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गैर इरादतन हत्या में अभियुक्त को सात साल की सजा
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अपर जिला जज सप्तम रेखा शर्मा ने गैर इरादतन हत्या के मुकदमे के आरोपी को दोषी पाकर सात साल की सजा सुनाई है। दस हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है।
इसी मामले में जवाबी मारपीट कर घायल करने के मुकदमे के आरोपी तीन भाइयों को दोषी पाकर पांच साल की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये जुर्माना किया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नरायनपुर निवासी अजय उर्फ अज्जू 11 नवंबर 2015 को गांव के आशाराम के घर आया और पुत्र अनिल को अपने साथ बुला ले गया।
उसको शराब पिलाने के बाद अनिल के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोरशराबे पर पिता आशाराम बचाने के लिए गया। अजय उर्फ अज्जू ने आशाराम के सिर में तमंचे की बट मार दी। इससे वह घायल हो गया। इसको लेकर अजय उर्फ अज्जू और आशाराम के पुत्रों में मारपीट हो गई।
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अजय वहां से भाग गया। घायल आशाराम को परिवार वालों ने अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान आशाराम की मौत हो गई। मृतक के पुत्र अनिल ने अजय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं अजय ने आशाराम के पुत्रों सुनील, अनिल और बृजेश के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच कर दोनों मुकदमों में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी अज्जू उर्फ अजय को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी पाकर सात साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया।
जवाबी मारपीट के मुकदमे के आरोपी अनिल, सुनील और बृजेश को दोषी पाकर पांच साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
गैर इरादतन हत्या में दोषी को सात साल की सजा
जवाबी मारपीट के मुकदमे में तीन को पांच साल की सजा
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इसी मामले में जवाबी मारपीट कर घायल करने के मुकदमे के आरोपी तीन भाइयों को दोषी पाकर पांच साल की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपये जुर्माना किया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव नरायनपुर निवासी अजय उर्फ अज्जू 11 नवंबर 2015 को गांव के आशाराम के घर आया और पुत्र अनिल को अपने साथ बुला ले गया।
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उसको शराब पिलाने के बाद अनिल के साथ मारपीट शुरू कर दी। शोरशराबे पर पिता आशाराम बचाने के लिए गया। अजय उर्फ अज्जू ने आशाराम के सिर में तमंचे की बट मार दी। इससे वह घायल हो गया। इसको लेकर अजय उर्फ अज्जू और आशाराम के पुत्रों में मारपीट हो गई।
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अजय वहां से भाग गया। घायल आशाराम को परिवार वालों ने अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान आशाराम की मौत हो गई। मृतक के पुत्र अनिल ने अजय के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। वहीं अजय ने आशाराम के पुत्रों सुनील, अनिल और बृजेश के खिलाफ मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच कर दोनों मुकदमों में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तेज सिंह ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी अज्जू उर्फ अजय को गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी पाकर सात साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया।
जवाबी मारपीट के मुकदमे के आरोपी अनिल, सुनील और बृजेश को दोषी पाकर पांच साल की सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
गैर इरादतन हत्या में दोषी को सात साल की सजा
जवाबी मारपीट के मुकदमे में तीन को पांच साल की सजा