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101 तालाब का लक्ष्य, 78 खुद पाए
Updated Sat, 23 Jun 2018 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फर्रुखाबाद। जिले में 101 तालाबों की खुदाई का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए एक मई तक का समय दिया गया था। अब जून खत्म होने को है। ऐसे में इस माह तो दूर, जुलाई में भी काम पूरा हो पाना मुश्किल लग रहा है। खास बात यह है कि हाथ से खुदाई वाले तालाबों का काम पूरा हो गया है। जेसीबी से खुदाई वाले तालाबों पर अभी तक काम चल रहा है।
22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा दुबे ने जिले में 101 छोटे-बड़े तालाब खुदवाने का लक्ष्य मनरेगा सेल को दिया था। इनमें से 70 तालाबों की खुदाई मनरेगा से होनी थी। 31 बड़े तालाबों का काम पंचायती राज विभाग को करना था। इन्हें जेसीबी से खोदा जाना था। जेसीबी से खुदाई वाले तालाबों पर अब तक काम चल रहा है। मनरेगा से खुदाई वाले तालाबों का काम पूरा हो चुका है। इस मुद्दे पर डीसी मनरेगा ने बताया कि तालाबों की खुदाई के बाद सफाई का काम चल रहा है। जल्द काम पूरा करवा लिया जाएगा।
खुदाई के बाद सूखे पड़े तालाब
मनरेगा से तालाबों की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। अभी तक इनमें पानी नहीं भरा गया है। मनरेगा सेल के आसाम सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में तालाबों में पानी भर जाएगा। एक या दो तालाबों को छोड़ दें तो कोई भी तालाब सरकारी ट्यूबवेल या नहर के आसपास नहीं हैं। ऐसे में इनमें पानी भरना आसान नहीं हैं। बारिश में तालाब भर जाएंगे। इसके बाद पानी रीचार्ज होता रहेगा।
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दो गांवों में बदलनी पड़ी तालाब की जगह
दो गांवों में तालाब की जगह बदलनी पड़ी है। राजेपुर ब्लॉक के गांव भरखा में पंचायती राज विभाग ने तालाब के लिए जो जगह दी थी, उसमें पहले से पानी और जलकुंभी थी। ऐसे में उसमें काम नहीं हो सकता था। ऐसे ही मोहम्मदाबाद के मुरान गांव में पंचायती राज विभाग ने जो जगह उपलब्ध करवाई, वह चारागाह की थी। इससे यहां भी जगह बदली गई।
78 तालाबाें का काम पूरा:सीडीओ
सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया कि 78 तालाबों का काम पूरा हो चुका है। अन्य में कुछ समस्या आ रही थी। उन्हें हम दूसरे चरण में ले गए हैं। जल्द ही इनका भी काम पूरा हो जाएगा।
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फर्रुखाबाद। जिले में 101 तालाबों की खुदाई का काम अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके लिए एक मई तक का समय दिया गया था। अब जून खत्म होने को है। ऐसे में इस माह तो दूर, जुलाई में भी काम पूरा हो पाना मुश्किल लग रहा है। खास बात यह है कि हाथ से खुदाई वाले तालाबों का काम पूरा हो गया है। जेसीबी से खुदाई वाले तालाबों पर अभी तक काम चल रहा है।
22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस पर मुख्य विकास अधिकारी अपूर्वा दुबे ने जिले में 101 छोटे-बड़े तालाब खुदवाने का लक्ष्य मनरेगा सेल को दिया था। इनमें से 70 तालाबों की खुदाई मनरेगा से होनी थी। 31 बड़े तालाबों का काम पंचायती राज विभाग को करना था। इन्हें जेसीबी से खोदा जाना था। जेसीबी से खुदाई वाले तालाबों पर अब तक काम चल रहा है। मनरेगा से खुदाई वाले तालाबों का काम पूरा हो चुका है। इस मुद्दे पर डीसी मनरेगा ने बताया कि तालाबों की खुदाई के बाद सफाई का काम चल रहा है। जल्द काम पूरा करवा लिया जाएगा।
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खुदाई के बाद सूखे पड़े तालाब
मनरेगा से तालाबों की खुदाई का काम पूरा हो चुका है। अभी तक इनमें पानी नहीं भरा गया है। मनरेगा सेल के आसाम सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में तालाबों में पानी भर जाएगा। एक या दो तालाबों को छोड़ दें तो कोई भी तालाब सरकारी ट्यूबवेल या नहर के आसपास नहीं हैं। ऐसे में इनमें पानी भरना आसान नहीं हैं। बारिश में तालाब भर जाएंगे। इसके बाद पानी रीचार्ज होता रहेगा।
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दो गांवों में बदलनी पड़ी तालाब की जगह
दो गांवों में तालाब की जगह बदलनी पड़ी है। राजेपुर ब्लॉक के गांव भरखा में पंचायती राज विभाग ने तालाब के लिए जो जगह दी थी, उसमें पहले से पानी और जलकुंभी थी। ऐसे में उसमें काम नहीं हो सकता था। ऐसे ही मोहम्मदाबाद के मुरान गांव में पंचायती राज विभाग ने जो जगह उपलब्ध करवाई, वह चारागाह की थी। इससे यहां भी जगह बदली गई।
78 तालाबाें का काम पूरा:सीडीओ
सीडीओ अपूर्वा दुबे ने बताया कि 78 तालाबों का काम पूरा हो चुका है। अन्य में कुछ समस्या आ रही थी। उन्हें हम दूसरे चरण में ले गए हैं। जल्द ही इनका भी काम पूरा हो जाएगा।