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दवाएं जलाने में एडीएम की जांच पूरी
Updated Mon, 17 Dec 2018 10:51 PM IST
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फर्रुखाबाद। दवाएं जलाने के मामले में एडीएम व सिटी मजिस्ट्रेट की जांच पूरी हो गई है। इसमें सीएमओ व एसीएमओ समेत आठ अधिकारियों व कर्मचारियों के फंसने की आशंका है। इसके अलावा एक जांच सीएमओ खुद व एक जांच शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग की जेडी कर रही हैं।
करीब दो माह पहले फतेहगढ़ स्थित सीएमओ कार्यालय के पीछे परिवार नियोजन की दवाएं व अन्य सामग्री जला दी गईं थी। इसकी सूचना पर जिलाधिकारी ने सीएमओ से मामले की जानकारी की थी। सीएमओ ने बताया था कि किसी ने एक्सपायर डेट की दवाएं जला दी हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान को मौके पर भेजा था। सिटी मजिस्ट्रेट को मौके से वैध दवाएं भी जलती मिलीं थी। उन्होंने उन दवाओं को सीएमओ कार्यालय के ही एक कमरे में सील करा दिया था। इसके बाद शासन स्तर से संज्ञान लिए जाने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासनिक विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई।
इसमें सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान व लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डा. कैलाश भी शामिल थे। अब इस समिति की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें सीएमओ व एसीएमओ समेत आठ कर्मचारियों व अधिकारियों के फंसने की आशंका है। परिवार नियोजन की दवाएं जलाई गईं हैं। परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डा. दलबीर सिंह हैं। जांच अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है।
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सीएमओ की जांच में दो ही कर्मचारी दोषी
इससे पहले सीएमओ डा. अरुण कुमार दवाएं जलाने के मामले में खुद अपने स्तर से जांच कर चुके हैं। इसमें उन्होंने दो ही कर्मचारियों को दोषी ठहराया था। हालांकि अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जेडी की जांच में दस लोग शक के घेर में
स्वास्थ्य विभाग की जेडी डा. सरोजबाला सिंह की जांच के घेरे में स्वास्थ्य विभाग के दस कर्मचारी हैं। इसमें भी सीएमओ व एसीएमओ शामिल हैं। इसी के चलते उन्होंने सभी दस लोगों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने अभी तक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।
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करीब दो माह पहले फतेहगढ़ स्थित सीएमओ कार्यालय के पीछे परिवार नियोजन की दवाएं व अन्य सामग्री जला दी गईं थी। इसकी सूचना पर जिलाधिकारी ने सीएमओ से मामले की जानकारी की थी। सीएमओ ने बताया था कि किसी ने एक्सपायर डेट की दवाएं जला दी हैं। इसके बाद जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान को मौके पर भेजा था। सिटी मजिस्ट्रेट को मौके से वैध दवाएं भी जलती मिलीं थी। उन्होंने उन दवाओं को सीएमओ कार्यालय के ही एक कमरे में सील करा दिया था। इसके बाद शासन स्तर से संज्ञान लिए जाने के बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए एडीएम प्रशासनिक विवेक श्रीवास्तव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई।
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इसमें सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान व लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डा. कैलाश भी शामिल थे। अब इस समिति की जांच पूरी हो चुकी है। इसमें सीएमओ व एसीएमओ समेत आठ कर्मचारियों व अधिकारियों के फंसने की आशंका है। परिवार नियोजन की दवाएं जलाई गईं हैं। परिवार नियोजन के नोडल अधिकारी डा. दलबीर सिंह हैं। जांच अधिकारी एडीएम विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि जांच पूरी कर ली गई है। इसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजी गई है।
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सीएमओ की जांच में दो ही कर्मचारी दोषी
इससे पहले सीएमओ डा. अरुण कुमार दवाएं जलाने के मामले में खुद अपने स्तर से जांच कर चुके हैं। इसमें उन्होंने दो ही कर्मचारियों को दोषी ठहराया था। हालांकि अभी तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जेडी की जांच में दस लोग शक के घेर में
स्वास्थ्य विभाग की जेडी डा. सरोजबाला सिंह की जांच के घेरे में स्वास्थ्य विभाग के दस कर्मचारी हैं। इसमें भी सीएमओ व एसीएमओ शामिल हैं। इसी के चलते उन्होंने सभी दस लोगों से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने अभी तक स्पष्टीकरण नहीं दिया है।