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Farrukhabad News: 27 साल बाद डकैती व दुष्कर्म में सात साल की कैद
Sun, 16 Nov 2025 12:37 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sun, 16 Nov 2025 12:37 AM IST
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फर्रुखाबाद। डकैती व दुष्कर्म के 27 साल पुराने मामले में एडीजे पंचम रितिका त्यागी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अतिराज को डकैती व दुष्कर्म का दोषी ठहराया।
उसे सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जनपद शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 25 जनवरी 1998 की रात करीब 12 बजे घर में हुई डकैती और पत्नी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें कहा था कि अचानक कई बदमाश घर में घुस आए। बदमाशों ने घर का सामान व सोना-चांदी लूट लिया। परिवार के सदस्यों को कमरे में बंद कर दिया और पत्नी से दुष्कर्म किया। जाते-जाते उन्होंने फायरिंग भी की।
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इस दौरान एक भट्ठे पर काम करने वाले बदमाश हरि सिंह ठाकुर, इस्माइलगंज निवासी भंवरपाल और अतिराज को उसकी पत्नी ने पहचान लिया। उनके साथ तीन-चार अज्ञात बदमाश भी थे। घटना के बाद गांव वालों की मदद से पुलिस को सूचना दी गई। मामले में नामजद आरोपी हरि सिंह ठाकुर, भंवरपाल यादव और अतिराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की। विवेचना के दौरान भंवरपाल यादव के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम मुकदमे से अलग कर दिया गया।
पुलिस ने हरि सिंह व अतिराज के खिलाफ डकैती व सामूहिक के मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान हरि सिंह की मौत हो गई। एडीजे पंचम रितिका त्यागी ने गवाहों और सबूतों के आधार पर अतिराज को डकैती व दुष्कर्म में दोषी ठहराया। अदालत ने जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद का प्रावधान किया।
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उसे सात साल कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा 70 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया। जनपद शाहजहांपुर थाना मिर्जापुर क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने 25 जनवरी 1998 की रात करीब 12 बजे घर में हुई डकैती और पत्नी के साथ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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इसमें कहा था कि अचानक कई बदमाश घर में घुस आए। बदमाशों ने घर का सामान व सोना-चांदी लूट लिया। परिवार के सदस्यों को कमरे में बंद कर दिया और पत्नी से दुष्कर्म किया। जाते-जाते उन्होंने फायरिंग भी की।
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इस दौरान एक भट्ठे पर काम करने वाले बदमाश हरि सिंह ठाकुर, इस्माइलगंज निवासी भंवरपाल और अतिराज को उसकी पत्नी ने पहचान लिया। उनके साथ तीन-चार अज्ञात बदमाश भी थे। घटना के बाद गांव वालों की मदद से पुलिस को सूचना दी गई। मामले में नामजद आरोपी हरि सिंह ठाकुर, भंवरपाल यादव और अतिराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस ने विवेचना की। विवेचना के दौरान भंवरपाल यादव के खिलाफ कोई साक्ष्य न मिलने पर उसका नाम मुकदमे से अलग कर दिया गया।
पुलिस ने हरि सिंह व अतिराज के खिलाफ डकैती व सामूहिक के मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान हरि सिंह की मौत हो गई। एडीजे पंचम रितिका त्यागी ने गवाहों और सबूतों के आधार पर अतिराज को डकैती व दुष्कर्म में दोषी ठहराया। अदालत ने जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद का प्रावधान किया।