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- पतली दाल और चार रोटी से भरा जा रहा पेट
Updated Fri, 05 Oct 2018 11:53 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। लोहिया महिला अस्पताल में प्रसूताओं को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। पतली दाल और चार रोटियों से गुजर हो रहा है। केंद्र से आई सीआरएम की टीम के जाने के बाद प्रसूताओं को लंच पैकेट में मिलना खाना भी बंद कर दिया गया।
जिले में केंद्र की सीआरएम टीम के आने से पहले लोहिया महिला अस्पताल के साथ ही पुरुष अस्पताल में भी व्यवस्थाओं का चाक चौबंद कर दिया गया था। भर्ती महिला मरीजों को लंच पैकेट दिया जाता था। इसके साथ ही कभी सेब तो कभी केला मिलता था। जांच के बाद महिला अस्पताल पुराने ढर्रे पर आ गया। यहां पर प्रसूताओं को पतली दाल और चार रोटी से ही गुजारा करना पड़ रहा है। लंच पैकेट नहीं मिलता है। खाना देने के लिए आने वाले लोग बर्तनों में खाना देकर चले जाते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज निशा ने बताया कि उसे भर्ती होने के दूसरे दिन सुबह 200 ग्राम वाला दूध का पैकेट और चार ब्रेड दी गई। इसके बाद रात को उसे खाने में चार रोटी और पतली दाल मिली। कांती देवी ने बताया कि उसे भर्ती होने के बाद शाम को चार रोटी और दाल मिली।
इसके अलावा कुछ भी नहीं मिला। इस पर उसके घर वालों ने रात को दूध लाकर दिया। शमा ने बताया कि कभी सब्जी तो कभी पतली दाल मिलती है। रोटियां चार ही दी जाती हैं। इसके साथ ही भोजन का कोई समय नहीं है। कभी 12 बजे तो कभी 1.30 बजे मरीजों का भोजन दिया जाता है। मरीज नीतू सिंह ने बताया कि दो अक्तूबर को अस्पताल की ओर से मरीजों को फल दिए गए थे। इसके बाद से अभी तक फल नहीं बांटे गए। उसने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक पौष्टिक आहार नहीं दिया गया।
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लोहिया महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को सुबह चाय देना होता है लेकिन नहीं मिल रही है। भोजन में दाल के साथ सब्जी भी मिलनी चाहिए, लेकिन नहीं मिलती है। दूध व ब्रेड भी पूरी मात्रा में नहीं दिया जा रहा है।
लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर कैलाश कुमार ने बताया कि नाश्ता में ब्रेड का पैकेट और 250 ग्राम दूध मिलता है। इसके अलावा दिन में दो बार रोटियां और दाल दी जाती है। फल भी मिलता है। उन्होंने बताया कि अगर महिलाओं को ऐसा भोजन नहीं मिल रहा तो वह इसकी जांच कराएंगे। प्रसूताओं से इसकी जानकारी करेंगे।
-प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार
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फर्रुखाबाद। लोहिया महिला अस्पताल में प्रसूताओं को पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा है। पतली दाल और चार रोटियों से गुजर हो रहा है। केंद्र से आई सीआरएम की टीम के जाने के बाद प्रसूताओं को लंच पैकेट में मिलना खाना भी बंद कर दिया गया।
जिले में केंद्र की सीआरएम टीम के आने से पहले लोहिया महिला अस्पताल के साथ ही पुरुष अस्पताल में भी व्यवस्थाओं का चाक चौबंद कर दिया गया था। भर्ती महिला मरीजों को लंच पैकेट दिया जाता था। इसके साथ ही कभी सेब तो कभी केला मिलता था। जांच के बाद महिला अस्पताल पुराने ढर्रे पर आ गया। यहां पर प्रसूताओं को पतली दाल और चार रोटी से ही गुजारा करना पड़ रहा है। लंच पैकेट नहीं मिलता है। खाना देने के लिए आने वाले लोग बर्तनों में खाना देकर चले जाते हैं। अस्पताल में भर्ती मरीज निशा ने बताया कि उसे भर्ती होने के दूसरे दिन सुबह 200 ग्राम वाला दूध का पैकेट और चार ब्रेड दी गई। इसके बाद रात को उसे खाने में चार रोटी और पतली दाल मिली। कांती देवी ने बताया कि उसे भर्ती होने के बाद शाम को चार रोटी और दाल मिली।
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इसके अलावा कुछ भी नहीं मिला। इस पर उसके घर वालों ने रात को दूध लाकर दिया। शमा ने बताया कि कभी सब्जी तो कभी पतली दाल मिलती है। रोटियां चार ही दी जाती हैं। इसके साथ ही भोजन का कोई समय नहीं है। कभी 12 बजे तो कभी 1.30 बजे मरीजों का भोजन दिया जाता है। मरीज नीतू सिंह ने बताया कि दो अक्तूबर को अस्पताल की ओर से मरीजों को फल दिए गए थे। इसके बाद से अभी तक फल नहीं बांटे गए। उसने बताया कि अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक पौष्टिक आहार नहीं दिया गया।
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लोहिया महिला अस्पताल में भर्ती प्रसूताओं को सुबह चाय देना होता है लेकिन नहीं मिल रही है। भोजन में दाल के साथ सब्जी भी मिलनी चाहिए, लेकिन नहीं मिलती है। दूध व ब्रेड भी पूरी मात्रा में नहीं दिया जा रहा है।
लोहिया महिला अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर कैलाश कुमार ने बताया कि नाश्ता में ब्रेड का पैकेट और 250 ग्राम दूध मिलता है। इसके अलावा दिन में दो बार रोटियां और दाल दी जाती है। फल भी मिलता है। उन्होंने बताया कि अगर महिलाओं को ऐसा भोजन नहीं मिल रहा तो वह इसकी जांच कराएंगे। प्रसूताओं से इसकी जानकारी करेंगे।
-प्रसूताओं को नहीं मिल रहा पौष्टिक आहार