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रिश्वत मांगने पर लिपिक को निलंबित करने का निर्देश
Updated Tue, 10 Jul 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी ने मंगलवार दोपहर लोहिया अस्पताल का निरीक्षण किया। वार्ड ब्वाय ने लिपिक पर वेतन निकालने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। डीएम ने सीएमओ और प्रभारी सीएमएस को लिपिक को निलंबित करने का निर्देश दिया। लोहिया अस्पताल में जो दवाएं नहीं थी, सूची में उनको अस्पताल में होना दर्शाया गया। यह देखकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। सीएमएस को अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम के निरीक्षण के दौरान डाक्टर अपने अपने कक्षों में बैठे थे। पुरुष अस्पताल में पर्चा काउंटर के पास लगी दवा सूची को देखकर जानकारी की। सीएमओ डॉ. अरुण कुमार ने स्टोर प्रभारी अरविंद प्रजापति को बुलाया। उन्होंने कई दवाओं के अस्पताल में न होने की जानकारी दी। जो दवाएं अस्पताल में नहीं थी, उन दवाओं का अस्पताल में होना सूची में दर्शाया गया। इस पर डीएम ने सीएमओ से नाराजगी जताई। डीएम ने डाक्टरों के कक्षों को देखा। आयुष डॉक्टर जमीरुद्दीन का कक्ष खाली पड़ा था। रजिस्टर को चेक किया गया तो मरीजों की संख्या लिखी थी। अनुपस्थित डाक्टर जमीरुद्दीन से जवाब तलब करने के डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिए। अन्य डॉक्टरों से मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली। दवा काउंटर पर जाकर दवाओं के बारे में पूछा गया।
यहां से वार्ड में मरीजों का हाल लेने पहुंची। मरीजों को दिया जाने वाला भोजन चेक किया। मरीजों के हाथों में रोटी और उसके ऊपर सब्जी देते देखकर डीएम ने कर्मचारियों की फटकार लगाई। डीएम ने मरीजों को डिस्पोजल में खाना देने के निर्देश दिए। डीएम ने एसएनसीयू वार्ड में जाकर भर्ती मरीजों की जानकारी ली। बर्न वार्ड में मरीजों से पूछताछ की। यहां पर एक एसी खराब होने पर उसे सही कराने के निर्देश दिए।
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डीएम ने एक्सरे रूम में पहुंच कर रेडियोलॉजिस्ट के बारे में पूछताछ की। बताया गया कि वह कोर्ट गए हैं। अल्ट्रासाउंड की संख्या के बारे पूछा। कम संख्या होने पर नाराजगी जताई। इमरजेंसी ड्यूटी लगाने पर डीएम ने प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक कुमार से कहा कि उनकी सुबह की ड्यूटी न लगाई जाए। इस दौरान वहां पर वार्ड ब्वाय अर्जुन अपनी गुहार लेकर पहुंच गया। अर्जुन ने डीएम को बताया कि अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक प्रदीप वर्मा उनका सात माह से वेतन नहीं बना रहे हैं। इसके एवज में वह रिश्वत में 30 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। यह सुनकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमओ और प्रभारी सीएमएस को उसका वेतन बनवाने के साथ ही बाबू के निलंबन के आदेश दिए।
एनआरसी कर्मचारियों से मांगा स्पष्टीकरण
फर्रुखाबाद। एनआरसी वार्ड का निरीक्षण करने के लिए डीएम पहुंची। यहां पर प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना नहीं मिले। किचन में फ्रिज खराब मिला। डीएम ने उसे सही करने के निर्देश दिए। भर्ती मरीज का वजन कराया तो वह उतना ही निकला, जितना पहले दिन का था। डीएम ने कहा कि यहां पर व्यवस्था ठीक नहीं है। बच्चे को सात दिन हो गए। अभी तक उसका वजन उतना का उतना है। डीएम ने कर्मचारियों का स्पष्टीकरण मांगा।
डाक्टरों के कक्षों में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश
डीएम जब एक्सरे कक्ष का निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान डॉक्टर के कम बैठने की जानकारी हुई तो उन्होंने सभी डाक्टरों के कक्षों में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने ओपीडी हाल में एलईडी लगवा कर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को दिखाया जाए। जिससे जनता को इसका लाभ मिल सके।
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फर्रुखाबाद। जिलाधिकारी ने मंगलवार दोपहर लोहिया अस्पताल का निरीक्षण किया। वार्ड ब्वाय ने लिपिक पर वेतन निकालने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। डीएम ने सीएमओ और प्रभारी सीएमएस को लिपिक को निलंबित करने का निर्देश दिया। लोहिया अस्पताल में जो दवाएं नहीं थी, सूची में उनको अस्पताल में होना दर्शाया गया। यह देखकर डीएम ने नाराजगी जाहिर की। सीएमएस को अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
डीएम के निरीक्षण के दौरान डाक्टर अपने अपने कक्षों में बैठे थे। पुरुष अस्पताल में पर्चा काउंटर के पास लगी दवा सूची को देखकर जानकारी की। सीएमओ डॉ. अरुण कुमार ने स्टोर प्रभारी अरविंद प्रजापति को बुलाया। उन्होंने कई दवाओं के अस्पताल में न होने की जानकारी दी। जो दवाएं अस्पताल में नहीं थी, उन दवाओं का अस्पताल में होना सूची में दर्शाया गया। इस पर डीएम ने सीएमओ से नाराजगी जताई। डीएम ने डाक्टरों के कक्षों को देखा। आयुष डॉक्टर जमीरुद्दीन का कक्ष खाली पड़ा था। रजिस्टर को चेक किया गया तो मरीजों की संख्या लिखी थी। अनुपस्थित डाक्टर जमीरुद्दीन से जवाब तलब करने के डीएम ने सीएमएस को निर्देश दिए। अन्य डॉक्टरों से मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली। दवा काउंटर पर जाकर दवाओं के बारे में पूछा गया।
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यहां से वार्ड में मरीजों का हाल लेने पहुंची। मरीजों को दिया जाने वाला भोजन चेक किया। मरीजों के हाथों में रोटी और उसके ऊपर सब्जी देते देखकर डीएम ने कर्मचारियों की फटकार लगाई। डीएम ने मरीजों को डिस्पोजल में खाना देने के निर्देश दिए। डीएम ने एसएनसीयू वार्ड में जाकर भर्ती मरीजों की जानकारी ली। बर्न वार्ड में मरीजों से पूछताछ की। यहां पर एक एसी खराब होने पर उसे सही कराने के निर्देश दिए।
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डीएम ने एक्सरे रूम में पहुंच कर रेडियोलॉजिस्ट के बारे में पूछताछ की। बताया गया कि वह कोर्ट गए हैं। अल्ट्रासाउंड की संख्या के बारे पूछा। कम संख्या होने पर नाराजगी जताई। इमरजेंसी ड्यूटी लगाने पर डीएम ने प्रभारी सीएमएस डॉ. अशोक कुमार से कहा कि उनकी सुबह की ड्यूटी न लगाई जाए। इस दौरान वहां पर वार्ड ब्वाय अर्जुन अपनी गुहार लेकर पहुंच गया। अर्जुन ने डीएम को बताया कि अस्पताल के वरिष्ठ लिपिक प्रदीप वर्मा उनका सात माह से वेतन नहीं बना रहे हैं। इसके एवज में वह रिश्वत में 30 हजार रुपये की मांग कर रहे हैं। यह सुनकर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने सीएमओ और प्रभारी सीएमएस को उसका वेतन बनवाने के साथ ही बाबू के निलंबन के आदेश दिए।
एनआरसी कर्मचारियों से मांगा स्पष्टीकरण
फर्रुखाबाद। एनआरसी वार्ड का निरीक्षण करने के लिए डीएम पहुंची। यहां पर प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना नहीं मिले। किचन में फ्रिज खराब मिला। डीएम ने उसे सही करने के निर्देश दिए। भर्ती मरीज का वजन कराया तो वह उतना ही निकला, जितना पहले दिन का था। डीएम ने कहा कि यहां पर व्यवस्था ठीक नहीं है। बच्चे को सात दिन हो गए। अभी तक उसका वजन उतना का उतना है। डीएम ने कर्मचारियों का स्पष्टीकरण मांगा।
डाक्टरों के कक्षों में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश
डीएम जब एक्सरे कक्ष का निरीक्षण कर रही थी। इस दौरान डॉक्टर के कम बैठने की जानकारी हुई तो उन्होंने सभी डाक्टरों के कक्षों में सीसीटीवी लगवाने के निर्देश दिए। इसके अलावा डीएम ने ओपीडी हाल में एलईडी लगवा कर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को दिखाया जाए। जिससे जनता को इसका लाभ मिल सके।