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शुल्क गबन में कायमगंज मंडी इंस्पेक्टर निलंबित
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मंडी समिति सातनपुर व कायमगंज में जिम्मेदारों की मिलीभगत से शुल्क में करोड़ों का गबन किया गया है। इस मामले में उपनिदेशक स्तर से चल रही जांच में चपरासी के बाद कायमगंज मंडी इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। वहीं कई अन्य पर भी कार्रवाई की गाज गिरना तय हो गया है।
सातनपुर व कायमगंज मंडी के शुल्क में मिलीभगत के चलते करोड़ों के वारे-न्यारे किए गए। गबन की शिकायत पर दोनों मंडियों में उपनिदेशक स्तर से जांच चल रही है। सातनपुर मंडी में वर्ष 2011 से 2017 तक के अभिलेख कब्जे में लेकर छानबीन की जा रही है।
गेटपास पर चपरासी अभय प्रताप सिंह के हस्ताक्षर मिलने व कार्बनकापी पर पेन से लिखकर मंडी शुल्क गबन करने के मामले में उपनिदेशक ने चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में उसे मंडी सचिव ने निलंबित कर दिया।
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विश्वस्त सूत्रों की मानें तो गहनता से चल रही जांच में तत्कालीन मंडी सचिव सहित कई कर्मचारी व बड़े आढ़ती पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं कायमगंज मंडी गेटपास की चार पुस्तिकाएं ही गायब कर दी गईं जिनमें 400 गेटपास थे। एक गेटपास पर करीब 25 से 30 हजार रुपये मंडी शुल्क बनता है।
इससे इन चार पुस्तिकाओं में भी एक करोड़ से अधिक मंडी शुल्क का चूना लगाए जाने की आशंका है। जबकि अन्य गेटपास में भी जमकर हेराफेरी कर करोड़ों का गबन किया गया। उपनिदेशक ने कायमगंज मंडी शुल्क के मामले में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया था।
हालांकि कायमगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर राधेश्याम तहरीर न मिलने की बात कह रहे हैं। उपनिदेशक कानपुर राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि कायमगंज मंडी निरीक्षक श्रवण कुमार परमार को उन्होंने निलंबित कर दिया है। दोनों मंडियों में गबन की गहनता से जांच चल रही है। इसमें कई प्रमुख लोगों का फंसना तय है। साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
शुल्क गबन में कायमगंज मंडी इंस्पेक्टर निलंबित
सातनपुर मंडी में भी कई पर कार्रवाई होना तय
जांच में फंसते दिख रहे बड़े आढ़ती व जिम्मेदार
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सातनपुर व कायमगंज मंडी के शुल्क में मिलीभगत के चलते करोड़ों के वारे-न्यारे किए गए। गबन की शिकायत पर दोनों मंडियों में उपनिदेशक स्तर से जांच चल रही है। सातनपुर मंडी में वर्ष 2011 से 2017 तक के अभिलेख कब्जे में लेकर छानबीन की जा रही है।
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गेटपास पर चपरासी अभय प्रताप सिंह के हस्ताक्षर मिलने व कार्बनकापी पर पेन से लिखकर मंडी शुल्क गबन करने के मामले में उपनिदेशक ने चपरासी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। बाद में उसे मंडी सचिव ने निलंबित कर दिया।
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विश्वस्त सूत्रों की मानें तो गहनता से चल रही जांच में तत्कालीन मंडी सचिव सहित कई कर्मचारी व बड़े आढ़ती पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। वहीं कायमगंज मंडी गेटपास की चार पुस्तिकाएं ही गायब कर दी गईं जिनमें 400 गेटपास थे। एक गेटपास पर करीब 25 से 30 हजार रुपये मंडी शुल्क बनता है।
इससे इन चार पुस्तिकाओं में भी एक करोड़ से अधिक मंडी शुल्क का चूना लगाए जाने की आशंका है। जबकि अन्य गेटपास में भी जमकर हेराफेरी कर करोड़ों का गबन किया गया। उपनिदेशक ने कायमगंज मंडी शुल्क के मामले में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया था।
हालांकि कायमगंज कोतवाली के इंस्पेक्टर राधेश्याम तहरीर न मिलने की बात कह रहे हैं। उपनिदेशक कानपुर राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि कायमगंज मंडी निरीक्षक श्रवण कुमार परमार को उन्होंने निलंबित कर दिया है। दोनों मंडियों में गबन की गहनता से जांच चल रही है। इसमें कई प्रमुख लोगों का फंसना तय है। साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। शीघ्र ही कार्रवाई की जाएगी।
शुल्क गबन में कायमगंज मंडी इंस्पेक्टर निलंबित
सातनपुर मंडी में भी कई पर कार्रवाई होना तय
जांच में फंसते दिख रहे बड़े आढ़ती व जिम्मेदार