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Farrukhabad News: झांसी में तैनात इंस्पेक्टर से प्लाट के नाम पर हड़पे 1.86 लाख
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फर्रुखाबाद। झांसी में तैनात इंस्पेक्टर से प्लाट का बैनामा करने के बाद 1.86 लाख रुपये हड़प लिए गए। इंस्पेक्टर ने सुनवाई नहीं होने पर चार के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दायर की है।
कन्नौज कोतवाली तिर्वा गांव बड़बा निवासी इंस्पेक्टर अवधेश त्रिपाठी (वर्तमान में झांसी में तैनात) ने सीजेएम कोर्ट में शहर कोतवाली के भोपतपट्टी निवासी अनिल कुमार दीक्षित, कादरीगेट थाना क्षेत्र के बढ़पुर आवास विकास कालोनी निवासी कांग्रेस नेता इंद्रभान सिंह, मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव अछरौड़ा निवासी राजीव कृष्ण मिश्रा उर्फ मनकू, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नगला दीना निवासी विनोद कुमार दुबे के खिलाफ अर्जी दायर की है।
इसमें बताया 17 जून 2003 को इंद्रभान सिंह से 36 हजार में एक प्लाट का बैनामा करवाया था। इसमें अनिल कुमार दीक्षित ने गवाही दी थी। प्लाट अनिल व राजीव कृष्ण के माध्यम से खरीदा था। इंद्रभान सिंह ने उसी प्लाट का बैनामा विनोद कुमार दुबे को कर दिया। जानकारी होने पर विरोध जताया तो इन लोगों ने दूसरा प्लाट दिलवाने की बात कही। कुछ दिनों बाद फोन पर बताया कि प्लाट की व्यवस्था हो गई है। 1.50 लाख रुपये बाउंड्रीवॉल के लिए देने होंगे। अवधेश त्रिपाठी ने नकद रुपये दे दिए। उसके बाद भी प्लाट नहीं मिला। इन लोगों ने धोखाधड़ी कर 1.86 लाख रुपये हड़प लिए, और प्लाट भी नहीं दिया। थाने में तहरीर देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
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कन्नौज कोतवाली तिर्वा गांव बड़बा निवासी इंस्पेक्टर अवधेश त्रिपाठी (वर्तमान में झांसी में तैनात) ने सीजेएम कोर्ट में शहर कोतवाली के भोपतपट्टी निवासी अनिल कुमार दीक्षित, कादरीगेट थाना क्षेत्र के बढ़पुर आवास विकास कालोनी निवासी कांग्रेस नेता इंद्रभान सिंह, मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव अछरौड़ा निवासी राजीव कृष्ण मिश्रा उर्फ मनकू, फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला नगला दीना निवासी विनोद कुमार दुबे के खिलाफ अर्जी दायर की है।
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इसमें बताया 17 जून 2003 को इंद्रभान सिंह से 36 हजार में एक प्लाट का बैनामा करवाया था। इसमें अनिल कुमार दीक्षित ने गवाही दी थी। प्लाट अनिल व राजीव कृष्ण के माध्यम से खरीदा था। इंद्रभान सिंह ने उसी प्लाट का बैनामा विनोद कुमार दुबे को कर दिया। जानकारी होने पर विरोध जताया तो इन लोगों ने दूसरा प्लाट दिलवाने की बात कही। कुछ दिनों बाद फोन पर बताया कि प्लाट की व्यवस्था हो गई है। 1.50 लाख रुपये बाउंड्रीवॉल के लिए देने होंगे। अवधेश त्रिपाठी ने नकद रुपये दे दिए। उसके बाद भी प्लाट नहीं मिला। इन लोगों ने धोखाधड़ी कर 1.86 लाख रुपये हड़प लिए, और प्लाट भी नहीं दिया। थाने में तहरीर देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई।
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