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11 आंगनबाड़ी केंद्रों में मिला ताल
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Mon, 06 Jun 2016 11:42 PM IST
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सिर पर पंजीरी की थैली रखकर ले जाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला कार्यक्रम अधिकारी भारत प्रसाद ने सोमवार को बढ़पुर और शमसाबाद के 14 आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। इनमें से 11 केंद्रों पर ताला लटकता मिला। एक केंद्र के बाहर जानवर बंधे थे। खुले तीन केंद्रों पर बच्चों की संख्या कम थी और अभिलेख अधूरे रखे थे। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बंद मिलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्री और सहायिकाओं के मई माह के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी है।
शमसाबाद की मुख्य सेविका को प्रतिकूल प्रविष्टि देकर जून माह के वेतन निकासी पर रोक लगाई है। बढ़पुर ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्र सरैया में कार्यकत्री रीना व सहायिका राकेश कुमारी उपस्थित मिलीं। लेकिन वह ड्रेस में नहीं थीं। 50 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 21 उपस्थित थे। 15 गर्भवती महिलाएं, 13 धात्री माताएं और सात माह से तीन साल के 57 बच्चे तथा 50 किशोरियां पंजीकृत मिलीं। पोषाहार केंद्र पर रखा था।
ग्रोथ कार्ड एवं वजन रजिस्टर अपूर्ण था। आंगनबाड़ी केंद्र रेहा में निरीक्षण के दौरान कार्यकत्री भांती देवी उपस्थित और सहायिका आमना खातून अनुपस्थित थी। केंद्र पर 31 के सापेक्ष 5 बच्चे उपस्थित थे। 11 गर्भवती महिलाएं, 12 धात्री माताएं, सात से तीन साल के 51 बच्चे और 50 किशोरियां पंजीकृत मिलीं। पोषाहार केंद्र पर रखा था लेकिन केंद्र पर रखे अभिलेख अधूरे थे। आंगनबाड़ी केंद्र हाथीपुर में कार्यकत्री मंजू देवी, सहायिका सुषमा उपस्थित थीं लेकिन ड्रेस में नही थीं।
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50 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष एक भी बच्चा केंद्र पर उपस्थित नहीं था। 15 गर्भवती, 12 धात्री माताएं, सात से तीन साल के 73 बच्चे, 50 किशोरियां पंजीकृत थीं। अभिलेख अपूर्ण मिले। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्राआबाजपुर केंद्र पर पहुंचे, जो बंद था। दरवाजे के पास जानवर बंधे थे। इसके बाद शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने गए। वहां आंगनबाड़ी केंद्र हरसिंहपुर गोवा, चौरसिया, सादिकपुर, कलुआपुरसानी, वलीपुर भगवंत, रोशनाबाद, समसपुर भिखारी, नगला नान, अमलैया आशानंद, वकसुरी केंद्र पर ताले लटके मिले। केंद्र बंद मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बढ़पुर और शमसाबाद की सीडीपीओ को बंद आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्री और सहायिकाओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण लेने के आदेश दिए।
इसके साथ हीं मई माह के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दोबारा निरीक्षण में केंद्र बंद मिलते है, तो कार्यकत्री और सहायिकाओं की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शमसाबाद की मुख्य सेविका अनुपम मौर्या को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए जून माह के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है।
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शमसाबाद की मुख्य सेविका को प्रतिकूल प्रविष्टि देकर जून माह के वेतन निकासी पर रोक लगाई है। बढ़पुर ब्लाक के आंगनबाड़ी केंद्र सरैया में कार्यकत्री रीना व सहायिका राकेश कुमारी उपस्थित मिलीं। लेकिन वह ड्रेस में नहीं थीं। 50 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष 21 उपस्थित थे। 15 गर्भवती महिलाएं, 13 धात्री माताएं और सात माह से तीन साल के 57 बच्चे तथा 50 किशोरियां पंजीकृत मिलीं। पोषाहार केंद्र पर रखा था।
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ग्रोथ कार्ड एवं वजन रजिस्टर अपूर्ण था। आंगनबाड़ी केंद्र रेहा में निरीक्षण के दौरान कार्यकत्री भांती देवी उपस्थित और सहायिका आमना खातून अनुपस्थित थी। केंद्र पर 31 के सापेक्ष 5 बच्चे उपस्थित थे। 11 गर्भवती महिलाएं, 12 धात्री माताएं, सात से तीन साल के 51 बच्चे और 50 किशोरियां पंजीकृत मिलीं। पोषाहार केंद्र पर रखा था लेकिन केंद्र पर रखे अभिलेख अधूरे थे। आंगनबाड़ी केंद्र हाथीपुर में कार्यकत्री मंजू देवी, सहायिका सुषमा उपस्थित थीं लेकिन ड्रेस में नही थीं।
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50 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष एक भी बच्चा केंद्र पर उपस्थित नहीं था। 15 गर्भवती, 12 धात्री माताएं, सात से तीन साल के 73 बच्चे, 50 किशोरियां पंजीकृत थीं। अभिलेख अपूर्ण मिले। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी अर्राआबाजपुर केंद्र पर पहुंचे, जो बंद था। दरवाजे के पास जानवर बंधे थे। इसके बाद शमसाबाद ब्लाक क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने गए। वहां आंगनबाड़ी केंद्र हरसिंहपुर गोवा, चौरसिया, सादिकपुर, कलुआपुरसानी, वलीपुर भगवंत, रोशनाबाद, समसपुर भिखारी, नगला नान, अमलैया आशानंद, वकसुरी केंद्र पर ताले लटके मिले। केंद्र बंद मिलने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बढ़पुर और शमसाबाद की सीडीपीओ को बंद आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यकत्री और सहायिकाओं को नोटिस जारी कर तीन दिन में स्पष्टीकरण लेने के आदेश दिए।
इसके साथ हीं मई माह के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दी है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दोबारा निरीक्षण में केंद्र बंद मिलते है, तो कार्यकत्री और सहायिकाओं की सेवा समाप्ति का प्रस्ताव बनाकर भेजा जाए। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने शमसाबाद की मुख्य सेविका अनुपम मौर्या को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए जून माह के वेतन निकासी पर रोक लगा दी है।