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दिनभर हुई बारिश से लुढ़का पारा, मिली गर्मी से निजात
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अयोध्या। दिन भर हुई मध्यम से तेज बारिश से पारा लुढ़का और मौसम में नमी आई। इससे कई दिनों से उमस से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। दिन भर रुक-रुककर हुई बारिश से जगह-जगह जलभराव की समस्या भी उत्पन्न हुई। वहीं, धान की फसल को फायदा व सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंचने के कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग ने अभी मध्यम वर्षा का अनुमान लगाया है।
मंगलवार की सायंकाल से मौसम का मिजाज बदल गया है। सायंकाल हल्की बारिश के बाद ही मौसम में नमी आने लगी। बुधवार को भी लोग उठे तो रिमझिम बारिश की फुहारों ने उनका स्वागत किया। दिन भर बारिश का सिलसिला जारी रहा और रुक-रुककर गांव से लेकर शहरी इलाकों तक हल्की सी मध्यम वर्षा हुई। इसकी वजह से पिछले कई दिनों भीषण गर्मी व उमस से जूझ रहे लोगों ने राहत की सांस लिया। हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में जलभराव की वजह से थोड़ी परेशानी भी हुई।
उधर, खेतों की सिचाई की वजह से प्रभावित हो रही धान की फसल के लिए यह बरसात संजीवनी साबित हुई है। जबकि सब्जी की खेती करने वाले किसानों ने चिंता जताई है। बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार से शुरू हुई बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। इतनी ही बारिश से सब्जी बेल्ट बिलारी माफी और सेमरा में फसलों को क्षति हुई है। किसान दिग्विजय सिंह, विमल मिश्रा, राजेश वर्मा, अमरनाथ पांडेय, लालमणि निषाद आदि का कहना है कि बारिश में यदि हवा चली तो धान और गन्ने की फसल गिर सकती है। बारिश से सब्जियों को क्षति हो सकती है।
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मंगलवार की बारिश में कस्बेे में जगह-जगह कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ है। दो दिन में हुई बारिश से तापमान में गिरावट देखी गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री के साथ सामान्य के इर्द-गिर्द रहा। आद्रता अधिकतम 95 एवं न्यूनतम 65 फीसदी दर्ज की गई। 6.2 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली उत्तरी-पूर्वी हवाओं से सिहरन का एहसास हुआ। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले 24 घंटे में मध्यम से घने बादल छाए रहने व मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।
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मंगलवार की सायंकाल से मौसम का मिजाज बदल गया है। सायंकाल हल्की बारिश के बाद ही मौसम में नमी आने लगी। बुधवार को भी लोग उठे तो रिमझिम बारिश की फुहारों ने उनका स्वागत किया। दिन भर बारिश का सिलसिला जारी रहा और रुक-रुककर गांव से लेकर शहरी इलाकों तक हल्की सी मध्यम वर्षा हुई। इसकी वजह से पिछले कई दिनों भीषण गर्मी व उमस से जूझ रहे लोगों ने राहत की सांस लिया। हालांकि, शहर के कुछ इलाकों में जलभराव की वजह से थोड़ी परेशानी भी हुई।
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उधर, खेतों की सिचाई की वजह से प्रभावित हो रही धान की फसल के लिए यह बरसात संजीवनी साबित हुई है। जबकि सब्जी की खेती करने वाले किसानों ने चिंता जताई है। बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार मंगलवार से शुरू हुई बारिश से फसलों को नुकसान हो सकता है। इतनी ही बारिश से सब्जी बेल्ट बिलारी माफी और सेमरा में फसलों को क्षति हुई है। किसान दिग्विजय सिंह, विमल मिश्रा, राजेश वर्मा, अमरनाथ पांडेय, लालमणि निषाद आदि का कहना है कि बारिश में यदि हवा चली तो धान और गन्ने की फसल गिर सकती है। बारिश से सब्जियों को क्षति हो सकती है।
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मंगलवार की बारिश में कस्बेे में जगह-जगह कीचड़ से आवागमन प्रभावित हुआ है। दो दिन में हुई बारिश से तापमान में गिरावट देखी गई है। बुधवार को अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य से 2.5 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री के साथ सामान्य के इर्द-गिर्द रहा। आद्रता अधिकतम 95 एवं न्यूनतम 65 फीसदी दर्ज की गई। 6.2 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चलने वाली उत्तरी-पूर्वी हवाओं से सिहरन का एहसास हुआ। नरेंद्रदेव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज के मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि अगले 24 घंटे में मध्यम से घने बादल छाए रहने व मध्यम वर्षा होने का अनुमान है।