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गैर इरादतन हत्या में प्रेमी को दस साल की सजा
Updated Wed, 01 Aug 2018 11:29 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। अपर जिला जज रवींद्र नाथ दुबे ने युवती की गैर इरादतन हत्या के मामले में प्रेमी को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कमालगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला किदवई नगर निवासी संजीव कुमार एक युवती से प्रेम करता था। चार सितंबर 2013 को दोपहर में प्रेमी, प्रेमिका के घर गया था। उस समय परिवार के लोग सो रहे थे। संजीव ने युवती से साथ चलने का दबाव बनाया। युवती ने जाने से मना किया तो युवक ने गुस्से में युवती पर केरोसिन डाल कर आग लगा दी। चीख पुकार पर परिवार के लोग जाग गए और युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान आठ सितंबर 2013 को मौत हो गई थी।
युवती के पिता ने संजीव कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा जगमोहन सिंह ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने सजा सुनाई।
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फर्रुखाबाद। अपर जिला जज रवींद्र नाथ दुबे ने युवती की गैर इरादतन हत्या के मामले में प्रेमी को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कमालगंज थाना क्षेत्र के मोहल्ला किदवई नगर निवासी संजीव कुमार एक युवती से प्रेम करता था। चार सितंबर 2013 को दोपहर में प्रेमी, प्रेमिका के घर गया था। उस समय परिवार के लोग सो रहे थे। संजीव ने युवती से साथ चलने का दबाव बनाया। युवती ने जाने से मना किया तो युवक ने गुस्से में युवती पर केरोसिन डाल कर आग लगा दी। चीख पुकार पर परिवार के लोग जाग गए और युवती को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया। उपचार के दौरान आठ सितंबर 2013 को मौत हो गई थी।
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युवती के पिता ने संजीव कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा जगमोहन सिंह ने विवेचना के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शैलेश कुमार सिंह ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने सजा सुनाई।
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