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बिजली के करंट से भाई-बहन झुलसे
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थाना क्षेत्र के गांव इकलहरा में सोमवार सुबह घर में खेल रहे भाई-बहन बिजली के तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गए। परिजन बच्चों को सीएचसी कंपिल लेकर पहुंचे। डाक्टर ने उन्हें टरकाते हुए कायमगंज ले जाने की सलाह दी।
गांव इकलहरा निवासी इबरार का तीन वर्षीय पुत्र आरजू और दो वर्षीय पुत्री राबिया खातून सोमवार सुबह घर में खेल रहे थे। इबरार व उसकी पत्नी काम कर रही थी। घर के कमरे के पास बल्ब का टूटा हुआ तार लटक रहा था।
उस समय बिजली आ रही थी। खेलते समय दोनों बिजली के लटकते तार की चपेट में आकर झुलस गए। चीखपुकार सुनकर इबरार मौके पर पहुंचे। आनन फानन में बच्चों को सीएचसी कंपिल लेकर पहुंचे।
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वहां मौजूद सीएचसी प्रभारी से बच्चों का इलाज करने के लिए कहा। तो वह आफिस से निकलकर बाहर नहीं आए। कायमगंज सीएचसी ले जाने की सलाह देकर चलता कर दिया। मजबूरन इबरार अपने बच्चों को लेकर कायमगंज सीएचसी पहुंचे।
वहां से डॉक्टरों ने बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. पीएस विमल ने बताया कि सीएचसी में इमरजेंसी सुविधा चालू नहीं हुई हैं। घायल बच्चों को यहां इलाज नहीं मिल पाता। इसलिए कायमगंज सीएचसी ले जाने की सलाह दी। जो आरोप लगाए गए वो गलत हैं।
करंट से भाई-बहन झुलसे
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गांव इकलहरा निवासी इबरार का तीन वर्षीय पुत्र आरजू और दो वर्षीय पुत्री राबिया खातून सोमवार सुबह घर में खेल रहे थे। इबरार व उसकी पत्नी काम कर रही थी। घर के कमरे के पास बल्ब का टूटा हुआ तार लटक रहा था।
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उस समय बिजली आ रही थी। खेलते समय दोनों बिजली के लटकते तार की चपेट में आकर झुलस गए। चीखपुकार सुनकर इबरार मौके पर पहुंचे। आनन फानन में बच्चों को सीएचसी कंपिल लेकर पहुंचे।
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वहां मौजूद सीएचसी प्रभारी से बच्चों का इलाज करने के लिए कहा। तो वह आफिस से निकलकर बाहर नहीं आए। कायमगंज सीएचसी ले जाने की सलाह देकर चलता कर दिया। मजबूरन इबरार अपने बच्चों को लेकर कायमगंज सीएचसी पहुंचे।
वहां से डॉक्टरों ने बच्चों की गंभीर हालत को देखते हुए लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया। सीएचसी प्रभारी डॉ. पीएस विमल ने बताया कि सीएचसी में इमरजेंसी सुविधा चालू नहीं हुई हैं। घायल बच्चों को यहां इलाज नहीं मिल पाता। इसलिए कायमगंज सीएचसी ले जाने की सलाह दी। जो आरोप लगाए गए वो गलत हैं।
करंट से भाई-बहन झुलसे