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प्रत्येक उपकेंद्र पर जेई व टीजीटू बने नोडल कार्मिक
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गर्मी के मौसम में बिजली संकट व बिलों की समस्याओं के समाधान को प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र पर जेई और टीजीटू (तकनीकी ग्रेड टू) को नोडल कार्मिक बना दिया गया है। वह उपकेंद्र पर आने वाली शिकायतों और उनके निस्तारण संबंधी लेखा जोखा रखेंगे।
मीटर रीडरों को प्रतिदिन कार्य आवंटित करेंगे। किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर नोडल कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समस्याओं का जल्द समाधान करने और बिलों संबंधी शिकायतों का निस्तारण करने के लिए विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रत्येक केंद्र पर अवर अभियंता को नोडल कार्मिक बनाने के आदेश दिए थे। अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 34 विद्युत उपकेंद्र हैं।
इसके सापेक्ष जिले में 16 अवर अभियंता हैं। इससे अवर अभियंता के साथ टीजीटू को भी उपकेंद्र का नोडल कार्मिक बनाया हैं। शहर क्षेत्र में सात उपकेंद्र हैं। इसमें पांच उपकेंद्र पर अवर अभियंता और दो उपकेंद्र पर टीजीटू को नोडल कार्मिक बनाया गया है।
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ग्रामीण खंड में 17 उपकेंद्र हैं। इसमें छह उपकेंद्र पर अवर अभियंता को नोडल कार्मिक बनाया गया। एक अवर अभियंता को दो उपकेंद्र का नोडल कार्मिक बनाया गया। दस उपकेंद्रों पर टीजीटू को नोडल कार्मिक बनाया गया है। कायमगंज खंड क्षेत्र में दस उपकेंद्र हैं।
इसमें पांच पर अवर अभियंता और पांच पर टीजीटू को नोडल कार्मिक बनाया गया है। इन सभी नोडल कार्मिकों के मोबाइल नंबर उपकेंद्रों की दीवार पर पेंट से लिखवाने के आदेश दिए गए हैं।
उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र के मीटर रीडर का नाम और मोबाइल नंबर पेंट से दीवार पर लिखवाने होंगे। मीटर रीडरों को रोजाना काम बांटना होगा। उपकेंद्र पर आने वाले शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करना होगा। उनके निस्तारण के बाद रजिस्टर पर अंकित करना होगा।
इन अभिलेखों को संभाल कर रखना होगा। प्रत्येक उपकेंद्र के डिफाल्टर की सूची तैयारी करनी होगी। गलत बिलों को संशोधित करना होगा। दस किलोवॉट व उससे ऊपर के बकायेदार उपभोक्ताओं से वसूली की जाएगी।
हर उपकेंद्र पर जेई व टीजीटू बने नोडल कार्मिक
उपभोक्ताओं की सुनेंगे समस्याएं और कराएंगे निदान
नोडल कार्मिक प्रतिदिन मीटर रीडर को कार्य आवंटित करेंगे
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मीटर रीडरों को प्रतिदिन कार्य आवंटित करेंगे। किसी प्रकार की लापरवाही बरतने पर नोडल कार्मिक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
समस्याओं का जल्द समाधान करने और बिलों संबंधी शिकायतों का निस्तारण करने के लिए विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने प्रत्येक केंद्र पर अवर अभियंता को नोडल कार्मिक बनाने के आदेश दिए थे। अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में 34 विद्युत उपकेंद्र हैं।
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इसके सापेक्ष जिले में 16 अवर अभियंता हैं। इससे अवर अभियंता के साथ टीजीटू को भी उपकेंद्र का नोडल कार्मिक बनाया हैं। शहर क्षेत्र में सात उपकेंद्र हैं। इसमें पांच उपकेंद्र पर अवर अभियंता और दो उपकेंद्र पर टीजीटू को नोडल कार्मिक बनाया गया है।
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ग्रामीण खंड में 17 उपकेंद्र हैं। इसमें छह उपकेंद्र पर अवर अभियंता को नोडल कार्मिक बनाया गया। एक अवर अभियंता को दो उपकेंद्र का नोडल कार्मिक बनाया गया। दस उपकेंद्रों पर टीजीटू को नोडल कार्मिक बनाया गया है। कायमगंज खंड क्षेत्र में दस उपकेंद्र हैं।
इसमें पांच पर अवर अभियंता और पांच पर टीजीटू को नोडल कार्मिक बनाया गया है। इन सभी नोडल कार्मिकों के मोबाइल नंबर उपकेंद्रों की दीवार पर पेंट से लिखवाने के आदेश दिए गए हैं।
उपकेंद्र से संबंधित क्षेत्र के मीटर रीडर का नाम और मोबाइल नंबर पेंट से दीवार पर लिखवाने होंगे। मीटर रीडरों को रोजाना काम बांटना होगा। उपकेंद्र पर आने वाले शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करना होगा। उनके निस्तारण के बाद रजिस्टर पर अंकित करना होगा।
इन अभिलेखों को संभाल कर रखना होगा। प्रत्येक उपकेंद्र के डिफाल्टर की सूची तैयारी करनी होगी। गलत बिलों को संशोधित करना होगा। दस किलोवॉट व उससे ऊपर के बकायेदार उपभोक्ताओं से वसूली की जाएगी।
हर उपकेंद्र पर जेई व टीजीटू बने नोडल कार्मिक
उपभोक्ताओं की सुनेंगे समस्याएं और कराएंगे निदान
नोडल कार्मिक प्रतिदिन मीटर रीडर को कार्य आवंटित करेंगे