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कूमहरोर में आग लगने से वृद्धा की मौत

Thu, 28 Sep 2017 12:11 AM IST
Updated Thu, 28 Sep 2017 12:11 AM IST
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कूमहरोर में आग लगने से वृद्धा की मौत
अमृतपुर। सरकार की मंशा है कि पुलिस सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे, इसलिए ही कई प्रकार के साधन थानास्तर पर मुहैया कराए गए हैं। लेकिन पुलिस की चाल नहीं बदली है। थाना क्षेत्र के कूमहरोर गांव में मंगलवार रात करीब 12 बजे झोपड़ी में आग लगने से वृद्धा की मौत हो गई।
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ग्रामीणों ने करीब एक बजे एसओ को सूचना दे दी, लेकिन वह मौके पर नहीं आए। सुबह गांव पहुंचकर तहसीलदार ने भी एसओ को फोन पर पंचनामा भरने को कहा, फिर भी पुलिस नहीं आई। मृतका के बेटे ने बुधवार सुबह साढ़े आठ बजे चौकी में जाकर तहरीर दी, तब जाकर 11 बजे हलका दरोगा गांव पहुंचे। इस दौरान करीब 10 घंटे तक महिला का शव पड़ा रहा।
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कूमहरोर गांव निवासी विजेंद्र जोशी झोपड़ी बनाकर रहता है। गांव में आसपास उसकी दो झोपड़ियां हैं। मंगलवार रात खाना खाने के बाद वह पत्नी और बच्चों के साथ एक झोपड़ी में सो गया। दूसरे झोपड़ी में उसकी मां प्रेमा देवी (70) सो रही थी। देर रात करीब 12 बजे दीया गिरने से झोपड़ी में आग लग गई।
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धुआं होने पर विजेंद्र और आसपास के लोगों की नींद खुली। ग्रामीणों ने जब तक आग पर काबू पाया तब तक प्रेमा की मौत हो चुकी थी। हादसे में झोपड़ी में रखा सामान भी जल गया। गांव के अनुराग ने रात करीब एक बजे एसओ अमृतपुर को फोन कर सूचना दे दी, लेकिन पुलिस गांव नहीं पहुंची। बुधवार सुबह गांव के प्रभाकर त्रिवेदी ने तहसीलदार अमृतपुर भूपेंद्र सिंह को सूचना दी।

सुबह करीब आठ बजे तहसीलदार गांव पहुंचे और जायजा लेकर एसओ अमृतपुर को फोन कर वृद्धा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने को कहा। लेकिन पुलिस तहरीर का इंतजार करती रही। सुबह करीब साढ़े आठ बजे मृतका के बड़े बेटे गंगासागर ने थाने जाकर तहरीर दी। तहरीर देने के करीब साढ़े तीन घंटे बाद करीब 11 बजे हलका दरोगा दलबीर सिंह सिपाहियों के साथ गांव पहुंचे।

परिजनों और ग्रामीणों ने पूछताछ कर दरोगा ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। तहसीलदार का कहना था कि आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।

तहसीलदार की बात भी अनसुनी की
अमृतपुर थाने से कूमहरोर गांव की दूरी करीब सात किलोमीटर है। इस दूरी को तय करने में पुलिस को नौ घंटे से अधिक का समय लग गया। ग्रामीणों की सूचना पर तहसीलदार मजिस्ट्रेट की हैसियत से गांव गए थे। वहीं से उन्होंने एसओ को शव का पंचनामा भरने को कहा था, लेकिन एसओ तहरीर का इंतजार करते रहे।

एसओ अमृतपुर नरेंद्र गौतम का कहना था कि मुझे रात में गांव से किसी ने सूचना नहीं दी। सुबह तहसीलदार ने फोन पर बताया था। मैंने उनसे कह दिया था कि तहरीर भिजवा दो फिर आगे की कार्रवाई करते हैं। तहरीर मिलने के बाद दरोगा को भेजकर पंचनामा भरवा दिया गया।


मामले की जांच कराई जाएगी
फिलहाल मामला मेरी जानकारी में नहीं है लेकिन अगर घटना की सूचना एसओ को मिली थी तो थाने से पुलिस मौके पर जानी चाहिए थी। घटना की सूचना पर पुलिस को मौके पर पहुंचने का निर्देश है। अगर एसओ ने लापरवाही बरती है तो मामले की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -त्रिभुवन सिंह, एएसपी

-रातभर पड़ा रहा शव, 10 घंटे बाद पहुंची पुलिस
-सुबह आठ बजे पहुंचे तहसीलदार, दोपहर 11 बजे पहुंचे दरोगा
अमर उजाला ब्यूरो
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