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आकाशीय बिजली की आवास से मासूम की मौत
Updated Sun, 02 Sep 2018 10:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। बिजली कड़कने की तेज आवाज से मासूम की हालत खराब हो गई। परिवार के लोग उसे अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव परतापुर खुर्द निवासी सुधीर कुमार का पांच वर्षीय बेटा अंशुल शनिवार रात घर के बरामदे में सो रहा था। रात के समय बिजली के कड़कने की तेज आवाज से अंशुल जाग कर बैठ गया। तेज आवाज सुनकर उसकी हालत खराब हो गई। यह देखकर उसकी मां मुन्नी देवी ने परिवार वालों को उठाया। आनन फानन बच्चे को लेकर परिजन फर्रुखाबाद स्थित प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार वाले रात में ही शव लेकर चले गए। अंशुल दो भाई था। एक बड़ी बहन है। रविवार सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना की सूचना पर तहसीलदार मिथिलेश यादव, लेखपाल अनिल कुमार ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। तहसीलदार ने बताया कि परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। इससे उनको दैवी आपादा के तहत आर्थिक लाभ नहीं मिल सकेगा।
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अमृतपुर (फर्रुखाबाद)। बिजली कड़कने की तेज आवाज से मासूम की हालत खराब हो गई। परिवार के लोग उसे अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
थाना क्षेत्र के गांव परतापुर खुर्द निवासी सुधीर कुमार का पांच वर्षीय बेटा अंशुल शनिवार रात घर के बरामदे में सो रहा था। रात के समय बिजली के कड़कने की तेज आवाज से अंशुल जाग कर बैठ गया। तेज आवाज सुनकर उसकी हालत खराब हो गई। यह देखकर उसकी मां मुन्नी देवी ने परिवार वालों को उठाया। आनन फानन बच्चे को लेकर परिजन फर्रुखाबाद स्थित प्राइवेट अस्पताल में लेकर पहुंचे। वहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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मौत की खबर पर परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार वाले रात में ही शव लेकर चले गए। अंशुल दो भाई था। एक बड़ी बहन है। रविवार सुबह शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना की सूचना पर तहसीलदार मिथिलेश यादव, लेखपाल अनिल कुमार ने मौके पर जाकर जांच पड़ताल की। तहसीलदार ने बताया कि परिवार वालों ने शव का पोस्टमार्टम नहीं कराया। इससे उनको दैवी आपादा के तहत आर्थिक लाभ नहीं मिल सकेगा।
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