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उफनाई सरयू,तटवर्ती इलाकों में हड़कंप
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jul 2015 10:12 PM IST
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हालांकि अभी भी नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से 69 सेंटीमीटर नीचे है। नदी में बाढ़ के संभावित खतरे को लेकर तटवर्ती इलाकों में हलचल बढ़ गई है।
वहीं नदी के बढ़ते-गिरते जलस्तर से कटान भी तेजी से होने लगी है। पूराब्लॉक में नदी से सटे गांवों के लगभग दर्जन भर घर कटान की जद में हैं।
पखवारे भर पूर्व बनबसा बैराज से 2.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में डेढ़ मीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी हो गई थी।
हालांकि जलस्तर में ठहराव के साथ गिरावट शुरू हो जाने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा कम हो गया था। लेकिन दो दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर नदी के जलस्तर में दिखने लगा है।
नदी का जलस्तर 24 घंटे में 34 सेंटीमीटर बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शनिवार शाम पांच बजे जलस्तर 91.700 मीटर पर था।
जो दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए रविवार शाम पांच बजे 92.040 मीटर पर पहुंच गया है। बताया गया कि सोमवार को जलस्तर स्थिर हो जाने की संभावना है।
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वहीं लाल निशान की तरफ तेजी से बढ़ते जलस्तर से जिले के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को लेकर हलचल बढ़ गई है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ चौकियां खोले जाने, राहत व बचाव के लिए नाव लगाए जानें और राजस्व कर्मियों की तैनाती पूर्व में ही कर दी गई हैं।
क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों मूड़ाडीहा, पूरे चेतन, माझा सलेम पुर, पिपारी संग्रम, उरदहवा बस्ती के लगभग दर्जनों परिवार ने मवेशियों के साथ बिल्वहरिघाट-अयोध्या बंधा पर घास-फूस व तिरपाल के नीचे सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। ग्राम प्रधान तेज बहादुर निषाद ने बताया कि पारसनाथ, धर्मराज, जगदीश, राम वचन, गुरुप्रसाद व नैजी निषाद का घर कटान की कगार पर है।
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वहीं नदी के बढ़ते-गिरते जलस्तर से कटान भी तेजी से होने लगी है। पूराब्लॉक में नदी से सटे गांवों के लगभग दर्जन भर घर कटान की जद में हैं।
पखवारे भर पूर्व बनबसा बैराज से 2.79 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद सरयू नदी के जलस्तर में डेढ़ मीटर से अधिक की बढ़ोत्तरी हो गई थी।
हालांकि जलस्तर में ठहराव के साथ गिरावट शुरू हो जाने से तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा कम हो गया था। लेकिन दो दिनों से पहाड़ों पर हो रही बारिश का असर नदी के जलस्तर में दिखने लगा है।
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नदी का जलस्तर 24 घंटे में 34 सेंटीमीटर बढ़ गया है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक शनिवार शाम पांच बजे जलस्तर 91.700 मीटर पर था।
जो दो सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ते हुए रविवार शाम पांच बजे 92.040 मीटर पर पहुंच गया है। बताया गया कि सोमवार को जलस्तर स्थिर हो जाने की संभावना है।
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वहीं लाल निशान की तरफ तेजी से बढ़ते जलस्तर से जिले के तटीय क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को लेकर हलचल बढ़ गई है। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ चौकियां खोले जाने, राहत व बचाव के लिए नाव लगाए जानें और राजस्व कर्मियों की तैनाती पूर्व में ही कर दी गई हैं।
क्षेत्र के बाढ़ से प्रभावित होने वाले गांवों मूड़ाडीहा, पूरे चेतन, माझा सलेम पुर, पिपारी संग्रम, उरदहवा बस्ती के लगभग दर्जनों परिवार ने मवेशियों के साथ बिल्वहरिघाट-अयोध्या बंधा पर घास-फूस व तिरपाल के नीचे सुरक्षित ठिकाना बना लिया है। ग्राम प्रधान तेज बहादुर निषाद ने बताया कि पारसनाथ, धर्मराज, जगदीश, राम वचन, गुरुप्रसाद व नैजी निषाद का घर कटान की कगार पर है।