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Farrukhabad News: इटावा-बरेली हाईवे पर 12 घंटे जाम, भीषण गर्मी में यात्री हुए परेशान
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फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर रामगंगा पुल पर मरम्मत कार्य होने से 12 घंटे से ज्यादा समय तक जाम लग गया। शनिवार सुबह करीब 6 बजे से लाग जाम देर शाम तक नहीं खुल सका। जाम में 10 किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लगी रहीं। शाम 7 बजे के करीब हाईवे की एक लेन से वाहनों को एक-एक कर निकाला गया। देर रात तक जाम की स्थिति बनी रही।
इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण होने के साथ ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। शाहजहांपुर से लगती जिले की सीमा पर रामगंगा के जर्जर पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा है। इससे वन-वे ट्रैफिक कर दिया गया। वाहनों का दबाव बढ़ने पर सुबह से ही हाईवे पर रामगंगा के दोनों ओर करीब 10 किमी वाहनों का जाम लग गया।
हरदोई से आने वाली रोडवेज बसें फर्रुखाबाद से 20 किमी पहले हुल्लापुर चौराहे पर ही सवारियां उतारकर वापस चली गईं। जाम के चलते टेंपाे व ई-रिक्शा भी सवारियां लेकर जाने को तैयार नहीं हुए। इससे बस से उतरी सवारियां कंधे पर बैग टांगकर पैदल ही निकल पड़ीं।
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हाईवे निर्माण शुरू होने से पहले सड़क किनारे खड़े करीब 52 हजार पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं। सड़क किनारे छांव न होने से चटख धूप में पैदल यात्रियों को लंबा जाम पार करने में यात्रियों के पसीने छूट गए। यात्री पानी को भी तरसते रहे। पैदल चल रहे बच्चों के मासूम चेहरे मुरझा गए। महिलाएं भी धूप में बेहाल दिखीं। वाहनों से उतरकर तपती धूप में पैदल चल रहे यात्री खुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे।
इन दिनों सहालग तेजी से चल रही है। इससे बरात में कार से विदा होकर ससुराल जा रही नई-नवेली दुल्हन भी जाम के झाम में घंटों फंसी रहीं। तपती धूप की भीषण गर्मी में वाहनों पर सवार और पैदल यात्री बेहाल रहे।
शाहजहांपुर की एफसीआई गोदाम से सरकारी चावल लेकर फर्रुखाबाद की ओर आ रहे ट्रक का पहिया रामगंगा पुल के आगे हाइवे किनारे मिट्टी में पहिया फंस गया। इससे ट्रक पलटते-पलटते बचा। पल्लेदारों को लगाकर ट्रक से चावल के बोरे उतारे गए। डीएसओ सुरेंद्र यादव ने बताया कि शाहजहांपुर से 21 टन चावल छिबरामऊ एफसीआई गोदाम के लिए जा रहा था। ट्रक फंस जाने से उसे दूसरे वाहन में लोड कराकर भेजा जा रहा है।
कम चौड़ाई के रामगंगा का जर्जर पुल बना मुसीबत
इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कराने 730सी हाईवे बनाया जा रहा है। इसका निर्माण अभी चल रहा है। हाइवे की चौड़ाई बढ़ने के साथ अब ट्रैफिक भी बढ़ गया है। इससे ट्रक, बस, टैंकर आदि बड़े वाहनों की हाईवे पर संख्या काफी बढ़ गई। हाइवे के हिसाब से रामगंगा के पुल की चौड़ाई काफी कम है। ऊपर से जर्जर पुल होने से आए दिन मरम्मत कार्य चलने से वन-वे ट्रैफिक कर दिया गया। इससे जाम की समस्या से यात्रियों के पसीने छूट रहे हैं। यह मुसीबत यात्रियों को कई महीनों से झेलनी पड़ रही है। वहीं रामगंगा पुल के पास करीब दो किमी तक गड्ढा युक्त सड़क दुर्घटना को दावत दे रही है।
वर्जन रामगंगा पुल के नवनिर्माण का भेजा जा चुका प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राज्य मार्ग मंत्रालय के परियोजना निदेशक शिवम सिंह ने बताया कि रामगंगा पुल के नव निर्माण का प्रस्ताव भेज चुके हैं। मरम्मत कार्य जनपद शाहजहांपुर से चल रहा है। रामगंगा से पहले खराब सड़क से निजात के लिए वह शीघ्र निर्माण कराने का प्रयास करेंगे। हाइवे निर्माण का काम तेजी से कराया जा रहा है।
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इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण होने के साथ ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया है। शाहजहांपुर से लगती जिले की सीमा पर रामगंगा के जर्जर पुल पर मरम्मत कार्य चल रहा है। इससे वन-वे ट्रैफिक कर दिया गया। वाहनों का दबाव बढ़ने पर सुबह से ही हाईवे पर रामगंगा के दोनों ओर करीब 10 किमी वाहनों का जाम लग गया।
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हरदोई से आने वाली रोडवेज बसें फर्रुखाबाद से 20 किमी पहले हुल्लापुर चौराहे पर ही सवारियां उतारकर वापस चली गईं। जाम के चलते टेंपाे व ई-रिक्शा भी सवारियां लेकर जाने को तैयार नहीं हुए। इससे बस से उतरी सवारियां कंधे पर बैग टांगकर पैदल ही निकल पड़ीं।
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हाईवे निर्माण शुरू होने से पहले सड़क किनारे खड़े करीब 52 हजार पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं। सड़क किनारे छांव न होने से चटख धूप में पैदल यात्रियों को लंबा जाम पार करने में यात्रियों के पसीने छूट गए। यात्री पानी को भी तरसते रहे। पैदल चल रहे बच्चों के मासूम चेहरे मुरझा गए। महिलाएं भी धूप में बेहाल दिखीं। वाहनों से उतरकर तपती धूप में पैदल चल रहे यात्री खुद को ठगा सा महसूस कर रहे थे।
इन दिनों सहालग तेजी से चल रही है। इससे बरात में कार से विदा होकर ससुराल जा रही नई-नवेली दुल्हन भी जाम के झाम में घंटों फंसी रहीं। तपती धूप की भीषण गर्मी में वाहनों पर सवार और पैदल यात्री बेहाल रहे।
शाहजहांपुर की एफसीआई गोदाम से सरकारी चावल लेकर फर्रुखाबाद की ओर आ रहे ट्रक का पहिया रामगंगा पुल के आगे हाइवे किनारे मिट्टी में पहिया फंस गया। इससे ट्रक पलटते-पलटते बचा। पल्लेदारों को लगाकर ट्रक से चावल के बोरे उतारे गए। डीएसओ सुरेंद्र यादव ने बताया कि शाहजहांपुर से 21 टन चावल छिबरामऊ एफसीआई गोदाम के लिए जा रहा था। ट्रक फंस जाने से उसे दूसरे वाहन में लोड कराकर भेजा जा रहा है।
कम चौड़ाई के रामगंगा का जर्जर पुल बना मुसीबत
इटावा-बरेली हाईवे का चौड़ीकरण कराने 730सी हाईवे बनाया जा रहा है। इसका निर्माण अभी चल रहा है। हाइवे की चौड़ाई बढ़ने के साथ अब ट्रैफिक भी बढ़ गया है। इससे ट्रक, बस, टैंकर आदि बड़े वाहनों की हाईवे पर संख्या काफी बढ़ गई। हाइवे के हिसाब से रामगंगा के पुल की चौड़ाई काफी कम है। ऊपर से जर्जर पुल होने से आए दिन मरम्मत कार्य चलने से वन-वे ट्रैफिक कर दिया गया। इससे जाम की समस्या से यात्रियों के पसीने छूट रहे हैं। यह मुसीबत यात्रियों को कई महीनों से झेलनी पड़ रही है। वहीं रामगंगा पुल के पास करीब दो किमी तक गड्ढा युक्त सड़क दुर्घटना को दावत दे रही है।
वर्जन रामगंगा पुल के नवनिर्माण का भेजा जा चुका प्रस्ताव सड़क परिवहन एवं राज्य मार्ग मंत्रालय के परियोजना निदेशक शिवम सिंह ने बताया कि रामगंगा पुल के नव निर्माण का प्रस्ताव भेज चुके हैं। मरम्मत कार्य जनपद शाहजहांपुर से चल रहा है। रामगंगा से पहले खराब सड़क से निजात के लिए वह शीघ्र निर्माण कराने का प्रयास करेंगे। हाइवे निर्माण का काम तेजी से कराया जा रहा है।