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फार्मासिस्ट 30 नवंबर तक कर सकेंगे आधार लिंक
Updated Sun, 26 Aug 2018 11:44 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रसाधन विभाग ने दवा दुकानों पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए फार्मासिस्टों के लाइसेंस को आधार से लिंक करवा रहा है। अभी तक इसकी अंतिम तिथि 30 अगस्त थी। पर अब 30 नवंबर कर दी गई है।
अब दवा की दुकान चलाने में फार्मासिस्टों का खेल नहीं चलेगा, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अब फार्मासिस्ट का लाइसेंस अन्य दस्तावेजों के साथ आधार से लिंक किया जा रहा है। इसके बाद फार्मासिस्ट अपना लाइसेंस एक ही जगह खुद उपयोग कर सकेंगे। साथ ही यदि वह इसका दुरुपयोग करते हैं तो उनकी आय के अन्य माध्यम भी उजागर हो जाएंगे। नई प्रक्रिया के तहत मेडिकल स्टोर और फार्मासिस्ट के लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण अब ऑनलाइन होंगे। पुराने लाइसेंस धारकों को भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के पोर्टल पर ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
मेडिकल स्टोर, थोक कारोबारी, ब्लड बैंक और दवा निर्माता कंपनी के लाइसेंस का ऑनलाइन ब्योरा दर्ज किया जाएगा। जनपद में कई फार्मासिस्ट ऐसे हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस किराये पर दे रखे हैं और खुद मेडिकल कंपनी में एमआर का काम कर रहे हैं। दस्तावेज ऑनलाइन होने के बाद ऐसे फार्मासिस्ट की दो स्रोत से आय भी सामने आ जाएगी। इस कवायद के लिए 30 नवंबर तक की डेड लाइन निश्चित की गई है।
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निरीक्षण नहीं होने पर साफ्टवेयर खुद बताएगा
एसएसओ (सिंगल साइन ऑन) आईडी बनाकर fsdaup.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें मेडिकल स्टोर संचालक और फार्मासिस्ट को अपना आधार नंबर भी दर्ज करना होगा। आधार नंबर जिस मोबाइल से लिंक होगा, उसी पर ओटीपी आएगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पत्र ड्रग इंस्पेक्टर तक निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाएगा। इसकी निरीक्षण रिपोर्ट भी अपलोड की जाएगी। यदि किसी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण नहीं हुआ है तो संबंधित स्टोर का नाम सॉफ्टवेयर खुद ही बताएगा।
यह भी होगा लाभ
आधार से फार्मासिस्ट के लिंक होने पर दुकानदार स्कैन कर फर्जी प्रमाण पत्रों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। वहीं, फार्मासिस्ट भी हेरफेर नहीं कर पाएंगे। ऐसे में बेरोजगार फार्मासिस्टों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
ड्रग इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि फार्मासिस्ट के आधार लिंक होने की तिथि में परिवर्तन किया गया है। अभी तक इसकी अंतिम तिथि 30 अगस्त थी अब यह 30 नवंबर हो गई है।
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फर्रुखाबाद। खाद्य सुरक्षा एवं औषधीय प्रसाधन विभाग ने दवा दुकानों पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए फार्मासिस्टों के लाइसेंस को आधार से लिंक करवा रहा है। अभी तक इसकी अंतिम तिथि 30 अगस्त थी। पर अब 30 नवंबर कर दी गई है।
अब दवा की दुकान चलाने में फार्मासिस्टों का खेल नहीं चलेगा, ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि अब फार्मासिस्ट का लाइसेंस अन्य दस्तावेजों के साथ आधार से लिंक किया जा रहा है। इसके बाद फार्मासिस्ट अपना लाइसेंस एक ही जगह खुद उपयोग कर सकेंगे। साथ ही यदि वह इसका दुरुपयोग करते हैं तो उनकी आय के अन्य माध्यम भी उजागर हो जाएंगे। नई प्रक्रिया के तहत मेडिकल स्टोर और फार्मासिस्ट के लाइसेंस के रजिस्ट्रेशन और नवीनीकरण अब ऑनलाइन होंगे। पुराने लाइसेंस धारकों को भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के पोर्टल पर ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
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मेडिकल स्टोर, थोक कारोबारी, ब्लड बैंक और दवा निर्माता कंपनी के लाइसेंस का ऑनलाइन ब्योरा दर्ज किया जाएगा। जनपद में कई फार्मासिस्ट ऐसे हैं जिन्होंने अपने लाइसेंस किराये पर दे रखे हैं और खुद मेडिकल कंपनी में एमआर का काम कर रहे हैं। दस्तावेज ऑनलाइन होने के बाद ऐसे फार्मासिस्ट की दो स्रोत से आय भी सामने आ जाएगी। इस कवायद के लिए 30 नवंबर तक की डेड लाइन निश्चित की गई है।
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निरीक्षण नहीं होने पर साफ्टवेयर खुद बताएगा
एसएसओ (सिंगल साइन ऑन) आईडी बनाकर fsdaup.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसमें मेडिकल स्टोर संचालक और फार्मासिस्ट को अपना आधार नंबर भी दर्ज करना होगा। आधार नंबर जिस मोबाइल से लिंक होगा, उसी पर ओटीपी आएगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन पत्र ड्रग इंस्पेक्टर तक निरीक्षण करने के लिए पहुंच जाएगा। इसकी निरीक्षण रिपोर्ट भी अपलोड की जाएगी। यदि किसी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण नहीं हुआ है तो संबंधित स्टोर का नाम सॉफ्टवेयर खुद ही बताएगा।
यह भी होगा लाभ
आधार से फार्मासिस्ट के लिंक होने पर दुकानदार स्कैन कर फर्जी प्रमाण पत्रों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। वहीं, फार्मासिस्ट भी हेरफेर नहीं कर पाएंगे। ऐसे में बेरोजगार फार्मासिस्टों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
ड्रग इंस्पेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि फार्मासिस्ट के आधार लिंक होने की तिथि में परिवर्तन किया गया है। अभी तक इसकी अंतिम तिथि 30 अगस्त थी अब यह 30 नवंबर हो गई है।