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मतदाता सूची में मिलीं तमाम खामियां
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अयोध्या-जीजीआईसी में मौजूद बीएलओ व लोग।
- फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। मतदाता पुनरीक्षण अभियान के तहत वोटर लिस्ट में नाम बढ़ाने, नाम संशोधन कराने आदि के लिए लगाए गए शिविर में तमाम दिक्कतें सामने आईं। अभियान के दौरान कई जगहों पर बीएलओ तक के नाम गायब मिले। मामला रुदौली तहसील के ग्राम पंचायत मवई में बीएलओ का नाम ही सूची से गायब मिला।
जिलेभर में मतदान केंद्रों पर रविवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला। इस दौरान वोटरों के नाम गायब मिले। कुछ मृतकों के नाम भी सूची में थे, नाम में तमाम गलतियां सामने आईं। लोगों ने दुरुस्त कराने को लेकर फार्म भरे, साथ ही जिनके नाम नहीं थे, वे भी नाम डलवाने के लिए सक्रिय नजर आए।
मवई प्रतिनिधि के अनुसार यहां बूथ संख्या 73 में बीएलओ अब्दुल रहमान का नाम क्रम संख्या 168 पर था, लेकिन नई मतदाता सूची में उसका नाम नदारद मिला। बीएलओ ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की। बीएलओ अब्दुल रहमान ने बताया कि उनके गांव के 73 भाग संख्या में ही 169 क्रम पर मो. सऊद का नाम भाग संख्या 70 में पहले से था, इसलिए इस नाम को हटाए जाने की संस्तुति उनके द्वारा की गई थी, लेकिन सऊद का नाम काटने के बजाय बीएलओ का नाम ही हटा दिया गया।
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बताया कि दरअसल मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने का काम बूथ लेबल ऑफिसर यानी बीएलओ का है। ऐसे में इनका ही नाम कटना हैरान करने वाला है। तहसीलदार रुदौली प्रज्ञा सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा प्रकरण है तो उसका नाम दोबारा जोड़वा दिया जाएगा। बीएलओ को तो सारी प्रक्रिया पता है। वहीं, एसडीएम विपिन सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच करवाने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
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जिलेभर में मतदान केंद्रों पर रविवार को मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान चला। इस दौरान वोटरों के नाम गायब मिले। कुछ मृतकों के नाम भी सूची में थे, नाम में तमाम गलतियां सामने आईं। लोगों ने दुरुस्त कराने को लेकर फार्म भरे, साथ ही जिनके नाम नहीं थे, वे भी नाम डलवाने के लिए सक्रिय नजर आए।
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मवई प्रतिनिधि के अनुसार यहां बूथ संख्या 73 में बीएलओ अब्दुल रहमान का नाम क्रम संख्या 168 पर था, लेकिन नई मतदाता सूची में उसका नाम नदारद मिला। बीएलओ ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की। बीएलओ अब्दुल रहमान ने बताया कि उनके गांव के 73 भाग संख्या में ही 169 क्रम पर मो. सऊद का नाम भाग संख्या 70 में पहले से था, इसलिए इस नाम को हटाए जाने की संस्तुति उनके द्वारा की गई थी, लेकिन सऊद का नाम काटने के बजाय बीएलओ का नाम ही हटा दिया गया।
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बताया कि दरअसल मतदाता सूची में नाम जोड़ने और काटने का काम बूथ लेबल ऑफिसर यानी बीएलओ का है। ऐसे में इनका ही नाम कटना हैरान करने वाला है। तहसीलदार रुदौली प्रज्ञा सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि ऐसा प्रकरण है तो उसका नाम दोबारा जोड़वा दिया जाएगा। बीएलओ को तो सारी प्रक्रिया पता है। वहीं, एसडीएम विपिन सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच करवाने के बाद दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।