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Farrukhabad News: वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन कोषागार से 12.50 करोड़ भुगतान
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फर्रुखाबाद। वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन रविवार को कोषागार में भुगतान के लिए जद्दोजहद मची रही। शाम तक विभागों से भुगतान के वाउचर आते रहे। एक दिन में करीब 12.50 करोड़ रुपये से अधिक भुगतान किया गया। कई विभागों में करोड़ों की धनराशि शासन को वापस करनी पड़ी।
जनपद के सभी विभागों का कोषागार से प्रति माह औसतन करीब 20 करोड़ रुपये का भुगतान होता है। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में सभी विभागों से भुगतान में तेजी आई। महीनों से रुके भुगतान भी कर दिए गए। पिछले तीन दिनों से तो भुगतान के वाउचरों की कोषागार में लाइन लगी रही। इससे गुड फ्राइडे व रविवार का अवकाश निरस्त कर कोषागार से भुगतान होते रहे।
रविवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने से सुबह से ही विभागों से कई बार में वाउचर भेजे जाते रहे। रात तक भुगतान की प्रक्रिया चलती रही। रात करीब आठ बजे तक कोषागार से करीब 12.50 करोड़ रुपये के भुगतान हो चुके थे। इस पूरे माह में कोषागार से करीब 100 करोड़ रुपये के भुगतान किए गए। इसके बावजूद विभागों में धनराशि खर्च न हो पाने से करोड़ों रुपये शासन को वापस करने पड़े। सिंचाई विभाग को हाल ही में शासन से पांच करोड़ रुपये मिले थे। इसमें बाढ़ राहत कार्य व भवन निर्माण न हो पाने से करीब 4.50 करोड़ रुपये सरेंडर किए गए। वहीं पीडब्ल्यूडी से नवनिर्माण का करीब सात करोड़ रुपये बजट वापस हुआ। इसी तरह शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग से भी करोड़ों का बजट खर्च न हो पाने से शासन को सरेंडर करना पड़ा।
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जनपद के सभी विभागों का कोषागार से प्रति माह औसतन करीब 20 करोड़ रुपये का भुगतान होता है। वित्तीय वर्ष के अंतिम माह मार्च में सभी विभागों से भुगतान में तेजी आई। महीनों से रुके भुगतान भी कर दिए गए। पिछले तीन दिनों से तो भुगतान के वाउचरों की कोषागार में लाइन लगी रही। इससे गुड फ्राइडे व रविवार का अवकाश निरस्त कर कोषागार से भुगतान होते रहे।
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रविवार को वित्तीय वर्ष का अंतिम दिन होने से सुबह से ही विभागों से कई बार में वाउचर भेजे जाते रहे। रात तक भुगतान की प्रक्रिया चलती रही। रात करीब आठ बजे तक कोषागार से करीब 12.50 करोड़ रुपये के भुगतान हो चुके थे। इस पूरे माह में कोषागार से करीब 100 करोड़ रुपये के भुगतान किए गए। इसके बावजूद विभागों में धनराशि खर्च न हो पाने से करोड़ों रुपये शासन को वापस करने पड़े। सिंचाई विभाग को हाल ही में शासन से पांच करोड़ रुपये मिले थे। इसमें बाढ़ राहत कार्य व भवन निर्माण न हो पाने से करीब 4.50 करोड़ रुपये सरेंडर किए गए। वहीं पीडब्ल्यूडी से नवनिर्माण का करीब सात करोड़ रुपये बजट वापस हुआ। इसी तरह शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग से भी करोड़ों का बजट खर्च न हो पाने से शासन को सरेंडर करना पड़ा।
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