प्रथम न्यायालय में करीब 125 मुकदमे प्रक्रियाधीन हैं। इनमें वह अपनी गवाही व साक्ष्य समय से प्रस्तुत कर रहे हैं। न्यायालय प्रक्रिया के अनुसार मुकदमे का निस्तारण किया जाता है।