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धारमलपुर माइनर कटी
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अयोध्या। धारमलपुर माइनर कटने से गेहूं की फसल डूब गई। वहीं लाखों गैलन पानी बह गया। शिकायत के बावजूद दो दिन से नहर विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सका।
शारदा सहायक नगर से सुचित्तागंज के पास से निकलने वाली धारमलपुर माइनर पंडितपुर गांव के पास तिलोदकी गंगा (तिलैया) के पास कट गई। अब तक कई लाख गैलन पानी बेकार बह गया। खास बात यह है कि कटान नहर चलने के बाद ही शुरू हो गई थी।
पूरा पानी पहले तो तिलोदकी गंगा (तिलैया) में कई दिनों तक भरा। कई फीट पानी ऊपर आ गया। इसके बाद पानी पश्चिम में बाबा तालाब और पूरब में समदा झील में जाने लगा। ये दोनों उफनाए तो उपरहार की फसलें डूबने लगीं।
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गांव के लोगों के मुताबिक नहर चलने के साथ ही पखवारे भर से कटी माइनर के पानी से सैकड़ों बीघे गेहूं की फसलों को चपेट में ले लिया। किसानों के लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। माइनर में पानी न बंद होने पर दो दिन पूर्व मोबाइल पर जेई अंकित रस्तोगी को इसकी जानकारी दी गई।
उन्होंने इसकी व्यवस्था कराने के लिए कहा लेकिन बगैर माइनर का पानी बंद कराए कटान स्थल के पहले पुलिया में बोरियां लगा पानी रोकने की कोशिश सफल नहीं हुई अलबत्ता 48 घंटे में काफी बढ़े क्षेत्र में फसलों में पानी फैल गया। गुरुवार को दोपहर तक न तो माइनर में पानी बंद किया गया और न ही कटान को रोका जा सका। इस बाबत एसडीओ राजेश निगम को फोन किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जेई का कहना है कि इसे बंद कराकर दुरुस्त कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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शारदा सहायक नगर से सुचित्तागंज के पास से निकलने वाली धारमलपुर माइनर पंडितपुर गांव के पास तिलोदकी गंगा (तिलैया) के पास कट गई। अब तक कई लाख गैलन पानी बेकार बह गया। खास बात यह है कि कटान नहर चलने के बाद ही शुरू हो गई थी।
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पूरा पानी पहले तो तिलोदकी गंगा (तिलैया) में कई दिनों तक भरा। कई फीट पानी ऊपर आ गया। इसके बाद पानी पश्चिम में बाबा तालाब और पूरब में समदा झील में जाने लगा। ये दोनों उफनाए तो उपरहार की फसलें डूबने लगीं।
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गांव के लोगों के मुताबिक नहर चलने के साथ ही पखवारे भर से कटी माइनर के पानी से सैकड़ों बीघे गेहूं की फसलों को चपेट में ले लिया। किसानों के लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। माइनर में पानी न बंद होने पर दो दिन पूर्व मोबाइल पर जेई अंकित रस्तोगी को इसकी जानकारी दी गई।
उन्होंने इसकी व्यवस्था कराने के लिए कहा लेकिन बगैर माइनर का पानी बंद कराए कटान स्थल के पहले पुलिया में बोरियां लगा पानी रोकने की कोशिश सफल नहीं हुई अलबत्ता 48 घंटे में काफी बढ़े क्षेत्र में फसलों में पानी फैल गया। गुरुवार को दोपहर तक न तो माइनर में पानी बंद किया गया और न ही कटान को रोका जा सका। इस बाबत एसडीओ राजेश निगम को फोन किया गया लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। जेई का कहना है कि इसे बंद कराकर दुरुस्त कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है।