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रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण में बाधक बनीं अवैध दुकानें
Updated Tue, 07 Aug 2018 11:32 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। रोडवेज बस स्टैंड फर्रुखाबाद के निर्माण में अवैध दुकानें रोड़ा बन गईं हैं। इनके चलते निर्माणाधीन रोडवेज बस स्टैंड परिसर में पानी निकासी के लिए नालियां और मुख्य गेट नहीं बन पा रहा है। जिला प्रशासन के लचर रुख के चलते दुकानदारों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी मामले में कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है।
वर्ष 2015 में फर्रुखाबाद रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण शुरू करवाया गया। कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम ने करीब 6.40 करोड़ की लागत से रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण का ठेका दिया है। निर्माण शुरू होने पर गेट संख्या एक से दो तक अवैध रूप से बनीं करीब 27 दुकानों के संचालकों को नोटिस भेजकर दुकानें तोड़ने को कहा गया। वहीं, परिवहन विभाग ने जिलाधिकारी को इस मामले से अवगत कराते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इसकी शिकायत की। इसके बाद तय किया गया कि फरवरी 2018 में दुकानें तोड़ी जाएंगी। पर दुकानें नहीं टूटीं। वर्तमान में दुकानें न टूटने से रोडवेज परिसर में पानी निकासी के लिए नालियां नहीं बन पा रहीं हैं। मुख्य गेट बनाने में भी अड़चन आ रही है। हालांकि बीते दिनों परिवहन विभाग के अधिकारियों व सिटी मजिस्ट्रेट ने इन अवैध दुकानों की नापजोख कराकर 27 दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पर दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
डीएम के संज्ञान में है मामला
एआरएम विजय गंगवार ने बताया कि रोडवेज बस स्टैंड पर बनीं अवैध दुकानों को तुड़वाने का मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में है। दुकानें न टूटने से नालियां नहीं बन पा रहीं हैं। मुख्य गेट के निर्माण में भी दिक्कत आ रही है। अभी फर्श का कार्य चल रहा है जो लगभग पूरा होने को है।
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फर्रुखाबाद। रोडवेज बस स्टैंड फर्रुखाबाद के निर्माण में अवैध दुकानें रोड़ा बन गईं हैं। इनके चलते निर्माणाधीन रोडवेज बस स्टैंड परिसर में पानी निकासी के लिए नालियां और मुख्य गेट नहीं बन पा रहा है। जिला प्रशासन के लचर रुख के चलते दुकानदारों पर रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी मामले में कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है।
वर्ष 2015 में फर्रुखाबाद रोडवेज बस स्टैंड का निर्माण शुरू करवाया गया। कार्यदायी संस्था समाज कल्याण निगम ने करीब 6.40 करोड़ की लागत से रोडवेज बस स्टैंड के निर्माण का ठेका दिया है। निर्माण शुरू होने पर गेट संख्या एक से दो तक अवैध रूप से बनीं करीब 27 दुकानों के संचालकों को नोटिस भेजकर दुकानें तोड़ने को कहा गया। वहीं, परिवहन विभाग ने जिलाधिकारी को इस मामले से अवगत कराते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इसकी शिकायत की। इसके बाद तय किया गया कि फरवरी 2018 में दुकानें तोड़ी जाएंगी। पर दुकानें नहीं टूटीं। वर्तमान में दुकानें न टूटने से रोडवेज परिसर में पानी निकासी के लिए नालियां नहीं बन पा रहीं हैं। मुख्य गेट बनाने में भी अड़चन आ रही है। हालांकि बीते दिनों परिवहन विभाग के अधिकारियों व सिटी मजिस्ट्रेट ने इन अवैध दुकानों की नापजोख कराकर 27 दुकानदारों के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। पर दुकानदारों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
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डीएम के संज्ञान में है मामला
एआरएम विजय गंगवार ने बताया कि रोडवेज बस स्टैंड पर बनीं अवैध दुकानों को तुड़वाने का मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में है। दुकानें न टूटने से नालियां नहीं बन पा रहीं हैं। मुख्य गेट के निर्माण में भी दिक्कत आ रही है। अभी फर्श का कार्य चल रहा है जो लगभग पूरा होने को है।
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