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Farrukhabad News: बस डकैती में दोषी को 10 वर्ष की कैद
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। 30 वर्ष पहले डकैती को अंजाम देने के दोषी को कोर्ट ने 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। डकैती के दौरान गोली लगने से दो सिपाहियों की मौत हो गई थी।
जनपद एटा थाना व कस्बा नयागांव निवासी साहूकार मुकदमे में पैरवी कर फर्रुखाबाद से 6 अप्रैल 1993 को रोडवेज बस से वापस जा रहे थे। मेरापुर थाना क्षेत्र में बस बार्डर पर पहुंची। सिपाही भानू प्रताप शर्मा, रामकिशन यादव बस में राइफल लेकर सुरक्षा के लिए आ गए।
गांव झौंत के पास बस को छह लोगों ने रोक लिया। हाथ में तमंचा लेकर यह लोग बस के अंदर घुस आए। चालक के तमंचा लगाकर गोली मारने की धमकी दी। दोनों सिपाहियों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। बदमाश उनको पकड़कर नीचे ले गए। सिपाहियों के गोली मार दी। सिपाही भानु प्रताप शर्मा की मौके पर मौत हो गई।
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रामकिशन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बदमाशों ने सवारियों के साथ लूटपाट की। मेरापुर थाना पुलिस ने डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने मेरापुर थाना क्षेत्र के ब्राहिमपुर निवासी रामऔतार, गांव स्यानी निवासी धनीराम उर्फ बरूआ, नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नया नगला निवासी राधे, थाना मऊदरवाजा के गांव लोहयनिया निवासी रामविलास के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान धनीराम उर्फ बरूआ, राधे, रामविलास की मौत हो गई। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर रामऔतार को दोषी करार किया था। सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी रामऔतार को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेंद्र कुमार व कृष्ण कुमार पांडेय ने दलीलें दीं।
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फर्रुखाबाद। 30 वर्ष पहले डकैती को अंजाम देने के दोषी को कोर्ट ने 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। डकैती के दौरान गोली लगने से दो सिपाहियों की मौत हो गई थी।
जनपद एटा थाना व कस्बा नयागांव निवासी साहूकार मुकदमे में पैरवी कर फर्रुखाबाद से 6 अप्रैल 1993 को रोडवेज बस से वापस जा रहे थे। मेरापुर थाना क्षेत्र में बस बार्डर पर पहुंची। सिपाही भानू प्रताप शर्मा, रामकिशन यादव बस में राइफल लेकर सुरक्षा के लिए आ गए।
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गांव झौंत के पास बस को छह लोगों ने रोक लिया। हाथ में तमंचा लेकर यह लोग बस के अंदर घुस आए। चालक के तमंचा लगाकर गोली मारने की धमकी दी। दोनों सिपाहियों ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। बदमाश उनको पकड़कर नीचे ले गए। सिपाहियों के गोली मार दी। सिपाही भानु प्रताप शर्मा की मौके पर मौत हो गई।
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रामकिशन यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बदमाशों ने सवारियों के साथ लूटपाट की। मेरापुर थाना पुलिस ने डकैती का मुकदमा दर्ज कर लिया। विवेचक ने मेरापुर थाना क्षेत्र के ब्राहिमपुर निवासी रामऔतार, गांव स्यानी निवासी धनीराम उर्फ बरूआ, नवाबगंज थाना क्षेत्र के गांव नया नगला निवासी राधे, थाना मऊदरवाजा के गांव लोहयनिया निवासी रामविलास के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान धनीराम उर्फ बरूआ, राधे, रामविलास की मौत हो गई। शुक्रवार को मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर रामऔतार को दोषी करार किया था। सोमवार को न्यायाधीश ने दोषी रामऔतार को 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई और एक लाख रुपये अर्थदंड जमा करने के आदेश दिए। अर्थदंड नहीं जमा करने पर दोषी को वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगने के आदेश दिए। अभियोजन पक्ष की ओर से शैलेंद्र कुमार व कृष्ण कुमार पांडेय ने दलीलें दीं।

हत्यारोपी इकबाल। स्रोत पुलिस

हत्यारोपी इकबाल। स्रोत पुलिस