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आखिरी सावन सोमवार पर शिवमय हुई रामनगरी
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सरयू में स्नान के बाद नागेश्वरनाथ में जलाभिषेक करते लोग।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। सावन मास के आखिरी सोमवार पर रामनगरी शिवमय नजर आई। शिवमंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक को भक्तों का तांता लगा रहा।
देवाधिदेव महादेव के दर्शन पूजन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों की कतार शिव मंदिरों के द्वार पर लग गई। हाथों में पूजन सामग्री लिए भक्तगण अपनी बारी की प्रतीक्षा में बेसब्र नजर आए।
शिव शंकर को जिसने पूजा उसका बेड़ा पार हुआ..., हर-हर महादेव, ऊं. नम: शिवाय के जयघोष से रामनगरी गूंजती रही तो वहीं मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
सावन माह के आखिरी सोमवार पर शिवभक्ति का रंग चारों तरफ दिखा। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए शिवभक्तों का रेला सरयू में स्नान के बाद सीधे नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा और विधिविधान से महादेव का पूजन-अर्चन के बाद अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए निकल पड़ा।
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शहर के अन्य शिवालयों क्षीरेश्वरनाथ, कोटेश्वरनाथ, झारखंडेश्वर महादेव सहित अन्य शिव मंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवभक्तों का तांता लगा रहा। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, पूजन-अर्चन के बाद शिवभक्तों ने हनुमानगढ़ी, कनकभवन व रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।
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देवाधिदेव महादेव के दर्शन पूजन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही भक्तों की कतार शिव मंदिरों के द्वार पर लग गई। हाथों में पूजन सामग्री लिए भक्तगण अपनी बारी की प्रतीक्षा में बेसब्र नजर आए।
शिव शंकर को जिसने पूजा उसका बेड़ा पार हुआ..., हर-हर महादेव, ऊं. नम: शिवाय के जयघोष से रामनगरी गूंजती रही तो वहीं मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित कर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
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सावन माह के आखिरी सोमवार पर शिवभक्ति का रंग चारों तरफ दिखा। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए शिवभक्तों का रेला सरयू में स्नान के बाद सीधे नागेश्वरनाथ मंदिर पहुंचा और विधिविधान से महादेव का पूजन-अर्चन के बाद अन्य मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए निकल पड़ा।
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शहर के अन्य शिवालयों क्षीरेश्वरनाथ, कोटेश्वरनाथ, झारखंडेश्वर महादेव सहित अन्य शिव मंदिरों में ब्रह्ममुहूर्त से ही शिवभक्तों का तांता लगा रहा। भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, पूजन-अर्चन के बाद शिवभक्तों ने हनुमानगढ़ी, कनकभवन व रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई।