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वरासत व हैसियत प्रमाण पत्र आनलाइन बनवाने में लगेगा समय
Updated Thu, 01 Nov 2018 11:00 PM IST
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फर्रुखाबाद। वरासत और हैसियत प्रमाणपत्र बनवाने के लिए किसानों और ठेकेदारों को तहसील सदर के अभी कुछ दिन और चक्कर लगाने पड़ेंगे। शासन ने भले ही इसके आवेदन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू कर दी हो, तहसील के स्वान कक्ष में भी पोर्टल अपलोड हो गया है, लेकिन अभी तक पासवर्ड नहीं मिला है। इस कारण पोर्टल चालू होने में अभी और समय लगेगा।
इस व्यवस्था के लागू होने से अब किसान घर बैठे ही अपनी वरासत दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा ठेकेदारी करने के लिए लोग हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने को भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदनों की जांच कानूनगो और लेखपाल करेंगे और इसके बाद प्रमाण पत्र जारी करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस नई व्यवस्था के लिए तहसील सदर के स्वान कक्ष में एनआईसी से पोर्टल अपलोड हो गया है, लेकिन अभी प्रमाण पत्र बनने शुरू नहीं हुए हैं। अभी तक पोर्टल का पासवर्ड तक तहसील प्रशासन को नहीं मिला है। इसके साथ ही तहसील कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाना बाकी है। इसके बाद ही यह नई व्यवस्था लागू हो सकेगी। बताया जाता है कि ऑनलाइन वरासत और हैसियत प्रमाण बनने में करीब एक-दो माह का समय लग जाएगा। तब तक मैन्युअल तरीके से ही प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
जिले की तीन तहसीलों में से एक-एक कानूनगो ने लखनऊ में ऑनलाइन वरासत और हैसियत प्रमाण पत्र बनाए जाने का प्रशिक्षण लिया है। जल्द ही यह लोग लेखपालों और स्वान कक्ष के कर्मियों को प्रशिक्षण दे देंगे। स्वान कक्ष के कंप्यूटरों पर पोर्टल अपलोड हो गया है। एनआईसी से जल्द ही पासवर्ड मंगवा लेंगे। 15 दिन में ऑनलाइन वरासत और हैसियत प्रमाण पत्र बनना शुरू हो जाएंगे। - प्रदीप सिंह, तहसीलदार सदर
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इस व्यवस्था के लागू होने से अब किसान घर बैठे ही अपनी वरासत दर्ज करवा सकेंगे। इसके अलावा ठेकेदारी करने के लिए लोग हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने को भी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदनों की जांच कानूनगो और लेखपाल करेंगे और इसके बाद प्रमाण पत्र जारी करेंगे। सूत्रों की मानें तो इस नई व्यवस्था के लिए तहसील सदर के स्वान कक्ष में एनआईसी से पोर्टल अपलोड हो गया है, लेकिन अभी प्रमाण पत्र बनने शुरू नहीं हुए हैं। अभी तक पोर्टल का पासवर्ड तक तहसील प्रशासन को नहीं मिला है। इसके साथ ही तहसील कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया जाना बाकी है। इसके बाद ही यह नई व्यवस्था लागू हो सकेगी। बताया जाता है कि ऑनलाइन वरासत और हैसियत प्रमाण बनने में करीब एक-दो माह का समय लग जाएगा। तब तक मैन्युअल तरीके से ही प्रमाण पत्र बनाए जाएंगे।
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जिले की तीन तहसीलों में से एक-एक कानूनगो ने लखनऊ में ऑनलाइन वरासत और हैसियत प्रमाण पत्र बनाए जाने का प्रशिक्षण लिया है। जल्द ही यह लोग लेखपालों और स्वान कक्ष के कर्मियों को प्रशिक्षण दे देंगे। स्वान कक्ष के कंप्यूटरों पर पोर्टल अपलोड हो गया है। एनआईसी से जल्द ही पासवर्ड मंगवा लेंगे। 15 दिन में ऑनलाइन वरासत और हैसियत प्रमाण पत्र बनना शुरू हो जाएंगे। - प्रदीप सिंह, तहसीलदार सदर
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