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मंदिर निर्माण की भव्यता से रू-ब-रू हुए उपराष्ट्रपति
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अयोध्या में रामजन्म भूमि परिसर में दर्शन पूजन के दौरान उप राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति एम वेंकैया ना
- फोटो : FAIZABAD
अयोध्या। रामजन्मभूमि परिसर में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का भव्य स्वागत सत्कार किया गया। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र, महंत दिनेंद्र दास, बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने उपराष्ट्रपति की अगुवानी की।
ट्रस्ट की ओर से थ्री डी वीडियो के जरिए उपराष्ट्रपति को मंदिर की भव्यता व निर्माण की तकनीक से अवगत कराया गया तो उपराष्ट्रपति भी मंदिर की लंबी आयु को लेकर आश्वस्त दिखे।
रामजन्मभूमि परिसर में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उपराष्ट्रपति को मंदिर मॉडल भेंट किया। इसके बाद थ्री डी वीडियो के जरिए उप राष्ट्रपति वेकैंया नायडू, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी।
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थ्री डी वीडियो के जरिए राममंदिर की नींव से लेकर अब तक हुए कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। चंपत राय ने बताया कि राममंदिर की नींव 50 फीट गहरी है।
इतनी मजबूत नींव शायद ही किसी भवन या मंदिर की हो। नींव के ऊपर 21 फीट ऊंचा फाउंडेशन बनाया जा रहा है। इसी फाउंडेशन पर रामलला का गर्भगृह आकार लेगा।
उन्होंने बताया कि मंदिर 400 खंभों पर टिका होगा तकनीक व भव्यता के मामले में यह भारत के चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा। चंपत राय ने यह भी बताया कि दिसंबर 2023 तक रामलला को भव्य गर्भगृह में विराजमान कर भक्तों के लिए दर्शन शुरू करा दिया जाएगा।
राष्ट्रपति राममंदिर की भव्यता व तकनीक से संतुष्ट नजर आए। उपराष्ट्रपति ने अपने फेसबुक पेज पर मंदिर के निर्माण कार्य का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, ‘श्रीराम के भव्य मंदिर के सुव्यवस्थित और सुनियोजित निर्माण के लिए, भारत सरकार द्वारा स्थापित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट, हम सभी के अभिनंदन का पात्र है।
मुझे यह बताया गया कि मंदिर की सुंदरता और मजबूती बढ़ाने के लिए, निर्माण में स्टोन इंटरलॉकिंग तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। सीता कूप और कुबेर टीला जैसे प्राचीन इमारतों का मूल स्वरूप बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेष सराहनीय है कि 70 एकड़ के इस परिसर में श्रद्धालुओं की सुगमता और सहायता के लिए केंद्र बनाया जा रहा है।
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ट्रस्ट की ओर से थ्री डी वीडियो के जरिए उपराष्ट्रपति को मंदिर की भव्यता व निर्माण की तकनीक से अवगत कराया गया तो उपराष्ट्रपति भी मंदिर की लंबी आयु को लेकर आश्वस्त दिखे।
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रामजन्मभूमि परिसर में श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने उपराष्ट्रपति को मंदिर मॉडल भेंट किया। इसके बाद थ्री डी वीडियो के जरिए उप राष्ट्रपति वेकैंया नायडू, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या को मंदिर निर्माण की प्रगति की जानकारी दी।
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थ्री डी वीडियो के जरिए राममंदिर की नींव से लेकर अब तक हुए कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया। चंपत राय ने बताया कि राममंदिर की नींव 50 फीट गहरी है।
इतनी मजबूत नींव शायद ही किसी भवन या मंदिर की हो। नींव के ऊपर 21 फीट ऊंचा फाउंडेशन बनाया जा रहा है। इसी फाउंडेशन पर रामलला का गर्भगृह आकार लेगा।
उन्होंने बताया कि मंदिर 400 खंभों पर टिका होगा तकनीक व भव्यता के मामले में यह भारत के चुनिंदा मंदिरों में शामिल होगा। चंपत राय ने यह भी बताया कि दिसंबर 2023 तक रामलला को भव्य गर्भगृह में विराजमान कर भक्तों के लिए दर्शन शुरू करा दिया जाएगा।
राष्ट्रपति राममंदिर की भव्यता व तकनीक से संतुष्ट नजर आए। उपराष्ट्रपति ने अपने फेसबुक पेज पर मंदिर के निर्माण कार्य का भी जिक्र किया है। उन्होंने लिखा है, ‘श्रीराम के भव्य मंदिर के सुव्यवस्थित और सुनियोजित निर्माण के लिए, भारत सरकार द्वारा स्थापित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट, हम सभी के अभिनंदन का पात्र है।
मुझे यह बताया गया कि मंदिर की सुंदरता और मजबूती बढ़ाने के लिए, निर्माण में स्टोन इंटरलॉकिंग तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। सीता कूप और कुबेर टीला जैसे प्राचीन इमारतों का मूल स्वरूप बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विशेष सराहनीय है कि 70 एकड़ के इस परिसर में श्रद्धालुओं की सुगमता और सहायता के लिए केंद्र बनाया जा रहा है।

अयोध्या में रामजन्म भूमि परिसर में हस्ताक्षर करते उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ।-संवाद- फोटो : FAIZABAD